सफलता में दिशाओं का महत्व

सफलता में दिशाओं का महत्व  

कुछ छोटी-छोटी बातें हैं जिनके अनुपालन से तथा उसी के अनुरूप गृह संयोजन से भाग्य आकर्षित होते हैं, जीवन से निराशा, अंधकार एवं दुर्भाग्य का शमन होता है। यदि आपका घर, कार्यालय अथवा प्रतिष्ठान ही नकारात्मक ऊर्जा से ओत-प्रोत होगा अथवा बीमार होगा, तो आप कैसे सुखी रह सकते हैं। जब आप कष्टों से घिर गए हैं, असहज महसूस कर रहे हैं अथवा आपका सोचा हुआ काम नहीं हो पा रहा है तो हो सकता है कि इसका एक कारण घर में नकारात्मक ऊर्जा का समावेश हो। अतः थोड़ी सावधानी बरतने से तथा अच्छे वास्तु, फेंग शुई विशेषज्ञ से सलाह लेकर उनका अनुपालन करने से आपके कष्ट दूर हो सकते हैं तथा जीवन में बहार आ सकती है। दिशाएं कुल आठ होती हैं जिसमें चार प्रमुख दिशाएं - पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण तथा चार विदिशाएं उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम तथा उत्तर-पश्चिम शामिल हैं। इन आठों दिशाओं के अलावा घर के केंद्रीय हिस्से का भी महत्त्व है। इन सभी दिशाओं का हमारे जीवन के महत्वपूर्ण मामलों से गहरा संबंध है। यदि हम जीवन के किसी भी पक्ष से असंतुष्ट हैं तथा यदि हमें ऐसा लगता है कि हमारे जीवन में उस अवयव की प्रधानता होनी चाहिए अथवा और अधिक मात्रा में हमारे जीवन में उसका समावेश होना चाहिए तो हम उस अवयव से संबंधित दिशा को महत्त्व प्रदान कर तथा अपनी उस अवयव से संबंधित गतिविधियों को उसी दिशा में संचालित कर अच्छी सफलता प्राप्त कर सकते हैं। घर के इन नौ सेक्टरों की पहचान बागुआ अष्टकोण की सहायता से अच्छी तरह से की जा सकती है। इन नौ सेक्टरों एवं उनसे जुड़ी जीवन की गतिविधियों का विवरण तथा उस दिशा को उन्नत करने के उपाय का वर्णन नीचे किया जा रहा है: दक्षिण दिशा: करियर दक्षिण सेक्टर का संबंध करियर से है। यह सेक्टर आपके जीवन के महत्त्वपूर्ण पहलुओं करियर अथवा आपकी जीवनवृत्ति से संबंधित है। यह आपके विकास एवं तरक्की का द्योतक है। यदि आपके घर अथवा आॅफिस का यह सेक्टर ठीक है तो आप उत्तरोत्तर प्रगति करेंगे, यदि यह सेक्टर दोषपूर्ण है तो आपके करियर एवं विकास में बाधाएं उपस्थित होंगी। उपाय 1. इस सेक्टर में लाल रंग करवाएं। इसे साफ सुथरा रखें। 2. एक 100 वाट के बल्ब को अपने आॅफिस अथवा घर में ऊध्र्वमुखी होल्डर में फिक्स करें। दक्षिण-पश्चिम दिशा: कुशलता एवं ज्ञान दक्षिण-पश्चिम दिशा का संबंध जीवन के अति महत्वपूर्ण पहलू कुशलता, बुद्धिमत्ता एवं ज्ञान से है। साथ ही यह हर प्रकार के अध्ययन एवं शिक्षा, साधना तथा अंतज्र्ञान एवं आत्मबोध से भी संबंधित क्षेत्र है। अतः इस क्षेत्र का सही तरीके से उपयोग उत्थान एवं उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है। उपाय 1. इस सेक्टर में टैन, ब्राउन एवं येलो कलर करवाएं। क्षेत्र को साफ-सुथरा रखें। 2. एक 100 वाट के बल्ब को उध्र्वमुखी अपने घर अथवा आॅफिस में लगाएं। पश्चिम दिशा: परिवार पश्चिम दिशा नजदीकी परिवार एवं पारिवारिक संबंधों का प्रतिनिधित्व करता है। परिवार से संबंधित भूत, वर्तमान एवं भविष्य हर प्रकार के आवश्यक अवयवों का आधार घर का पश्चिमी सेक्टर है। अतः घर में सौहार्दपूर्ण वातावरण एवं सामंजस्यपूर्ण संबंधों की स्थापना के लिए इस सेक्टर पर ध्यान देना आवश्यक है। उपाय 1. इस क्षेत्र में गोल्डेन, सिल्वर, ह्वाइट अथवा ब्राँज कलर करवाएं। क्षेत्र को साफ सुथरा रखें। 2. दो क्रिस्टल बाॅल इस सेक्टर में लगाएं। उत्तर-पश्चिम दिशा: समृद्धि उत्तर-पश्चिम दिशा का संबंध आपकी समृद्धि, धन तथा इन्हें प्राप्त करने करने की आपकी योग्यता से है। अतः आज के भौतिकवादी युग में इस सेक्टर का महत्व आपके लिए सर्वाधिक है क्योंकि धन एवं समृद्धि सुखी एवं विलासितापूर्ण जीवन का आधार है जिसकी कामना हर किसी को होती है। उपाय 1. इस क्षेत्र में गोल्डेन, सिल्वर, ह्वाइट अथवा ब्राँज कलर कराएं। क्षेत्र को साफ-सुथरा रखें। 2. इस दिशा में वेल्थ शिप रखें। उत्तर दिशा: यश एवं सम्मान आपके घर अथवा वातावरण का प्रत्यक्ष संबंध उत्तर दिशा से है। इस दिशा के प्रभाव से ही पता चलता है कि लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं, आपको किस नजर से देखते हैं तथा किस प्रकार का सम्मान आपके लिए उनके मन में है। मान, यश, कीर्ति एवं सम्मान ही इस जीवन की असली कमाई है। अतः, इसे तो हर कोई अर्जित करना चाहता ही है। यह सेक्टर आपकी महत्वाकांक्षा को भी दर्शाता है। उपाय 1. इस सेक्टर में डार्क ग्रीन कलर करवाएं। 2. घर के इस सेक्टर में हाथ ऊपर किए हुए अथवा धन की टोकरी लिए हुए लाफिंग बुद्धा की मूर्ति रखें। उत्तर-पूर्व दिशा: संबंध, प्रेम एवं विवाह इस दिशा का संबंध आपसी रिश्तेदारी, प्रेम एवं विवाह से है। यहां संबंध का तात्पर्य आपके पति/पत्नी, साझेदार, परिवार के लोगों एवं दोस्तों के साथ आपसी संबंधों से है। अतः यह सेक्टर भी अपने आप में काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि सफल संबंधों के बगैर जीवन की गाड़ी चल ही नहीं सकती। उपाय 1. इस सेक्टर में बेज़ एवं येलो कलर करवाएं। क्षेत्र को साफ-सुथरा रखें। 2. इस सेक्टर में एक्वेरियम लगाएं। 3. इस सेक्टर में लव बडर््स अथवा मेंडेरिन डक्स रखें। पूर्व दिशाः क्रिएटिविटी एवं बच्चे आपके घर की पूर्व दिशा अथवा सेक्टर आपके बच्चों के साथ अंतर्संबंध, आपके रचनात्मक कार्यों एवं कार्य-निष्पादन की आपकी योग्यता से संबंध रखता है। बच्चे आपके जीवन के अभिन्न अंग हैं तथा उनकी तथा आपकी क्रिएटिविटी आपकी सफलता के लिए आवश्यक है। अतः इस दिशा को एक्टिवेट करना आवश्यक है। उपाय 1. इस सेक्टर में स्काई एवं पर्पल कलर करवाएं। 2. इस सेक्टर में एक्वेरियम लगाएं। दक्षिण-पूर्व दिशा: सहायक लोग एवं यात्रा इस दिशा अथवा सेक्टर का संबंध आपके जीवन के उन महत्वपूर्ण लोगों से है जो सदैव आपके साथ खड़ा रहते हैं तथा हर काम में आपकी सहायता करते हैं। साथ ही इस सेक्टर का संबंध यात्रा से भी है। अतः यदि आप चाहते हैं कि लोग आपकी सहायता करें अथवा आप देश/विदेश की यात्रा पर जाएं तो इस सेक्टर को अवश्य एक्टिवेट करें। इस सेक्टर का संबंध उन सभी लोगों से है जो आपकी समस्या हल करने में आपकी सहायता करते हैं, आपकी यात्रा का प्रबंध करते हैं। उपाय 1. इस सेक्टर के लिए प्रधान रंग हैं काला एवं लाल। अतः इनका सामंजस्यपूर्ण प्रयोग करें। 2. इस सेक्टर में होलिस्टिक लैंप जलाएं। केंद्र अथवा मध्य सेक्टर: स्वास्थ्य अच्छा स्वास्थ्य ही क्रियाशीलता एवं हर प्रकार की गतिविधियों का आधार है। कहा भी गया है हेल्थ इज वेल्थ। अतः अच्छा स्वास्थ्य जीवन की सर्वाधिक प्रमुख आवश्यकता है। इस सेक्टर का संबंध जीवन के किसी एक अवयव से नहीं है बल्कि समस्त अवयवों की सफलता इस सेक्टर पर निर्भर करती है क्योंकि स्वास्थ्य हमारे संपूर्ण गतिविधियों को प्रभावित करती है। अतः उत्तम स्वास्थ्य के लिए इस सेक्टर को एक्टिवेट करना आवश्यक है। उपाय 1. इस सेक्टर में हल्का क्रीम रंग करवाएं। 2. इस सेक्टर को सामान आदि से यथासंभव मुक्त रखें। 3. इस सेक्टर में फुक लुक साउ एवं ची लिन रखें।


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