अबकी बार किसका बिहार

अबकी बार किसका बिहार  

व्यूस : 2998 | अकतूबर 2015

वर्तमान में श्री नरेंद्र मोदी भाजपा के सबसे शक्तिशाली एवं सबसे लोकप्रिय नेता के रूप में उभर कर सामने आये हैं। आज के समय में उनकी बराबरी करने वाला कोई दूसरा नेता नहीं है। भाजपा की चुनावी रणनीति भी नरेंद्र मोदी पर आधारित है चाहे केंद्र के चुनाव हों या राज्यों के चुनाव हों मुख्य चेहरा मोदी ही होते हैं। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा को 2014 के लोकसभा चुनाव में अप्रत्याशित विजय मिली, उसके बाद अनेक राज्यों में मोदी के नेतृत्व में चुनाव लड़ने से भाजपा को शानदार सफलता मिली। परंतु फरवरी 2015 में दिल्ली प्रदेश के चुनावों में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। उस समय विरोधियों को मोदी को घेरने का मौका मिल गया।

हालांकि हार के जो भी कारण रहे हांे, किंतु ऐसा अचानक क्यों हो गया। इस संबंध में मोदी की ग्रह दशा, गोचर से पता चलता है कि यह हार क्यों हुई। मोदी जी की 3 जनवरी 2015 तक चंद्रमा में गुरु की अंतर्दशा चल रही थी। चंद्रमा भाग्येश होकर लग्नेश के साथ युति संबंध होने से प्रबल राज योग बना रहा है। दूसरी ओर बृहस्पति भी पंचमेश होकर चंद्रमा तथा लग्न से केंद्र में होने से अत्यंत शुभ है। जब तक इनकी चंद्रमा में बृहस्पति अंतर्दशा रही तब तक इनका विजयी रथ चलता रहा। परंतु जैसे ही चंद्रमा में शनि की अंतर्दशा प्रारंभ हुई वैसे ही इनका विजयी रथ दिल्ली में रूक गया क्योंकि वृश्चिक लग्न तथा राशि के लिए शनि योगकारक ग्रह नहीं है एवं गोचर में शनि चंद्रमा के ऊपर गोचर करने से अत्यंत अशुभ हो रहा है।


जीवन की सभी समस्याओं से मुक्ति प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें !


चंद्रमा और शनि आपस में शत्रु भी हैं जिसके कारण चंद्रमा में शनि की अंतर्दशा में इनकी दिल्ली में हार हुई तथा आगे 14 मार्च 2015 से 2 अगस्त 2015 तक शनि के वक्री अवस्था में होने से विरोधी पक्ष के आरोप-प्रत्यारोप के कारण इनको अत्यंत मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अक्तूबर 2015 में बिहार विधान सभा का चुनाव होगा तथा इस चुनाव में श्री नरेंद्र मोदी ही पार्टी का चेहरा रहेंगे। इस संबंध में उनकी ग्रह दशा उनके लिए कैसी रहेगी इस संबंध में विचार करेंगे। वर्तमान में इनकी चंद्रमा में शनि की अंतर्दशा में शुक्र की प्रत्यंतर्दशा 3 नवंबर 2015 तक रहेगी, चंद्रमा में शनि की अंतर्दशा में शुक्र की प्रत्यंतर्दशा अच्छी रहेगी क्योंकि शनि भी अब मार्गी हो गये हैं तथा शनि शुक्र दोनों मित्र होकर दशम स्थान में स्थित हैं।

इसलिए यह दशा अवधि मोदी तथा भाजपा के लिए पहले से बेहतर रहेगी। इसी अवधि में ये बिहार में चुनाव प्रचार करेंगे। इनको अपने चुनाव प्रचारों में धीरे-धीरे सफलता प्राप्त होती नजर आयेगी। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आयेगा वैसे-वैसे भाजपा का ग्राफ बढ़ता जायेगा। लगभग जब चुनाव के नतीजे आयेंगे उस समय का ग्रह गोचर भी शुभ प्रतीत होता है। 4 नवंबर से चंद्रमा में शनि की अंतर्दशा में सूर्य की प्रत्यंतर्दशा प्रारंभ होगी। सूर्य दशमेश होकर लाभ स्थान में लाभेश के साथ स्थित है जो कि शुभफलदायक रहेगा।

वहीं दूसरी ओर गोचर में मंगल और शुक्र 4 नवंबर से लाभ भाव में गोचर करेंगे जिसके फलस्वरूप बिहार चुनावों में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा के सफलता मिलने की अच्छी संभावना है तथा सुशील मोदी भाजपा के मुख्यमंत्री बन सकते हैं। श्री नीतीश कुमार जी की वर्तमान समय में राहु की महादशा में गुरु की अंतर्दशा चल रही है। पीछे जब इनकी राहु में गुरु की अंतर्दशा जुलाई 2014 से आरंभ हुई उससे थोड़े ही समय पहले इनकी लोक सभा चुनाव में करारी हार हुई तथा इन्हें अपने पद से त्याग पत्र भी देना पड़ा। अभी आगे राहु में गुरु की अंतर्दशा 17 दिसंबर 2016 तक रहेगी।

यह अंतर्दशा इनके लिए खराब रहेगी, क्योंकि इनका मिथुन लग्न है और इस लग्न के लिए बृहस्पति मारकेश, बाधकेश होने से अशुभ होता है जिसके कारण इन्हें बृहस्पति अधिक शुभ फल प्रदान नहीं करेगा, कोई बड़ी सफलता प्राप्त होने में संदेह है। इसके कारण से इनकी आगे मुख्यमंत्री बनने की संभावना कम है। यह आकलन ज्योतिषीय ग्रह, नक्षत्रों के आधार पर किया गया है। वास्तव में पूर्ण सत्य भविष्यवक्ता तो परमेश्वर हैं।


अपनी कुंडली में सभी दोष की जानकारी पाएं कम्पलीट दोष रिपोर्ट में


Ask a Question?

Some problems are too personal to share via a written consultation! No matter what kind of predicament it is that you face, the Talk to an Astrologer service at Future Point aims to get you out of all your misery at once.

SHARE YOUR PROBLEM, GET SOLUTIONS

  • Health

  • Family

  • Marriage

  • Career

  • Finance

  • Business

नवरात्र एवं दीपावली विशेषांक  अकतूबर 2015

फ्यूचर समाचार का यह विशेषांक देवी दुर्गा एवं धन की देवी लक्ष्मी को समर्पित है। वर्तमान भौतिकवादी युग में धन की महत्ता सर्वोपरि है। प्रत्येक व्यक्ति की इच्छा अधिक से अधिक धन अर्जिक करने की होती है ताकि वह खुशहाल, समृद्ध एवं विलासिता पूर्ण जीवन व्यतीत कर सके। हालांकि ईश्वर ने हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग अनुपात में खुशी एवं धन निश्चित कर रखे हैं, किन्तु मनोनुकूल सम्पन्नता के प्रयास भी आवश्यक है। इस विशेषांक में अनेक उत्कृष्ट आलेखों का समावेश किया गया है जो आम लोगों को देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त कर सम्पन्नता अर्जित करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। इन आलेखों में से कुछ महत्वपूर्ण आलेख इस प्रकार हैं- मां दुर्गा के विभिन्न रूप, दीपक और दीपोत्सव का पौराणिक महत्व एवं इतिहास, दीपावली का पूजन कब और कैसे करें, दीपावली के दिन किये जाने वाले धनदायक उपाय, तन्त्र साधना एक विवेचन आदि इन आलेखों के अतिरिक्त कुछ दूसरे स्थायी स्तम्भों के आलेख में समाविष्ट किये गये हैं।

सब्सक्राइब


.