दीपावली पर उपाय फिर भी लक्ष्मी की स्थायी कृपा क्यों नही

दीपावली पर उपाय फिर भी लक्ष्मी की स्थायी कृपा क्यों नही  

हिंदू धर्म में मनाये जाने वाले विभिन्न त्यौहारों में से दीपावली का त्यौहार कुछ विशेष ही महत्व रखता है। वर्तमान में तो दीपावली पर होने वाली पूजा का केवल एक ही मकसद रह गया है कि किस प्रकार से मां लक्ष्मी को प्रसन्न किया जाय कि घर में धन दौलत का स्थायी वास हो जाय। हर वर्ष दीपावली आती है, पूजा की जाती है, धन की देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिये विभिन्न उपाय भी किये जाते हैं, परंतु अधिकतर मामलों में धन की स्थिति जस की तस। आखिर क्यों? क्योंकि हम अपने जीवन में ऋषि मुनियों द्वारा बताये गये कुछ आवश्यक नियमों को भूलते जा रहे हैं। यदि हम चाहते हैं कि हमारे घरों में व परिवार में हर्ष उल्लास का वातावरण बना रहे, सुख समृद्धि छायी रहे व आवश्यक धन निर्बाध रुप से आता रहे, तो इसके लिये दीपावली के विशेष उपायों से भी पहले कुछ नियम सदैव याद रखना चाहिये जो इस प्रकार हैं - कभी न किसी का बुरा सोचें और न ही किसी का बुरा करें। अपितु प्रत्येक दिन किसी न किसी व्यक्ति या पशु का भला अवश्य करें। प्रतिदिन गाय, कुत्ते व कौए को एक-एक रोटी अवश्य निकाल कर खिलायें। चींटियों को भी प्रतिदिन आटा डालें। प्रत्येक अमीर या गरीब व्यक्ति को यथाशक्ति अपनी आय में से कुछ भाग प्रति माह किसी धार्मिक कार्य में या दानादि में देना चाहिये। कभी किसी से कोई भी चीज मुफ्त में नहीं लेनी चाहिये। उसकी कोई न कोई कीमत अवश्य देनी चाहिये। किसी व्यक्ति को धोखा देकर धन संचय नहीं करना चाहिये। ऐसा धन उस धोखेबाज व उसके परिवार पर कर्ज के रुप में चढ़ जाता है जो उसे मिलने वाली समृद्धि, सफलता व भाग्य में बाधायें ही डालता है। लक्ष्मी स्वरुप प्रत्येक स्त्री को पूर्ण सम्मान दें। अपनी मां, पत्नी, बहन, बेटी को यथायोग्य उपहार अवश्य दें। मां लक्ष्मी की कृपा चाहने वाले घर के प्रत्येक मुखिया को रात के समय कभी चावल, दही, दूध व मूली का सेवन नहीं करना चाहिये। संध्या के समय सोना नहीं चाहिये व झाड़ू भी नहीं लगाना चाहिये। किसी मंगलवार को कोई कर्ज नहीं लेना चाहिये बल्कि बुधवार को ले सकते हैं। आईये अब जानते हैं उन विशेष उपायों के बारे में जो आपको इस दीपावली पर मां लक्ष्मी की असीम कृपा दिला सकते हैं और धन का स्थायी वास करवा सकते हैं - - दीपावली के दिन सवा सौ ग्राम साबुत बासमती चावल व सवा सौ ग्राम मिश्री को एक सफेद रुमाल में बांध कर मां लक्ष्मी से अपनी गलतियों की क्षमा मांगते हुये उनसे अपने घर में स्थायी रुप से रहने की प्रार्थना करते हुये उस रुमाल को बहते हुये जल में संध्या समय प्रवाहित कर दें। ऐसा लगातार 9 अमावस करें। धीरे-धीरे लक्ष्मी का स्थायी वास आपके घरों में होता जायेगा। - दीपावली से शुरु कर 108 दिन सूर्योदय समय मां लक्ष्मी के चित्र के सामने श्रीसूक्त का पाठ अपने सामने मिश्री युक्त जल रखकर अवश्य ही करना चाहिये। तत्पश्चात् उस जल को पी लेना चाहिये और किसी 8 साल से छोटी कन्या को खीर खिलानी चाहिये। इससे निश्चय ही मां लक्ष्मी की कृपा दृष्टि बनी रहती है। - दीपावली के दिन सुबह नहा धोकर घर के पूजा स्थल व तिजोरी में सफाई कर लाल कपड़ा बिछा दें और धूप-दीप जलाकर पूजा करें। तत्पश्चात् रोजाना संध्या समय घर की स्त्री नियमपूर्वक 3 अगरबत्ती जलाकर पूजा करें तो लक्ष्मी का स्थायी वास उस घर में होने लगता है। - दीपावली के दिन व उसके बाद के प्रत्येक शुक्रवार के दिन घर की स्त्री साबूदाने की खीर को मिश्री व केसर डाल कर बनाये और फिर उसे मां लक्ष्मी को अर्पित करते हुये अपने जीवन में स्थायी सुख, सौभाग्य व समृद्धि की प्रार्थना करनी चाहिये। तत्पश्चात् घर का प्रत्येक सदस्य उस खीर का सेवन करे तो घर में ंआमदनी बढ़ने लगती है। - दीपावली के दिन घर में एक तुलसी का पौधा लगाकर, उसे एक लाल चुनरी चढ़ाकर वहां पर संध्या के समय रोजाना 108 दिन लगातार घी का दीपक जलाने से मां लक्ष्मी उस घर से कभी भी नहीं जाती है। - दीपावली के दिन से शुरु कर उसके बाद के प्रत्येक शुक्रवार को लक्ष्मी नारायण मंदिर में गुड़ चना बांटने से और मां लक्ष्मी को सुगंधित अगरबत्ती चढ़ाने व जलाने से व्यक्ति को जीवन भर धन लाभ की प्राप्ति होती रहती है। - दीपावली के दिन सुबह नहा धोकर अपने इष्ट देव को याद करके किसी सफेद फूल का सुगंधित इत्र लगाने से व उसके बाद प्रतिदिन उस इत्र को लगाकर अपने कार्यक्षेत्र पर जाने से धन का आगमन होने लगता है। - दीपावली के दिन पांच कपूर और रोली जलाकर उसकी राख को सफेद कागज में पुड़िया बनाकर अपने घर व दुकान की तिजोरी में रखने से और उसके बाद पांच कन्याओं को शृंगार सामग्री के साथ उचित दक्षिणा देने से धन वृद्धि होने लगती है। - दीपावली के दिन से ही यह नियम बना लें कि घर में बनने वाली पहली तीन रोटी घी व हल्का मीठा लगाकर गाय, कुत्ते व पक्षियों को डाली जायेगी व प्रत्येक गुरुवार को प्रातः तुलसी में थोड़ा कच्चा दूध डालने से उस घर में लक्ष्मी का स्थायी वास होता है। - दीपावली के दिन घर के ईशान कोण में किसी सुंदर मिट्टी के कलश में स्वच्छ व साफ जल रखें और रोजाना उसे बदलते भी रहें। पुराने जल का घर में छिड़काव करें व शेष जल तुलसी में डाल दें। ऐसा लगातार करने से मां लक्ष्मी सदा प्रसन्न रहती हैं। - दीपावली के दिन घर में एक ऐसी तस्वीर या मूर्ति लायें जिसमें भगवान कृष्ण एक गाय के आगे खडे़ होकर बंसी बजा रहे हों और उसे घर के ईशान कोण में लगा दें। तत्पश्चात् रोजाना श्रीकृष्ण वंदना करें। धन की अनुकंपा बनी रहती है। - दीपावली के दिन घर का मालिक अपनी तिजोरी को साफ करके वहां स्फटिक श्री यंत्र की स्थापना करे व उसके साथ-साथ मंगल पिरामिड की भी स्थापना करे और प्रतिदिन उसे धूप-दीप दिखाकर पूजा करें तो घर में मां लक्ष्मी का स्थायी वास होने लगता है।

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नवरात्र एवं दीपावली विशेषांक  अकतूबर 2015

फ्यूचर समाचार का यह विशेषांक देवी दुर्गा एवं धन की देवी लक्ष्मी को समर्पित है। वर्तमान भौतिकवादी युग में धन की महत्ता सर्वोपरि है। प्रत्येक व्यक्ति की इच्छा अधिक से अधिक धन अर्जिक करने की होती है ताकि वह खुशहाल, समृद्ध एवं विलासिता पूर्ण जीवन व्यतीत कर सके। हालांकि ईश्वर ने हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग अनुपात में खुशी एवं धन निश्चित कर रखे हैं, किन्तु मनोनुकूल सम्पन्नता के प्रयास भी आवश्यक है। इस विशेषांक में अनेक उत्कृष्ट आलेखों का समावेश किया गया है जो आम लोगों को देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त कर सम्पन्नता अर्जित करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। इन आलेखों में से कुछ महत्वपूर्ण आलेख इस प्रकार हैं- मां दुर्गा के विभिन्न रूप, दीपक और दीपोत्सव का पौराणिक महत्व एवं इतिहास, दीपावली का पूजन कब और कैसे करें, दीपावली के दिन किये जाने वाले धनदायक उपाय, तन्त्र साधना एक विवेचन आदि इन आलेखों के अतिरिक्त कुछ दूसरे स्थायी स्तम्भों के आलेख में समाविष्ट किये गये हैं।

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