श्रीसूक्त की साधना देती है संपूर्ण समृद्धि

श्रीसूक्त की साधना देती है संपूर्ण समृद्धि  

नीलम शर्मा
व्यूस : 2878 | अकतूबर 2015

वैसे तो धन वृद्धि के लिए अनेक उपाय, मंत्र इत्यादि होते हैं परंतु श्री सूक्त में भगवती लक्ष्मी मां की विशेषतम् कृपा है जिसके पाठ से जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में ‘‘श्री’’ की प्राप्ति होती है तथा मां लक्ष्मी भगवान विष्णु के सहित घर में निवास करती हैं। दीपावली पर श्रीसूक्त साधना: भारतीय पर्वों में दीपावली सबसे महŸवपूर्ण व बड़ा पर्व है। समुद्र मंथन के समय मां लक्ष्मी का प्राकट्य इसी दिन हुआ था।

त्रेता युग में भगवान श्रीराम चैदह वर्ष के वनवास के पश्चात् इसी दिन अयोध्या लौटे थे। दीपावली का पर्व धन त्रयोदशी (धन तेरस) से ही प्रारंभ हो जाता है अतः इसी दिन से श्रीसूक्त की साधना आरंभ करें। सर्वप्रथम प्रातःकाल स्नानादि से निवृŸा होकर श्रीयंत्र, जो कि स्फटिक से निर्मित हो, लें। संभव न हो तो चंादी या ताम्रपत्र पर बना हुआ भी ले सकते हैं।

श्री यंत्र का गाय के कच्चे दूध एवं गंगाजल से अभिषेक करें तथा अपने पूजा स्थल पर स्वच्छ लाल वस्त्र पर स्थापित करें तथा लाल-पुष्प चढ़ाएं, फिर धूप, दीपक आदि समर्पित करें तथा ‘‘हरिः ऊँ’’ का दीर्घउच्चारण करके श्रीसूक्त का पाठ करें एवं धन-तेरस से भैया दूज तक नित्य प्रातः-सायं दोनों समय नियमित पाठ करें।

दीपावली वाले दिन भी लक्ष्मी, गणेश के साथ श्री यंत्र को पूजन में रखें तथा श्री सूक्त का पाठ करके नैवेद्य आदि अर्पित करें। दीपावली पर्व के उपरांत भी श्रीसूक्त का पाठ सदैव करते रहें। यदि एकाग्रता, निष्ठा, कुशलता व पूर्ण समर्पण भाव से श्रीसूक्त का पाठ करेंगे तो निश्चित ही माँ लक्ष्मी की विशेष कृपा तथा सच्ची समृद्धि प्राप्त होगी।

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नवरात्र एवं दीपावली विशेषांक  अकतूबर 2015

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फ्यूचर समाचार का यह विशेषांक देवी दुर्गा एवं धन की देवी लक्ष्मी को समर्पित है। वर्तमान भौतिकवादी युग में धन की महत्ता सर्वोपरि है। प्रत्येक व्यक्ति की इच्छा अधिक से अधिक धन अर्जिक करने की होती है ताकि वह खुशहाल, समृद्ध एवं विलासिता पूर्ण जीवन व्यतीत कर सके। हालांकि ईश्वर ने हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग अनुपात में खुशी एवं धन निश्चित कर रखे हैं, किन्तु मनोनुकूल सम्पन्नता के प्रयास भी आवश्यक है। इस विशेषांक में अनेक उत्कृष्ट आलेखों का समावेश किया गया है जो आम लोगों को देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त कर सम्पन्नता अर्जित करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। इन आलेखों में से कुछ महत्वपूर्ण आलेख इस प्रकार हैं- मां दुर्गा के विभिन्न रूप, दीपक और दीपोत्सव का पौराणिक महत्व एवं इतिहास, दीपावली का पूजन कब और कैसे करें, दीपावली के दिन किये जाने वाले धनदायक उपाय, तन्त्र साधना एक विवेचन आदि इन आलेखों के अतिरिक्त कुछ दूसरे स्थायी स्तम्भों के आलेख में समाविष्ट किये गये हैं।

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