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लेख

मंगली होना दोष नहीं, बल्कि योग है

जुलाई 2015

व्यूस: 31464

मंगली होना दोष नहीं, बल्कि योग है: सामान्यतः मांगलिक पत्रिका वाले जातक प्रतिभा संपन्न होते हैं तथा उनमें विशेष गुण पाये जाते हैं। मांगलिक होने का विशेष गुण यह है कि जातक किसी भी कार्य को पूर्ण लगन एवं...और पढ़ें

रत्नों को धारण करने से पहले जान लें ये 12 जरूरी बातें

जून 2021

व्यूस: 421

रत्न विज्ञान में प्रत्येक रत्न के धारण करने के लिए एक निश्चित माप तय किया गया है। अतः निश्चित माप का रत्न धारण करना ही लाभप्रद होता है उससे कम या अधिक का नहीं। रत्नों का नकारात्मक प्रभाव भी होता है।...और पढ़ें

लग्न कुंडली देखे या चलित कुंडली

जनवरी 2006

व्यूस: 100465

जब भविष्यवाणी करने की बात आती है तो भाव चलित कुंडली बहुत महत्वपूर्ण होती है। लोग प्रायः भ्रमित रहते हैं की किस कुंडली का प्रयोग किया जाए क्योंकि कभी कभार दोनों कुंडलियों में ग्रह स्थितियाँ अलग-अलग हो...और पढ़ें

कस्पल पद्धति

फ़रवरी 2016

व्यूस: 4749

लेख में प्रस्तुत कुंडली एक जातक की है जिसका जन्म 27.9.1974 को रात 23.05 बजे कोलकाता में हुआ। यह लेख लिखने तक इस जातक की आयु 41 वर्ष की हो चुकी है तथा अभी तक इस जातक का विवाह होना संभव नहीं हो पा...और पढ़ें

क्या आपके ग्रह देंगे उत्पादन इकाई

जनवरी 2006

व्यूस: 4003

उत्पादन कार्य एक जटिल, महंगा तथा तकनीकी कार्य रहा है। आज के प्रतिस्पर्धी युग में यह और भी जोखिम भरा तथा पेचीदा हो चला है। हर व्यक्ति, जो उत्पादन से जुड़ना चाहता है, उत्पादन कार्य में हाथ डालने से पहले ...और पढ़ें

हृदय रोग और ज्योतिष

जुलाई 2005

व्यूस: 4052

कार्डियाॅलाॅजिकल सोसाइटी के एक सर्वेक्षण के अनुसार हृदय रोग शहरों में 6ः और ग्रामीण क्षेत्रों में 3ः पाया जाता है। कुछ समय पूर्व तक यह रोग प्रौढ़ और वृद्ध लोगों में ही पाया जाता था। किंतु आज बच्चे और...और पढ़ें

ग्रह स्थिति एवं व्यापार

मई 2014

व्यूस: 4180

गोचर फल विचार मासारंभ में मंगल ग्रह का शनि व राहु से द्विद्र्वादश योग में रहना तथा सूर्य का शनि से समसप्तक योग में रहना राजनीतिज्ञों में परस्पर विरोधाभास को बढ़ाकर अशान्तमय माहौल पैदा करेगा।...और पढ़ें

मांगलिक योग: दांपत्य जीवन में दोष एवं निवारण

जुलाई 2015

व्यूस: 4138

जिस जातक की जन्मकुंडली में मंगल चतुर्थ, सप्तम, अष्टम, द्वादश भावों में स्थित होता है, उसे मांगलिक कहा जाता है। उपरोक्त भावों के अलावा द्वितीय भाव में मंगल की स्थिति को भी मंगली दोष मानते हैं। अर...और पढ़ें

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मंगली होना दोष नहीं, बल्कि योग है

मंगली होना दोष नहीं, बल्कि योग है: सामान्यतः मांगलिक पत्रिका वाले जातक प्रतिभा संपन्न होते हैं तथा उनमें विशेष गुण पाये जाते हैं। मांगलिक होने का विशेष गुण यह है कि जातक किसी भी कार्य को पूर्ण लगन एवं निष्ठा से करता है। आईये इसे विभिन्न लग्नों में देखने का प्रयास करते हैं

रत्नों को धारण करने से पहले जान लें ये 12 जरूरी बातें

रत्न विज्ञान में प्रत्येक रत्न के धारण करने के लिए एक निश्चित माप तय किया गया है। अतः निश्चित माप का रत्न धारण करना ही लाभप्रद होता है उससे कम या अधिक का नहीं। रत्नों का नकारात्मक प्रभाव भी होता है।

लग्न कुंडली देखे या चलित कुंडली

जब भविष्यवाणी करने की बात आती है तो भाव चलित कुंडली बहुत महत्वपूर्ण होती है। लोग प्रायः भ्रमित रहते हैं की किस कुंडली का प्रयोग किया जाए क्योंकि कभी कभार दोनों कुंडलियों में ग्रह स्थितियाँ अलग-अलग होती है।

कस्पल पद्धति

लेख में प्रस्तुत कुंडली एक जातक की है जिसका जन्म 27.9.1974 को रात 23.05 बजे कोलकाता में हुआ। यह लेख लिखने तक इस जातक की आयु 41 वर्ष की हो चुकी है तथा अभी तक इस जातक का विवाह होना संभव नहीं हो पाया। कस्पल कुंडली के माध्यम से हम यहां यह सुनिश्चित कर पायेंगे कि इतनी आयु होने के बाद भी जातक का विवाह क्यों नहीं हुआ तथा भविष्य में भी क्या कोई आशा है इस जातक का विवाह होने की।

क्या आपके ग्रह देंगे उत्पादन इकाई

उत्पादन कार्य एक जटिल, महंगा तथा तकनीकी कार्य रहा है। आज के प्रतिस्पर्धी युग में यह और भी जोखिम भरा तथा पेचीदा हो चला है। हर व्यक्ति, जो उत्पादन से जुड़ना चाहता है, उत्पादन कार्य में हाथ डालने से पहले ही इसकी सफलता को लेकर चिंतित हो जाता है। यह उचित भी है क्योंकि उसकी असफलता उसे मानसिक तथा आर्थिक दिवालियेपन की तरफ पहुंचा सकती है। किसी भी व्यक्ति को उत्पादन कार्य में सफलता के लिए चाहिए एक चतुर दिमाग, मजबूत इरादे, अच्छी वित्तीय स्थिति, धैर्य, सहनशीलता, अच्छी संगठन क्षमता, कुशल प्रशासन क्षमता, आत्मविश्वास, जोखिम लेने का साहस, अत्याधुनिक तकनीकी ज्ञान जो साथ-साथ बढ़ता रहे, अपने उत्पादन की श्रेष्ठता, उपयोगिता तथा उसके लोकप्रिय होने की दूर दृष्टि, संसाधनों का सही प्रयोग इत्यादि।

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