सब तीरथ बार-बार गंगा सागर एक बार

धार्मिक कार्यों के संपादन में तीर्थ अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे तीर्थों में गंगासागर का अपना अलग ही स्थान है। आइए, जानें गंगा सागर की स्थिति, उसकी कथा तथा मकर संक्रांति पर वहां लगने वाले मेले के बारे में... और पढ़ें

देवी और देवस्थानमन्दिर एवं तीर्थ स्थल

फ़रवरी 2011

व्यूस: 28642

एक सभ्य समाज के निर्माण की प्रक्रिया

विश्वव्यापी बहाई समुदाय इस कार्य में तल्लीन है कि किस प्रकार सभ्यता निर्माण की प्रक्रिया में यह अपना योगदान दे सके। यह दो प्रकार के योगदान को महत्व दे रहा है। पहले प्रकार का योगदान बहाई समुदाय के विकास और उन्नति से स... और पढ़ें

ज्योतिषस्थानअध्यात्म, धर्म आदिसुखविविध

मई 2014

व्यूस: 13158

कहां से और कैसे प्राप्त होता है रुद्राक्ष

रूद्राक्ष मूलतः एक जंगली फल है। रूद्राक्ष कहां से और कैसे प्राप्त होता है इस विषय से संबंधित जानकारी इस आलेख में दी जा रही है...... और पढ़ें

स्थानरूद्राक्ष

मई 2010

व्यूस: 13105

कालसर्प एवं द्वादश ज्योतिर्लिंग

कालसर्प योग की जन्मांग में उपस्थिति मात्र से जनसामान्य के मन में आतंक और भय की भावना उदित हो जाती हैं। कालसर्प योग से पीड़ित जन्मांग वाले जातकों का संपूर्ण जीवन अभाव अनवरत अवरोध, निरंतर असफलता, संतानहीनता, वैवाहिक जीवन में अनेक कष... और पढ़ें

ज्योतिषदेवी और देवस्थानउपायज्योतिषीय योगरत्नघरलाल किताबमंत्रग्रहमन्दिर एवं तीर्थ स्थल

मार्च 2013

व्यूस: 12900

बांसवाड़ा का प्राचीन माँ त्रिपुरा सुंदरी मंदिर

वाग्वर शक्ति पीठ मां त्रिपुरा सुंदरी का यह सुरम्य स्थल ‘तरताई माता’ (तुरंत फल देने वाली माता) के नाम से विख्यात है। माँ त्रिपुरा तुरंत फल देने वाली ‘तरताई माता’ के रूप में अपने कई भक्तजनों को अपना शुभाशीर्वाद देकर लाभान्वित कर च... और पढ़ें

देवी और देवस्थानमन्दिर एवं तीर्थ स्थल

दिसम्बर 2014

व्यूस: 12734

पितृ मोक्षधाम का महातीर्थ ब्रह्मकपाल

वैदिक परंपरा के अनुसार पुत्र, पुत्रत्व तभी सार्थक होता है जब पुत्र अपने माता-पिता की सेवा करे व उनके मरणोपरांत उनकी मृत्यु तिथि व पितृपक्ष में विधिवत श्राद्ध करें। भारतीय वैदिक आदि सनातन हिंदू धर्म में मानव के जन्म मात्र से ही तीन... और पढ़ें

स्थानउपायअध्यात्म, धर्म आदिमन्दिर एवं तीर्थ स्थल

जुलाई 2013

व्यूस: 11492

विशिष्ट महत्व है काशी के कालभैरव का

विशिष्ट महत्व है काशी के कालभैरव का

राकेश कुमार सिन्हा ‘रवि’

भारत देश की सांस्कृतिक राजधानी और मंदिरों की महानगरी वाराणसी में मंदिरों की कोई कमी नहीं। काशी तीर्थ में उत्तर से लेकर दक्षिण तक और पूरब से लेकर पश्चिम तक एक से बढ़कर एक मान्यता प्राप्त पौराणिक देवालय हैं पर इनकी कुल संख्या कितनी ह... और पढ़ें

देवी और देवस्थानअध्यात्म, धर्म आदिविविधमन्दिर एवं तीर्थ स्थल

जून 2013

व्यूस: 10190

रहस्यमय तपोभूमि कैलाश मानसरोवर

कैलाश पर्वत का नाम सुनते ही मन में इसके दर्शन की लालसा जग उठती है। ग्रंथों में उल्लेख है कि भगवान शिव बैकुंठ से भ्रमण करते हुए पृथ्वी पर उतरे और इस पवित्र पर्वत शिखर कैलाश को अपना वास स्थान बना लिया। प्रस्तुत है इस रहस्यमयी तपोभूम... और पढ़ें

स्थानमन्दिर एवं तीर्थ स्थल

अप्रैल 2010

व्यूस: 9202

जाग्रत महिमामयी देवी तीर्थ कन्याकुमारी

भारत के दक्षिण भाग में स्थित कन्याकुमारी में बंगाल की खाड़ी, हिंद महासागर एवं अरब सागर का एक ही साथ दर्शन होता है। इसलिए इस स्थान की महिमा ÷सागरतीर्थ' नाम से भी मंडित है। इस सागर के बीच इस नगर की देवी मां कुमारी' का पवित्र मंदिर है... और पढ़ें

देवी और देवस्थानमन्दिर एवं तीर्थ स्थल

जून 2011

व्यूस: 7934

केदारनाथ

केदारनाथ

फ्यूचर पाॅइन्ट

देवों के देव महादेव शिव की पावन स्थली है केदारनाथ। केदारनाथ मन्दिर की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्ता, अन्य दर्शनीय स्थल व प्राकृतिक सुन्दरता का चित्र उकेरता आलेख ...... और पढ़ें

देवी और देवस्थानमन्दिर एवं तीर्थ स्थल

आगस्त 2010

व्यूस: 7858

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