बाबुलाल शास्त्री


(11 लेख)
ज्योतिष भविष्य का दर्पण

अप्रैल 2010

व्यूस: 5816

संसार के सभी कार्य किरणों पर आधारित हैं। आज के वैज्ञानिक युग में साइंस ने सिद्ध कर दिया है कि किरणों ही सब कुछ है। टी.वी. रिमोट कंट्रोल, वायरलेस, रेडियों, टेलीफोन आदि के पीछे किरणों की प्रक्रिया छिपी है। जैसे हम एक खास जगह को पकड़न... और पढ़ें

ज्योतिष

वास्तु शास्त्र - दाम्पत्य जीवन

दिसम्बर 2014

व्यूस: 3139

आज का मानव अर्थ के पीछे दौड़ रहा है एवं भौतिक सुखों की प्राप्ति के लिए प्रयत्नशील है। पाश्चात्य संस्कृति अनुसार संस्कारों में परिवर्तन के साथ-साथ निवास/व्यवसाय/स्थल में भी वास्तु नियमों की अवहेलना की जा रही है जिससे परिवार सीमित... और पढ़ें

वास्तुविवाहवास्तु परामर्शवास्तु दोष निवारणवास्तु पुरुष एवं दिशाएं

मांगलिक योग: दांपत्य जीवन में दोष एवं निवारण

जुलाई 2015

व्यूस: 1238

जिस जातक की जन्मकुंडली में मंगल चतुर्थ, सप्तम, अष्टम, द्वादश भावों में स्थित होता है, उसे मांगलिक कहा जाता है। उपरोक्त भावों के अलावा द्वितीय भाव में मंगल की स्थिति को भी मंगली दोष मानते हैं। अर्थात यदि वर की जन्मकुंडली के ... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय विश्लेषणविवाहग्रहभविष्यवाणी तकनीक

किस राशि वाले करें किस स्वरूप का पूजन

अकतूबर 2011

व्यूस: 1120

मेष एवं वृश्चिक राशि वालों को जिनकी राशि का स्वामी मंगल है मां भगवती भुंवनेश्वरी देवी की आराधना पूजा करना सुख व फलदायक है।... और पढ़ें

ज्योतिषअध्यात्म, धर्म आदिज्योतिषीय विश्लेषणविविध

दीपावली महापर्व ज्योतिष के आइने में

नवेम्बर 2010

व्यूस: 615

पूर्ण आभामय स्वरूप में सोलह श्रृंगार किये जब पृथ्वी पर महालक्ष्मी का पदार्पण होता है तब यह रात्रि साक्षात महारात्रि बन जाती है जो दीपावली की रात्रि कहलाती है।... और पढ़ें

ज्योतिषअन्य पराविद्याएंअध्यात्म, धर्म आदिज्योतिषीय विश्लेषणवशीकरणपर्व/व्रत

श्री वैभव समृद्धिदायिनी महालक्ष्मी अर्चना योग

नवेम्बर 2015

व्यूस: 582

श्री चक्रस्वरूपी ललिता वास्तव नम् नमो हैमाद्रिस्ये शिव शक्ति नमः श्रीपुर गते। नमः पद्माव्यां कुतुकिनिनमो रत्र गृहगे।। नमः श्री चक्रस्थ खिलमये नमो बिंदु विलये। नमः कामेशांक स्थिति मति नमस्ते य ललिते।। श्री वैभव समृद्धि अर्... और पढ़ें

देवी और देवउपायपर्व/व्रतसंपत्ति

वास्तु शास्त्र एवं धर्म

दिसम्बर 2015

व्यूस: 514

एक आर्किटेक्ट एक उत्तम भवन तो बना सकता है परंतु उसमें रहने वाले प्राणी के सुखी जीवन की गारंटी नहीं दे सकता। वास्तु विधा इस बात की गारंटी देती है। संसार में जितनी भी मानव सभ्यताएं है उनमें भवन निर्माण को एक सांसारिक कृत्य मान... और पढ़ें

वास्तुभविष्यवाणी तकनीकवास्तु परामर्शवास्तु दोष निवारणवास्तु पुरुष एवं दिशाएंवास्तु के सुझाव

महाशक्ति दायिनी मां दुर्गा पूजा का ज्योतिषीय योग

अकतूबर 2016

व्यूस: 418

शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा जो आद्य शक्ति हैं एवं शक्ति की ऊर्जा बिना सभी प्राणी निर्जीव है, की पूजा का विशेष महत्व है। ज्योतिष शास्त्र के नवग्रहों का संबध नवदुर्गा से है। ़नवग्रह शिवरूप है और शिव में इकार स्वरूप नवशक्ति ... और पढ़ें

देवी और देवपर्व/व्रत

पितृ दोष: ज्योतिषीय योग एवं निवारण

सितम्बर 2016

व्यूस: 193

शास्त्रों के अनुसार देव ऋण, ऋषि ऋण एवं पितृ ऋण का जन्म जन्मांतरों तक मानव पर प्रभाव रहता है इसलिए शास्त्रों में पितृ देवो भवः, आचार्य देवो भवः, मातृ देवो भवः आदि संबोधन दिए गये हैं। वैसे ऋण का अर्थ है कर्ज, जिसको उसकी संतान... और पढ़ें

ज्योतिषदेवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिविविधभविष्यवाणी तकनीक

सत्यभामा, गरुड़, सुदर्शन चक्र का किया गर्व भंग

आगस्त 2016

व्यूस: 187

भगवान विष्णु जगत के पालक हैं, जब भी भूलोक में नकारात्मक शक्तियां उत्पन्न होकर भक्तों को कष्ट देती हैं, तब उनके नाश के लिए श्री हरी अपनी योग माया शेषनाग के साथ अवतार लेते हैं व सहायक के रूप में गरूड़ और सुदर्शन चक्र सदैव विद्... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिविविध

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