पूर्व दिशा के बन्द होने के दुष्परिणाम

पूर्व दिशा के बन्द होने के दुष्परिणाम  

व्यूस : 2442 | अकतूबर 2014
कुछ समय पहले पं. जी नौएडा में डाॅं. कुलदीप नैय्यर के घर वास्तु निरीक्षण के लिए गये। निरीक्षण के समय श्री नैय्यर जी ने बताया कि लड़के की शादी को चार साल हो गये हैं परन्तु जब से इस घर में रहने आये हैं न तो वंशवृद्धि हो रही है और काम धन्धे भी ठीक नहीं चल रहे हैं। आपसी मतभेद एवं कलह बना रहता है। घर में किसी भी सदस्य का स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता। आए दिन कोई न कोई अस्पताल के चक्कर लगाता रहता है और मेरा भी प्रतिदिन किसी न किसी काम से बाहर आना जाना लगा रहता है। परीक्षण करने पर पाए गए वास्तु दोष: - उत्तर-पूर्व में रसोईघर होना एक गंभीर वास्तु दोष था जिसकी वजह से धन हानि तथा मानसिक तनाव बना रहता था। - उत्तर पूर्व में सीढ़ियों का होना भी ठीक नहीं था जिसके कारण घर में आपसी मतभेद तथा लड़ाई झगडे होते रहते थे तथा वंशवृद्धि में रुकावट का भी मुख्य कारण है। - दक्षिण-प ूर्व म े ं लिफ्ट अथवा गड ्ढा हा ेना घर की महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक होता है। - पूर्व दिशा बन्द होने के कारण काम काज बन्द होने की संभावना बनी रहती है तथा नाम एवं ख्याति में कमी होने की संभावना होती है। - घर का मुख्य द्वार दक्षिण-पश्चिम में होने के कारण घर के मुखिया के समय पर घर न आने की स्थिति बनी रहती है और अधिक यात्राओं की संभावना बनी रहती है। सुझाव: - वास्तु अनुसार रसोईघर दक्षिण-पूर्व में उत्तम माना जाता है परन्तु सुविधानुसार उत्तर की तरफ रसोई बनाने के लिए कहा गया और बताया कि खाना पूर्व की तरफ मुख करके बनाना अच्छा होता है जिससे परिवार के सदस्यों में सामंजस्य बना रहता है। - सीढ़ियों को उत्तर-पूर्व से हटाने की सलाह दी गई और दक्षिण-पूर्व की सीढ़ियों का इस्तेमाल करने को कहा गया। - लिफ्ट पूर्व में बनाने के लिये कहा गया क्योंकि पूर्व में गड्ढा होना अच्छा होता है जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत रहती है। - पूर्व की दिशा से स्टोर हटाने की सलाह दी गई जिसके कारण पूर्व खुला हो जायेगा और व्यापार में स्थिरता आएगी। - घर के मुख्य द्वार को दक्षिण-पश्चिम से हटाकर पूर्व में बनाने की सलाह दी गई। पंडित जी ने उन्हें आश्वासन दिया कि सभी सुझावों को कार्यान्वित करने के बाद उन्हें अवश्य लाभ होगा और वे अपने इस घर में सुखपूर्वक रह पायेंगे। प्रश्न: पंडित जी कृपया हमारा नक्शा देखकर सुझाव दें क्योंकि जब से हम इस घर में आये हंै हमारा काम काज ठप्प पड़ा हुआ है और किसी नये काम को शुरू करना चाहते हैं तो उसमें भी मुश्किल आ रही है। बाजार में काफी पूंजी फंसी होने के कारण परेशानी हो रही है तथा दाम्पत्य जीवन भी नीरस सा हो गया है। -श्री नितेश कुमार, दिल्ली उत्तर: आपके घर का उत्तर-पूर्व कोना ग्रिल से बंद पड़ा होने के कारण काम-काज में रुकावट आती है। उत्तर-पूर्व के कमरे को स्टोर बना रखा है जिससे मानसिक तनाव बना रहता है। उत्तर-पूर्व के स्टोर में रखा सामान हटाकर उसकी जगह पूजा घर बनाना सर्वोत्तम रहेगा। दक्षिण-पूर्व में बने शौचालय की सीट को पूर्व दिशा से हटाकर उत्तर दिशा में करना उचित रहेगा। आपका शयन कक्ष उत्तर-पूर्व में है जिससे आपसी कलह एवं मतभेद बने रहते हैं। आप इसके स्थान पर अपना शयन कक्ष पूर्व में बने कक्ष में स्थानांतरित कर लें अवश्य लाभ होगा। उत्तर-पूर्व के कक्ष को बच्चों की पढ़ाई व शयन के लिए रख सकते हैं।

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दीपावली विशेषांक  अकतूबर 2014

फ्यूचर समाचार के दीपावली विशेषांक में सर्वोपयोगी लक्ष्मी पूजन विधि एवं दीपावली पर लक्ष्मी प्राप्ति के सरल उपाय, दीपावली एवं पंच पर्व, शुभ कर्म से बनाएं दीपावली को मंगलमय, अष्टलक्ष्मी, दीपावली स्वमं में है एक उपाय व प्रयोग आदि लेख सम्मलित हैं। शुभेष शर्मन जी का तन्त्र रहस्य और साधना में सफलता असफलता के कारण लेख भी द्रष्टव्य हैं। मासिक स्थायी स्तम्भ में ग्रह स्थिति एवं व्यापार, शेयर बाजार, ग्रह स्पष्ट, राहुकाल, पचांग, मुहूत्र्त ग्रह गोचर, राशिफल, ज्ञानसरिता आदि सभी हैं। सम्वत्सर-सूक्ष्म विवेचन ज्योतिष पे्रमियों के लिए विशेष ज्ञानवर्धक सम्पादकीय है। सामयिक चर्चा में ग्रहण और उसके प्रभाव पर चर्चा की गई है। ज्योतिषीय लेखों में आजीविका विचार, फलित विचार, लालकिताब व मकान सुख तथा सत्यकथा है। इसके अतिरिक्त अन्नप्राशन संस्कार, वास्तु प्रश्नोत्तरी, अदरक के गुण और पूर्व दिशा के बन्द होने के दुष्परिणामों का वर्णन किया गया है।

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