उत्तर के दोष धन हानि व् तनाव के कारण

उत्तर के दोष धन हानि व् तनाव के कारण  

कुछ दिन पूर्व पंडित जी पष्चिम विहार के एक व्यापारी के यहां वास्तु परीक्षण करने गये थे। घर देखने पर उन्होंने बताया कि कुछ समय से निर्यात का काम ठीक नहीं चल रहा है। घर की बड़ी महिला अक्सर बीमार रहती है। परिवार में मतभेद रहते हैं तथा घर में छोटे बेटे को उचित सम्मान नहीं दिया जाता। वास्तु परीक्षण करने पर पाए गए वास्तु दोष: 1- घर के उत्तर-पूर्व में षौचालय था जो कि गंभीर बीमारी, भारी खर्च व मानसिक तनाव का कारण होता है। 2- दक्षिण-पूर्व में षौचालय होने की वजह से यह कोना बंद था जो कि अग्नि भय, चोरी, लड़ाई-झगड़े व मुकदमेबाजी का कारण होता है। 3- उत्तर में सीढ़ियां बनी थीं जो कि धन हानि, व्यापार में रुकावट व आर्थिक हानि का कारण होती हंै। 4- उत्तर में रसोईघर था जो कि वैचारिक मतभेद व तनाव का मुख्य कारण होता है। सुझाव: i- उत्तर-पूर्व के षौचालय को हटाने के लिए बोला गया तथा उसे पूर्व में बनाने को कहा। ii- दक्षिण-पूर्व के षौचालय को भी पूर्व में बनाने को बोला गया। iii- उत्तर की सीढ़ियां हटाकर दक्षिण में बनाने के लिए कहा गया। iv रसोई के लिए कहा गया कि यह दक्षिण-पूर्व, दक्षिण या पूर्व या उत्तर-पष्चिम में बनाना ही उत्तम है। परन्तु क्योंकि सीढ़ी या रसोई में से एक को ही अभी वह दक्षिण की ओर कर सकते थे तो उनको रसोई के अंदर गैस को दक्षिण-पूर्व, पूर्व मुखी तथा उत्तर में वाॅषिंग एरिया बनाने की सलाह दी गई।


कालसर्प योग एवं राहु विशेषांक  मार्च 2013

फ्यूचर समाचार पत्रिका के कालसर्प योग एवं राहु विशेषांक में कालसर्प योग की सार्थकता व प्रमाणिकता, द्वादश भावों के अनुसार कालसर्प दोष के शांति के उपाय, कालसर्प योग से भयभीत न हों, सर्पदोष विचार, सर्पदोष शमन के उपाय, महाशिवरात्रि में कालसर्प दोष की शांति के उपाय, राहु का शुभाशुभ प्रभाव, कालसर्पयोग कष्टदायक या ऐश्वर्यदायक, लग्नानुसार कालसर्पयोग, हिंदू मान्यताओं का वैज्ञानिक आधार, वास्तु परामर्श, वास्तु प्रश्नोतरी, यंत्र समीक्षा/मंत्र ज्ञान, होलीकोत्सव, गौ माहात्म्य, पंडित लेखराज शर्मा जी की कुंडली का विश्लेषण, व्रत पर्व, कालसर्प एवं द्वादश ज्योर्तिलिंग आदि विषयों पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई है।

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