अपने वास्तु विशेषज्ञ से जानिए

अपने वास्तु विशेषज्ञ से जानिए  

प्रश्न-1. मैं व्यापार में हानियों से काफी परेशान हूं, जिसकी वजह से मेरा स्वास्थ्य खराब रहता है और मानसिक तनाव बना रहता है। कृपया हमारे घर के भूतल का नक्शा देखकर वास्तु परामर्श दें। राजीव तोमर गणेश नगर, दिल्ली उत्तर- आपके घर का दक्षिण-पश्चिम भाग बढ़ा हुआ है, जो आपकी आर्थिक हानियों एव समस्याओं का मुख्य कारण है। इस दिशा के बढ़ने से बीमारी एवं अनचाहे खर्च बढ़ते हैं। यदि गैराज में से पीछे जाने का दरवाजा बंद कर दिया जाए और अंदर से ही सीढ़ी निकाल ली जाए, तो यह दोष दूर हो जाएगा। हमारा अभिप्राय है कि यदि मुख्य भवन का गैराज या उसके ऊपर बने कमरों का रास्ता अलग कर दें, तो बढ़ा हुआ हिस्सा अलग हो जाएगा। क्योंकि यह पं. गोपाल शर्मा (बी.ई.) दक्षिण-पश्चिम कोना है, इसलिए इसका कवर होना बहुत अच्छा है, परंतु बढ़ना अच्छा नहीं है। ऊपर लिखित सुझाव को कायान्वित करना यदि संभव न हो, तो पश्चिम/उत्तर-पश्चिम में भवन की सीध तक परगोला डाल सकते हैं। इससे आपको आर्थिक परेशानियों से छुटकारा मिलेगा। उत्तर-पश्चिम में बना मुख्यद्वार भी नकारात्मक है। उत्तर-पूर्व की ओर आने-जाने के लिए अलग से छोटा दरवाजा बनाएं और इसे केवल गाड़ियों को खड़ा करने के लिए ही खोलें। प्रश्न-2. हमारे प्लाॅट का नक्शा देखकर बताएं कि यहां घर बनाना ठीक रहेगा या नहीं। सुनील कुमार झा बोकारो, झारखंड उत्तर- आपके प्लाॅट का दक्षिण-पूर्व भाग बढ़ा हुआ है, जो धन हानि, मुकदमेबाजी एवं स्वास्थ्य (मुख्यतः घर की महिलाओं का) के खराब होने का सूचक है। प्लाॅट के दक्षिण एवं उत्तर-पूर्व में पीपल के दो पेड़ हैं, पीपल की छाया भी घर पर पड़ना अशुभ माना जाता है। आपके प्लाॅट के दक्षिण-पश्चिम एवं उत्तर-पर्वू म ंे टी-पाॅइटं ह।ै उत्तर-पर्वू का टी-पाॅइंट शुभ होता है, परंतु इसके दक्षिण-पश्चिम में होने से घर के स्वामी अपने वास्तु विशेष्ेषज्ञ से जानिए को स्वास्थ्य में खराबी, आर्थिक समस्याओं एवं दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ता ह।ै दक्षिण म ंे पार्क हाने े स े भी अनचाहे खर्च होते हैं। इस तरह यह प्लाॅट घर बनाने के लिए शुभ नहीं है, आप इस प्लाॅट का प्रयोग व्यापार के लिए कर सकते हैं।


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