शापिंग माळ को सफल बनाता उसका वास्तु

शापिंग माळ को सफल बनाता उसका वास्तु  

शाॅपिंग माॅल को सफल बनाता उसका वास्तु वास्तुगुरु कुलदीप सलूजा भारत में आज लगभग स भ् ा ी ब ड ़ े शहरों में बड़े-बड़े शाॅपिंग माॅल (काम्पलेक्स) बन रहे है। बेहताशा बढ़ती कीमतों के कारण इन्हें बनाने में बहुत बड़ी लागत आती है। आर्किटेक्ट तो एक से एक सुंदर व भव्य प्लाॅन बनाकर देते हैं। जो दिखने में बहुत सुंदर होते है और माॅल बनने के बाद लगता भी सदंु र है। चाहे देखने में कितना ही खूबसूरत व शानदार माॅल क्यों न बना हो यदि उस माॅल का निर्माण वास्तु अनुरूप नहीं होगा तो निश्चित रूप से प्रमोटर को जबर्दस्त घाटा उठाना पड़ता है। जो दुकानदार वास्तु विपरीत बने माॅल में गलती से दुकान खरीद लेता है तो उसे भी जबर्दस्त घाटा सहना पड़ता है। इसलिए शाॅपिंग माॅल बनाते समय आगे बताए गए कुछ विशेष वास्तु सिद्धांतों का पालन अवश्य करना चाहिए। जिससे माॅल बनाने वाले तथा वहां व्यापार करने वाले सभी को अच्छा धन लाभ हो और व्यापार भी सरलता से चलता रहे।  शाॅपिंग माॅल के लिए शहर के मुख्य केंद्र या शहर के तेजी से बढ़ते हुए सुगम्य क्षेत्र में जो हमेशा ही किसी भी शहर का दक्षिण या र्नैत्य भाग ही होता है वहां समकोण आकार के प्लाॅट का चयन करना चाहिए।  शाॅपिंग माॅल को बनाने के लिए लिए गए भूखंड का लेवल समतल या उत्तर, पूर्व एवं ईशान कोण में नीचा और दक्षिण, पश्चिम एवं र्नैत्य कोण में ऊंचा रहना चाहिए। शाॅपिंग माॅल के लिए भूमिगत पानी का स्रोत उत्तर, पूर्व दिशा या ईशान कोण में करना चाहिए। यहां भूमिगत जल स्रोत बनाने से शाॅपिंग माॅल बनाने वाले व दुकान लेने वाले सभी को अच्छा आर्थिक लाभ होता है। विशेष: दुकान या फ्लैट देने से पहले लिखित समझौता इस बात पर कर लेना चाहिए कि दुकान या फ्लैट खरीदने या किराये पर लेने वाला कोई भी पूर्व, उत्तर या ईशान कोण के अलावा भूमिगत पानी का स्रोत नहीं बनाएगा। शाॅपिंग माॅल के भवन का निर्माण प्लाॅट के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में होना चाहिए और उसमें बनने वाली दुकानें समकोण आकार की बनानी चाहिए, अनियमित आकार की नहीं बनानी चाहिए। उत्तर, पूर्व एवं ईशान कोण में ज्यादा खुली जगह छोड़नी चाहिए। शाॅपिंग माॅल में मुख्य प्रवेश द्वार पूर्व ईशान, दक्षिण आग्नेय, पश्चिम वायव्य या उत्तर ईशान में होना चाहिए। कभी भी प्रवेश द्वार पूर्व आग्नेय, दक्षिण र्नैत्य, पश्चिम र्नैत्य या उत्तर वायव्य में नहीं होना चाहिए। यही नियम माॅल की सभी व्यवसायिक एवं रिहायशी स्थलों पर भी लागू होगा। शाॅपिंग माॅल में ज्यादा खिड़कियां उत्तर या पूर्व दिशा में होनी चाहिए। दक्षिण व पश्चिम दिशा में कम होनी चाहिए। शाॅपिंग माॅल में दुकानों के अंदर टांड (लाॅफ्ट) दक्षिण या पश्चिम दिशा की दीवारों की तरफ होनी चाहिए। शाॅपिंग माॅल में ऊपर जाने के लिए सीढ़ियां दक्षिण, पश्चिम एवं र्नैत्य कोण में होना चाहिए जहां चढ़ते समय मोड़ दाएं हाथ की तरफ हो। शाॅपिंग माॅल में ऊपर जाने के लिए लिफ्ट दक्षिण, पश्चिम दिशा या र्नै त्य कोण में लगाना हो तो इन दिशाओं में लिफ्ट बनाते समय हमेशा ध्यान रखें कि लिफ्ट लगाने के लिए इस जगह किसी प्रकार का जमीन में गड्ढा न करें अन्यथा इन दिशाओं में गड्ढा होने से महत्वपूर्ण वास्तु दोष पैदा हो जाता है, जो कई प्रकार की परेशानियों का कारण बनता है। यहां पर लिफ्ट इस प्रकार लगानी चाहिए कि सात-आठ सीढ़ियां चढ़ने के बाद लिफ्ट में जाया जा सके ताकि लिफ्ट का बेस फ्लौर लेवल से ही प्रारंभ हो। उत्तर या पूर्व दिशा में गड्डा खोदकर लिफ्ट बना सकते है।  शाॅपिंग माॅल में छोटे साईज के व्यवसायिक या रिहायशी निर्माण द्वितीय तल या और ऊपर रखना चाहिए और सभी फ्लोर की दुकानों क े मध्य म ंे उचित चाडै ाऱ् इ का कारीडारे होना चाहिए। शाॅपिंग माॅल के ऊपर बाल बालकनी व बरामदे बनाने हों तो उत्तर पूर्व और ईशान कोण में बनाने चाहिए। शाॅपिंग माॅल में जेनरेटर, विद्युत मीटर, अन्य विद्युत उपकरण इत्यादि की व्यवस्था आग्नेय कोण में रखनी चाहिए। शाॅपिंग माॅल में यदि गार्डन बनाना हो तो उत्तर, पूर्व या ईशान कोण में बनाना चाहिए। यहां पर छोटा मंदिर भी निर्मित किया जा सकता है, जहां पूर्व या उत्तर दिशा से प्रवेश द्वार हो। बड़े वृक्ष दक्षिण या पश्चिम में लगाने चाहिए। शाॅपिंग माॅल का ओवर हैड वाॅटर टैंक पश्चिम दिशा में होना चाहिए। शाॅपिंग माॅल में शौचालय की व्यवस्था वायव्य कोण, उत्तर या पश्चिम दिशा में की जा सकती है। ध्यान रहे, कभी भी उत्तर-पूर्व अर्थात् ईशान कोण में शौचालय की व्यवस्था नहीं करें। उत्तर, पूर्व दिशा एवं ईशान कोण में कार, स्कूटर, साइकिल आदि वाहनों को खड़ा करने के लिए पर्याप्त जगह छोड़नी चाहिए। यदि बेसमेंट में पार्किंग की व्यवस्था करनी हो तो बेसमेंट का पार्किंग क्षेत्र भी यही होना चाहिए। किसी भी स्थिति में दक्षिण, पश्चिम दिशा या र्नैत्य कोण व केवल मध्य में कभी भी बेसमेंट नहीं बनानी चाहिए। न् आकृति का शाॅपिंग माॅल बनाते समय दक्षिण, पश्चिम व पूर्व की तरफ या दक्षिण, पश्चिम व उत्तर की तरफ भवन का निर्माण करें। इसकी एक दिशा पूर्व या उत्तर अवश्य खुली रहनी चाहिए अर्थात् उत्तर या पूर्व किसी एक दिशा में निर्माण कार्य नहीं करना चाहिए। स् आकृति का शाॅपिंग माॅल बनाते समय केवल दक्षिण व पश्चिम की ओर ही बनाना वास्तु अनुरूप होता है।



वास्तु विशेषांक   दिसम्बर 2007

गृह वास्तु के नियम एवं उपाय, उद्धोगों में वास्तु नियमों का उपयोग, वास्तु द्वारा मंदिर में अध्यातम वृद्धि, शहरी विकास एवं वास्तु, पिरामिड एवं वास्तु, अस्पताल, सिनेमा घर एवं होटल के वास्तु नियम, वास्तु में जल ऊर्जा का स्थान

सब्सक्राइब

अपने विचार व्यक्त करें

blog comments powered by Disqus
.