ग्रह स्थिति एवं व्यापार

ग्रह स्थिति एवं व्यापार  

गोचर फल विचार मासारंभ में मंगल और शनि का परस्पर राशि संबंध बनाना तथा सूर्य पर शनि की दृष्टि का होना कहीं शासन परिवर्तन व हिंसक घटनाओं से जन-धन हानि का योग बनाता है। इस मास प्राकृतिक आपदाओं में भी वृद्धि का संकेत देता है जिससे आम जन समुदाय में भय का माहौल बना रहेगा। दैनिक उपयोगी वस्तुओं में महंगाई के कारण जनता के मन में सरकार के प्रति आक्रोश की भावना पैदा होगी। इस मास में पक्ष-विपक्ष व राजनैतिक दलों के द्वारा आपसी टकराव और आरोप-प्रत्यारोप का विषय बना रहेगा। उपरोक्त योगों के चलते सीमावर्ती इलाकों में सैन्य हलचल बनी रहेगी। इस मास में आकाशीय बिजली गिरने व पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन इत्यादि से जन-धन की हानि होगी। कुछ क्षेत्रों में सामान्य वर्षा तथा गर्मी उमस से जनजीवन प्रभावित होगा। गोचर ग्रह परिवर्तन व नक्षत्र वेध मासारंभ में 2 सितंबर को शुक्र हस्त नक्षत्र में आकर सर्वतोभद्रचक्र में उभा. नक्षत्र का वेध करेगा। 3 सितंबर चंद्र दर्शन शनिवार के दिन 30 मुहूर्ती में होगी। 6 सितंबर को वक्री बुध अस्त होगा। 9 सितंबर को वक्री बुध सिंह राशि में आकर सूर्य व राहु से राशि संबंध बनाएगा तथा शनि से दृष्टिगत होगा। 12 सितंबर को वक्री बुध पू. फा. के चैथे चरण में प्रवेश कर अश्विनी नक्षत्र का वेध करेगा तथा गुरु ग्रह उ. फा. के चैथे चरण में प्रवेश करेगा। 13 सितंबर को सूर्य उ. फा. नक्षत्र पर आकर गुरु के साथ नक्षत्र संबंध बनाएगा तथा रेवती नक्षत्र का वेध करेगा। इसी दिन शुक्र चित्रा नक्षत्र में आकर पूभा. नक्षत्र का वेध करेगा। 16 सितंबर को सूर्य कन्या राशि में प्रवेश करेगा तथा आश्विनी संक्रांति 30 मुहूर्ती में होगी। 17 सितंबर को शनि ज्येष्ठा नक्षत्र में आकर पुष्य नक्षत्र का वेध करेगा। 18 सितंबर को मंगल मूल नक्षत्र में आकर पुनर्वसु नक्षत्र का वेध करेगा तथा शुक्र ग्रह तुला राशि में प्रवेश करेगा। 19 सितंबर को वक्री बुध उदय होगा। 22 सितंबर को बुध ग्रह मार्गी होगा। 24 सितंबर को शुक्र स्वाति नक्षत्र में आकर शतभिषा नक्षत्र का वेध करेगा। 26 सितंबर को सूर्य हस्त नक्षत्र में प्रवेश कर उ. फानक्षत्र का वेध करेगा। 28 सितंबर को गुरु भी हस्त नक्षत्र में प्रवेश कर उ.भा. नक्षत्र का वेध करेगा। सोना व चांदी 2 सितंबर को सोना व चांदी के बाजारों में तेजी के बाद उतार-चढ़ाव का वातावरण बनाएगा। 3 सितंबर को बाजारों में पूर्वरूख का माहौल बनाएगा। 6 सितंबर को बाजारों में तेजी का योग दर्शाता है। 9 सितंबर को बाजारों में तेजी की लहर को ही चलाएगा। 12 सितंबर को बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद मंदी का रूख ही बनाएगा। 16 सितंबर को सोने के बाजारों में तेजी और चांदी के बाजारों में मंदी का योग दर्शाता है। 17 सितंबर को बाजारों में तेजी का रूख बरकरार रखेगा। 18 सितंबर को बाजारों में उतार-चढ़ाव की स्थिति ही बनाएगा। 19 सितंबर को बाजारों में तेजी का दायक ही बनाएगा। 22 सितंबर को सोने के बाजारों में उतार-चढ़ाव व चांदी के बाजारों में तेजी का रूझान ही बनाएगा। 24 सितंबर को बाजारों में तेजी का वातावरण बनाएगा। 28 सितंबर को आगे बाजारों में मंदी का रूख बरकरार रखेगा। गुड़ व खांड़ मासारंभ में 2 सितंबर को गुड़ व खांड के बाजारों में उतार-चढ़ाव का योग दर्शाता है। 3 सितंबर को बाजारों में तेजी का वातावरण ही बनाएगा। 6 सितंबर को बाजारों में मंदी का ही रूझान बनाएगा। 9 सितंबर को बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद रूख तेजी की तरफ ही बनाएगा। 12 सितंबर को बाजारों में उतार-चढ़ाव की स्थिति को ही बनाएगा। 13 सितंबर को बाजारों में तेजी की लहर को ही चलाएगा। 16 सितंबर को बाजारों में पूर्वरूख का रूझान ही बनाएगा। 17 सितंबर को बाजारों में तेजी का वातावरण ही बनाएगा। 22 सितंबर को बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद रूख तेजी की तरफ ही बनाएगा। 24 सितंबर को बाजारों में तेजी का ही दायक बनाएगा। 28 सितंबर को बाजारों में मंदी तथा आगे तेजी का ही रूझान बनाएगा। अनाजवान एवं दलहन मासारंभ में जौ, चना, ज्वार, बाजरा इत्यादि अनाजों तथा मूंग, मौठ, मसूर, अरहर इत्यादि दलहन के बाजारांे में 2 सितंबर को मंदी का योग दर्शाता है। 3 सितंबर को बाजारों में पूर्वरूख का वातावरण ही बनाएगा। 6 सितंबर को बाजारों में तेजी का रूझान ही बनाएगा। 7 सितंबर को बाजारों में तेजी की लहर को ही आगे चलाएगा। 12 सितंबर को बाजारों में मंदी की स्थिति को ही बनाएगा। 13 सितंबर को बाजारों में तेजी का ही दायक बनाएगा। 16 सितंबर को बाजारों में तेजी का ही रूझान बनाएगा। 18 सितंबर को बाजारों मंे तेजी का दायक ही बनाएगा। 19 सितंबर को बाजारों में मंदी के योग को ही बनाएगा। 22 सितंबर को बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद रूख तेजी की तरफ ही बनाएगा। 24 सितंबर को बाजारों में मंदी का रूख बरकरार रखेगा। 28 सितंबर को जौ, चना, ज्वार, बाजरा, इत्यादि अनाजांे तथा मूंग, मौठ, मसूर, अरहर इत्यादि दलहन के बाजारों में पूर्वरूख के चलते आगे मंदी ही दर्शाता है। घी व तेलवान मासारंभ में बाजारों में 2 सितंबर को बाजारों में मंदी का रूझान ही बनाएगा। 3 सितंबर को बाजारों में मंदी का रूख बरकरार रखेगा। 6 सितंबर को बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद तेजी की लहर को ही चलाएगा। 9 सितंबर को बाजारों में तेजी का योग दर्शाता है। 12 सितंबर को बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद मंदी का ही दायक बनाएगा। 13 सितंबर को बाजारों में तेजी का माहौल ही बनाएगा। 16 सितंबर को बाजारों में तेजी की लहर को ही चलाएगा। 18 सितंबर को बाजारों में तेजी का ही रूझान बनाएगा। 22 सितंबर को बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद तेजी का रूख ही बनाएगा। 24 सितंबर को बाजारों में तेजी का योग दर्शाता है। 28 सितंबर को बाजारों में मंदी ही बनाएगा और अशांतमय मंदी का माहौल ही रहेगा। त नोट: उपर्युक्त फलादेश पूरी तरह ग्रह स्थिति पर आधारित है, पाठकों का बेहतर मार्ग दर्शन ही इसका मुख्य उद्देश्य है। इसके साथ-साथ संभावित कारणों पर भी ध्यान देना चाहिए जो बाजार को प्रभावित करते हैं। कृपया याद रखें कि व्यापारी की सट्टे की प्रवृत्ति और निर्णय लेने की शक्ति में कमी तथा भाग्यहीनता के कारण होने वाले नुकसान के लिए लेखक, संपादक एवं प्रकाशक जिम्मेदार नहीं हैं।


पितृ दोष  सितम्बर 2016

फ्यूचर समाचार का वर्तमान अंक विशेष रूप से पितृ दोष को समर्पित है। हमारे धार्मिक ग्रन्थों से हमें पता चलता है कि हमें अपने पितरों को समय-समय पर भोजन व अन्य सामग्रियां प्रदान करते रहना चाहिए। विशेष रूप से भाद्रपद महिने के कृष्ण पक्ष प्रतिपदा से अमावस्या तक के 15 दिन पूर्ण रूप से पितरों की सेवा के लिए ही होते हैं। पुरानों और अन्य धार्मिक ग्रन्थों से पता चलता है कि इस समय हमारे पितर पृथ्वी पर विशेष रूप से अपने सम्बन्धियों से भोजन व सम्मान प्राप्त करने आते हैं तथा इसके बदले में सम्बन्धियों को पूर्ण आशीर्वाद प्रदान करके लौट जाते हैं। इस वर्तमान अंक में बहुत सारे पितृ दोष से सम्बन्धि अच्छे लेख शामिल किए गये हैं। उनमें से कुछ विशेष लेख हैं: जानें क्या होता है पितृ दोष, कैसे कम होता है इसका प्रभाव?, श्राद्ध के साथ करें पितरों को विदा, पितृ पूजा: पहचान एवं उपाय, पितृ दोष से उत्पन्न ऊपरी बाधाएं, पितृ दोष: ज्योतिषीय योग एवं निवारण आदि।

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