(12 लेख)
कस्पल पद्धति

मार्च 2016

व्यूस: 831

कस्पल कंुडली में सिगनिफिकेटर का तात्पर्य जैसा कि हम जानते हैं नक्षत्र थ्योरी का नियम है कि कुडंली में हर ग्रह अपने नक्षत्रस्वामी ग्रह का फल प्रदान करता है। ग्रह अपना फल प्रदान करने में तभी सक्षम होता है जब किसी विषिष्ट कुडं... और पढ़ें

ज्योतिषग्रहभविष्यवाणी तकनीक

कस्पल पद्धति

दिसम्बर 2015

व्यूस: 656

कस्पल ज्योतिष का स्वर्णिम नियम यह है कि इवंेट (घटना) उस दशाकाल में फलित या घटित होती है जिस दशाकाल के ग्रह उस विशिष्ट इवेंट को देने में सक्षम हों यानि कि वह किसी विशिष्ट इवेंट/घटना का परिपूर्ण सिग्निफिकेटर बने बशर्ते गोचर ... और पढ़ें

अन्य पराविद्याएंभविष्यवाणी तकनीक

कस्पल पद्धति

नवेम्बर 2015

व्यूस: 588

प्रस्तुत लेख में कस्पल ज्योतिष द्वारा व्यवसाय/नौकरी के बारे में कैसे जाना जाय यह समझाने की कोशिश की गई है। किसी भी कुंडली में किसी जातक के व्यवसाय के बारे में जानना हो तो कुंडली में लग्न और 10वें भाव की स्टडी की जाती है।... और पढ़ें

ज्योतिषअन्य पराविद्याएंभविष्यवाणी तकनीक

कस्पल पद्धति

फ़रवरी 2016

व्यूस: 547

लेख में प्रस्तुत कुंडली एक जातक की है जिसका जन्म 27.9.1974 को रात 23.05 बजे कोलकाता में हुआ। यह लेख लिखने तक इस जातक की आयु 41 वर्ष की हो चुकी है तथा अभी तक इस जातक का विवाह होना संभव नहीं हो पाया। कस्पल कुंडली के माध्यम से... और पढ़ें

ज्योतिषअन्य पराविद्याएंविविधग्रहभविष्यवाणी तकनीक

कस्पल पद्धति

अप्रैल 2016

व्यूस: 443

कस्पल इंटर लिंक प्रणाली, के. पी सिस्टम से कैसे भिन्न है ? कृष्णमूर्ति जी ने वैदिक ज्योतिष से थोड़ा इतर एक अलग पद्धति का सृजन किया जिसका नाम इन्होंने केपी. ज्योतिष पद्धति दिया। कृष्णमूर्ति जी ने एक नक्षत्र जिसकी अवधि 130 -20... और पढ़ें

ज्योतिषविविध

कस्पल पद्धति (खुल्लर जी)

मई 2016

व्यूस: 353

कस्पल ज्योतिष पद्धति में कस्पल कुंडली को किस प्रकार पढ़ा जाए? कस्पल कुंडली सिर्फ एक ही पृष्ठ में बन जाती है। इसे आप उदाहरण कंुडली ‘एक’ से समझने का प्रयास करें। इस कुंडली में सबसे ऊपर आपको बेसिक डिटेल मिल जायेगी यानि कि जातक... और पढ़ें

ज्योतिषविविधभविष्यवाणी तकनीक

कस्पल पद्धति

जून 2016

व्यूस: 293

जातक का वैवाहिक जीवन सुखमय रहने वाला है यह कार्य स्पेसीफाई करने का है कि जातक शादी के बाद सुखमय विवाहित जीवन व्यतीत करने वाला है। इसी विचार को हम एक और उदाहरण के साथ प्रस्तुत करना चाहेंगे। मान लीजिये 6ठे भाव की इन्वोल्वमेंट... और पढ़ें

ज्योतिषअन्य पराविद्याएंविविधभविष्यवाणी तकनीक

कस्पल पद्धति

जुलाई 2016

व्यूस: 233

कस्पल कंुडली में कस्पल लिंकेज/योग किस प्रकार स्थापित होते हैं? पाठकों अब एक उदाहरण कंुडली की सहायता से हम यहाँ समझने का प्रयत्न करेंगे कि कस्पल कुंडली में कस्पल इन्टरलिंक या कस्पल योग किस प्रकार स्थापित होते हैं? उदाहरण कु... और पढ़ें

ज्योतिषविविधभविष्यवाणी तकनीक

कस्पल पद्धति बर्थ टाईम रेक्टीफिकेशन

आगस्त 2016

व्यूस: 165

हर कस्पल कुंडली में सर्वप्रथम बर्थ टाईम रेक्टीफिकेशन (जन्म समय का शुद्धिकरण) करना अनिवार्य है क्योंकि कस्पल कुंडली में जिस भी भाव का प्रोमिस/ पोटेंशियल पढ़ना हो तो उस विशिष्ट भाव के सब सब लाॅर्ड से पढ़ा जाता है। सर्वप्रथम लग्... और पढ़ें

ज्योतिषअन्य पराविद्याएंज्योतिषीय विश्लेषणबाल-बच्चेभविष्यवाणी तकनीक

बर्थ टाईम रेक्टीफिकेशन कस्पल पद्धति

सितम्बर 2016

व्यूस: 147

पिछले लेख में आपको बर्थ टाईम रेक्टीफिकेशन (बीटी. आर) करने के ठोस नियमों से अवगत करवाया गया था। इस लेख में एक उदाहरण की सहायता से बी. टी. आर. को समझाने का प्रयास किया गया है। पहले नियम यानि की रुलिंग प्लैनेट्स ;त्नसपदह च्सं... और पढ़ें

ज्योतिषअन्य पराविद्याएंबाल-बच्चेग्रहभविष्यवाणी तकनीक

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