वास्तु एवं फेंग शुई के उपाय

वास्तु एवं फेंग शुई के उपाय  

व्यूस : 2736 | दिसम्बर 2015

- द्वार पर नौ पिरामिड यंत्र लगाएं, तो द्वार दोष दूर हो जाता है।

- यदि तीन दरवाजे घर, या किसी वास्तु में एक कतार में हों, तो बीच के दरवाजे पर स्फटिक गोला टांग दें। दोष दूर हो जाएगा।

- सुनहरी मछलियों वाला लघु मछली घर अपने घर में रखना सौभाग्य में वृद्धि करने का एक कारगर उपाय है। फेंग शुई में मछली घर रखने की सही दिशाएं पूर्व, दक्षिण-पूर्व तथा उत्तर हैं। यदि मछली घर दक्षिण-पूर्व में रखते हैं, तो वास्तु के अनुसार गलत हो जाता है। इसलिए इसका उपयोग पूर्व या उत्तर में कर सकते हैं। इसे बैठक या खाने के कमरे, घर के मुख्य द्वार के अंदर से, बायीं ओर रखें।

- मधुर संबंधों के लिए प्रसन्नचित्त मुद्रा में संयुक्त परिवार का फोटो लगाएं। - घर में नमक मिले पानी से पोंछा लगाएं। यह जल घर में स्थित नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में बहुत सहायक सिद्ध होता है।

- शौच घर में समुद्री नमक का कटोरा रखिए। यह गलत स्थान पर बने शौचालय का दोष भी दूर करेगा।

- शिक्षा और ज्ञान के लिए उत्तर-पूर्व में ग्लोब रखिए और बच्चों के कमरे में महापुरुषो के चित्र लगाएं।

- उत्तम भाग्य के लिए दरवाजे, खिड़कियों पर वास्तु के फेंग शुई के अनुसार रंगीन पर्दे लगाइए।

- व्यावसायिक कार्यालयों में दक्षिण दिशा में मालिक की फोटो लगाएं।

- दक्षिण-पश्चिम में पर्वतो के चित्र लगाइए।

- बड़े-बड़े मूल्यवान उपकरण और भारी सामान दक्षिण-पश्चिम में रखें।

- दक्षिण-पश्चिम में प्रेमी परिंदे लगाइए।

- पवन घंटियां घर में सौभाग्य बढ़ाने का अद्भुत स्रोत हैं। पवन घंटिया घर के हरेक क्षेत्र में लटकानी चाहिएं। 6 छड़ों वाली पवन घंटी बैठक में उत्तर-पश्चिम मंे लटकानी चाहिए। 7 छड़ों वाली घंटी घर के पश्चिमी क्षेत्र में लटकानी चाहिए।

- धन-समृद्धि के लिए चीनी सिक्के जेब में रखें। धन की पेटी (कैश बाॅक्स) के ऊपर तीन भाग्यशाली सिक्के लगाएं।

- घोड़े की नाल पश्चिमी देशों, भारत में भी बहुत भाग्यशाली और शुभ मानी जाती है। अपनी सुरक्षा और सौभाग्य के लिए इसे अपने घर के मुख्य द्वार के ऊपर, दरवाजे की चैखट, बीच में लगा सकते हैं।

- बीम के दोनों ओर दो बांसुरी, लाल रिबन में बांध कर, 45 डिग्री के कोण में लगा कर, बीम के दोष दूर कर सकते हैं।

- मुख्य द्वार के बाहर दोनों तरफ आरोग्य का प्रतीक पवित्र तुलसी का पौधा रखना चाहिए, क्योंकि प्रवेश द्वार ही घर का वह भाग है, जहां से अच्छी-बुरी ऊर्जा घर में प्रवेश करती है। प्रवेश द्वार के दोनों ओर पौधे रखने से आगंतुक आकर्षित होते ही हैं; साथ ही वहां रहने वालों के धन-वैभव में वृद्धि होती है।

- संपत्ति तथा सफलता के लिए रत्नों का पौधा अपनी बैठक कक्ष के उत्तर-पूर्व में रखें। - प्रसिद्धि के लिए घर के दक्षिण क्षेत्र में लाल रंग का उपयोग करें एवं उसे लाल रंग की वस्तुओं से सजाएं।

- भगवान श्री कृष्ण का चित्र उत्तम फेंग शुई एवं वास्तु का प्रतीक होता है। श्री कृष्ण भगवान की राधा जी के साथ बगीचे में बांसुरी बजाते हुए चित्र जिनमें पीछे मोर भी दिखाई दे रहे हों, श्री कृष्ण राधा के संग प्रेम प्रसंग में लीन चित्र पति-पत्नी के अच्छे संबंधों को दर्शाते हैं श्री कृष्ण के मुकुट पर लगा मोर पंख खुशहाली का प्रतीक है।

- मुख्य द्वार में कोई अवरोध (खंभा, पेड़, कोना) आदि हो, तो दोष निवारण हेतु बागुआ मिरर लगाएं।

- विवादों से संबंधित कागजात कभी भी आग्नेय में न रखें। ये कागजात ईशान, या उत्तर-वायव्य में रखें।

- दीवार घड़ी उत्तर या पूर्व में लगाएं।

- अच्छे व्यापार के लिए बीसा यंत्र की स्थापना करनी चाहिए और शनिवार के दिन हरी मिर्चों और नींबू के बंधन का उपयोग करना चाहिए।

- मकान में यदि राजकीय बाधाएं आ रही हों, तो सूर्य यंत्र की स्थापना करनी चाहिए।

- यदि चोरी होने की समस्या हो, तो भौम यंत्र की स्थापना करनी चाहिए।

- घर में दंगे-फसाद और उपद्रव हो रहे हों, तो भय कीलक यंत्र की स्थापना करनी चाहिए।

- श्री यंत्र की स्थापना पूजा स्थल पर करना सभी क्षेत्रों में शुभ रहता है। - गणपति की स्थापना की जगह कुबेर यंत्र की स्थापना करना भी श्रेष्ठ होता है।

- जिन घरों का ईशान कोण कट गया हो या पीड़ित हो, वे तांबे के लोटे में पानी भर कर ऊपर से चांदी की कटोरी से ढंक दें और कटोरी में चार मोती रखें। रोह सुबह कटोरी एवं लोटे को मांजें और ताजा पानी भर कर वापस रखें।

- जिन लोगों का चूल्हा ईशान में हो और परिस्थितिवश हटाया न जा सकता हो तथा वे बुरे परिणाम भुगत रहे हों, तो उन्हें निम्न उपचार करना चाहिए: तांबे की तश्तरी में पानी भर कर हमेशा चूल्हे के नीचे रखें और आग्नेय में लाल बल्ब जलायें शुभ परिणाम मिलने लगेंगे।

- मारुति यंत्र मारुति नंदन श्री हनुमान जी का यंत्र है। इस यंत्र के कई उपयोग हैं, जिनमें एक उपयोग वास्तु के लिए बहुत प्रचलित है। जिसकी जमीन नहीं बिक रही हो, या जिसकी जमीन विवाद में पड़ी हो, वह मंगलवार के दिन दोपहर 12 बजे इस यंत्र को ले जा कर संबंधित भूमि में पूर्वमुखी हो कर गाड़ दे। भू स्वामी स्वयं पूर्व या ईशान में सवा हाथ का गड्ढा खोद कर यंत्र गाड़े। ऊपर से दूध और गंगा जल चढ़ाए। संबंधित भूमि का विवाद तीन माह के अंदर सुलझ जाएगा अथवा भूमि अच्छे दामों में बिक जाएगी।

- महाकाली यंत्र को कारखाना, उद्योग की भट्ठी, ट्रांसफाॅर्मर और जेनरेटर पर स्थापित किया जाता है।

- दिक् दोष नाशक यंत्र वास्तु दोष शमन का सबसे प्रमुख यंत्र है, जिसमें सभी दिशाओं, दिग्पालो का पूजन किया जाता है। वास्तु पुरुष का पूजन कर के यह प्रार्थना की जाती है कि हे वास्तु पुरुष! आप सकल विश्व को धारण करते हैं। हमारी वास्तु संबंधी त्रुटियों का शमन करो।

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वास्तु विशेषांक  दिसम्बर 2015

वास्तु संरचना का विज्ञान है जिसका उद्देश्य मनुुष्य की सुख समृद्धि है। हर संरचना चाहे वह घर हो अथवा दुकान अथवा फैक्ट्री अथवा कार्यालय, प्रत्येक संरचना के निर्माण में वास्तु नियमों का अनुपालन किया जाना आवश्यक है। यदि कोई भी संरचना वास्तु सम्मत नहीं हैं तो यह अनेक प्रकार की आर्थिक, स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएं, दुःख, वैवाहिक जीवन में कठिनाई, पारिवारिक विवाद आदि को जन्म देता है। फ्यूचर समाचार के वास्तु सम्बन्धित इस विशेषांक में अनेक उल्लेखनीय आलेखों को समाविष्ट किया गया है जिसमें वास्तु के महत्वपूर्ण सिद्धान्तों का विश्लेषण सूक्ष्मता से किया गया है। इनमें से अति महत्वपूर्ण आलखों में शामिल हैं: नारद पुराण में वास्तुशास्त्र का सूक्ष्म वर्णन, वास्तु शास्त्र में पंच तत्व, भवन निर्माण में वास्तुशास्त्र का महत्व, वास्तु शास्त्र एक वैज्ञानिक पद्धति, वास्तु शास्त्र एवं धर्म, दिशा दोष दूर करने के वास्तु उपाय, फेंग शुई और वास्तु में अंतर और समानताएं, वास्तु एवं फेंग शुई के उपाय, मल्टीस्टोरी फ्लैट की वास्तुु की उपयोगिता एवं व्यवस्था, फ्लैट खरीदने में किन बातों का खयाल रखें आदि। इसके अतिरिक्त इस विशेषांक में सभी स्थाई स्तम्भों का समावेश भी पूर्व की भांति किया गया है जिसमें विविध आयामी आलेख सम्मिलित हैं।

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