नवरात्र व श्रावण में धारण करें गौरी-शंकर रुद्राक्ष

नवरात्र व श्रावण में धारण करें गौरी-शंकर रुद्राक्ष  

व्यूस : 5593 | मई 2014

‘‘गौरी-शंकर रुद्राक्ष धारण करने से व्यक्ति को सुखी दांपत्य जीवन और खुशहाल परिवार की प्राप्ति होती है और भाग्य में वृद्धि होती है और वैवाहिक जीवन में कोई समस्या नहीं आती है।’’ विवाह न होने या परिवारिक शांति न होने पर व्यक्ति को मानसिक व शारीरिक रूप से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वह पूर्ण रूप से अपने कार्यों में ध्यान नहीं दे पाता, कई बार तो अनेक रोगों का शिकार भी हो जाता है जिसमें मानसिक तनाव व रक्तचाप प्रमुख है। ऐसी स्थिति में यदि वह भोले नाथ की स्तुति करता है और गौरी-शंकर रुद्राक्ष धारण करता है तो शीघ्र विवाह होता है

और अन्य कई समस्याओं व रोगों का अंत भी होता है। पारिवारिक शांति व वैवाहिक जीवन में आ रही समस्याओं के समाधान के लिये गौरी-शंकर रुद्राक्ष धारण करने से मां पार्वती व भगवान शंकर का आशीर्वाद प्राप्त होता है। जिस व्यक्ति के विवाह में बाधा आ रही हो या वैवाहिक जीवन की समस्याओं का अंत न हो रहा हो तो गौरी शंकर रुद्राक्ष पहनने से सभी समस्याओं का समाधान हो जाता है, जीवन आनंदमय हो जाता है और उस पर भगवान शिव व माता पार्वती की कृपा बनी रहती है। गौरी-शंकर रुद्राक्ष भोले नाथ व मां पार्वती का युगल रूप है।

गौरी-शंकर रुद्राक्ष धारण करने से न केवल लड़के-लड़की को योग्य जीवन-साथी की प्राप्ति होती है अपितु मंगली दोष व अन्य दोषों से भी मुक्ति मिलती है।

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रत्न एवं रूद्राक्ष विशेषांक  मई 2014

फ्यूचर समाचार के रत्न एवं रूद्राक्ष विशेषांक में अनेक रोचक और ज्ञानवर्धक आलेख हैं जैसे- रूद्राक्ष की ऐतिहासिक पृष्ठ भुमि, रूद्राक्ष की उत्पत्ति, रूद्राक्ष एक वरदान, रूद्राक्ष धारण करने के नियम, ज्योतिष में रत्नों का महत्व, रत्न धारण का समुचित आधार, रत्न धारण से रोगों का निदान, उपरत्न, लग्नानुसार रत्न निर्धारण, रत्नों का महत्व और स्वास्थ्य आदि। इसके अतिरिक्त पंच पक्षी के रहस्य, वट सावित्री व्रत, अक्षय तृतिया एवं आपकी राशि, ग्रह और वकालत, एक सभ्य समाज के निर्माण की प्रक्रिया, अगला प्रधानमंत्री कौन, कुण्डली के विभिन्न भावों में केतु का फल, सत्य कथा, पुंसवन संस्कार, हैल्थ कैप्सूल, शंख थेरेपी, ज्योतिष और महिलाएं तथा वास्तु प्रश्नोत्तरी व वास्तु परामर्श जैसे अन्य रोचक आलेख भी सम्मिलित किये गये हैं।

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