पढ़ाई में सफलता के लिए टोटके

पढ़ाई में सफलता के लिए टोटके  

- रोजाना सवेरे अपने माता-पिता व बुजुर्गों को प्रणाम करें। उनका आदर करें और उनका आशीर्वाद लें। - रोजाना पढ़ते समय 3 बार इस मंत्र को बोलें ऊँ ऐं सरस्वत्यै नमः। - विद्यार्थी पढ़ते समय अपना मुख पूर्व दिशा की ओर रखें, इससे स्मरण शक्ति अच्छी होती है। - रोजाना केसर का तिलक माथे, जुबान और नाभि पर लगाएं। - रोजाना सवेरे पूर्व दिशा की तरह मुंह करके इन मंत्रों को जपें। ऊँ नमो भगवती सरस्वती वाग्वादिनी ब्रह्मीणी ब्रह्मस्वरूपिणी बुद्धिवादिनी मम विद्या देहि-देहि स्वाहा। - विद्यार्थी पढ़ते समय फिटकिरी का टुकड़ा अपनी जेब में रखें। - विद्यार्थी जीवन की सफलता मानसिक एकाग्रता और लगातार अभ्यास पर निर्भर करती है। इसलिये रोजाना ऊँ का कुछ समय उच्चारण करें। - जिस दिन आप परीक्षा देने जाएं उस दिन निम्न उपाय करके जाने से अच्छे अंक आने की संभावना बनती है। सोमवार: परीक्षा देने जाने से पहले शीशे में अपना चेहरा देखें, और शिवलिंग पर पान का पत्ता चढ़ाएं। मंगलवार: सवेरे हनुमानजी को गुड़ और चने या बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं, और प्रसाद मुंह लगाकर परीक्षा देने जाएं। बुधवार: गणेश जी को धनिया चढ़ाएं और थोड़ा सा प्रसाद के रूप में खाकर जाएं। गुरुवार: माथे पर केसर का तिलक लगाएं और थोड़ी-सी पीली सरसों या पीला रूमाल अपने पास रखें। शुक्रवार: मंदिर में दही दान करें और सफेद चंदन का तिलक लगाकर परीक्षा देने जाएं। शनिवार: जेब में थोड़े से राई के दाने रखें और शनिदेव के दर्शन करके परीक्षा देने जाएं।


विद्या बाधा निवारण विशेषांक  फ़रवरी 2016

फ्यूचर समाचार का यह विशेषांक पूर्ण रूपेण शिक्षा को समर्पित है। हम जानते हैं कि शिक्षा किसी व्यक्ति के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अवयव है तथा शिक्षा ही उस व्यक्ति के जीवन में सफलता के अनुपात का निर्धारण करता है। किन्तु शिक्षा अथवा अध्ययन किसी तपस्या से कम नहीं है। अधिकांश छात्र लगातार शिक्षा पर ध्यान केन्द्रित करने में परेशानी का अनुभव करते हैं। प्रायः बच्चों के माता-पिता बच्चों की पढ़ाई पर ठीक से ध्यान न दे पाने के कारण माता-पिता मनोवैज्ञानिक अथवा ज्योतिषी से सम्पर्क करते हैं ताकि कोई उन्हें हल बता दे ताकि उनका बच्चा पढ़ाई में ध्यान केन्द्रित कर पाये तथा परीक्षा में अच्छे अंक अर्जित कर सके। फ्यूचर समाचार के इस विशेषांक में इसी विषय से सम्बन्धित अनेक महत्वपूर्ण लेखों को समाविष्ट किया गया है क्योंकि ज्योतिष ही एक मात्र माध्यम है जिसमें कि इस समस्या का समाधान है। इस विशेेषांक के अतिविशिष्ट लेखों में शामिल हैंः जन्मकुण्डली द्वारा विद्या प्राप्ति, ज्योतिष से करें शिक्षा क्षेत्र का चुनाव, शिक्षा विषय चयन में ज्योतिष की भूमिका, शिक्षा का महत्व एवं उच्च शिक्षा, विद्या प्राप्ति हेतु प्रार्थना, माता सरस्वती को प्रसन्न करें बसंत पंचमी पर्व पर आदि। इनके अतिरिक्त कुछ स्थायी स्तम्भ जैसे सत्य कथा, हैल्थ कैप्सूल, विचार गोष्ठी, मासिक भविष्यफल आदि भी समाविष्ट किये गये हैं।

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