लक्ष्मी प्रदायक श्री कुबेर यंत्र

लक्ष्मी प्रदायक श्री कुबेर यंत्र  

इस लेख में विभिन्न प्रकार के धन लक्ष्मी प्राप्ति यन्त्रों के पूजन व अनुष्ठान विधि तथा उद्देश्यों की चर्चा की गई है। स्मरण रहे धन लक्ष्मी यंत्रों का विधिवत् पूजन विशेष फलदायी होता है। विभिन्न प्रकार के श्रीयन्त्र, धन लक्ष्मी यंत्र, महालक्ष्मी यंत्र, व धनादिपति कुबेर यंत्र आदि नियमित रूप से पूजा करने पर आर्थिक समृद्धि प्रदान करने में सक्षम होते हैं।

‘श्री यंत्रम्

‘श्री यंत्र’ आठ प्रकार का होता है- 1. मेरूपृष्ठीय श्री यंत्र, 2. कूर्मपृष्ठीय श्री यंत्र, 3. धरापृष्ठीय श्री यंत्र, 4. मत्स्यपृष्ठीय श्री यंत्र, 5. ऊध्र्वरूपीय श्री यंत्र, 6. मातंगीय श्री यंत्र, 7. नवनिधि श्री यंत्र, 8. वाराहीय श्री यंत्र।

श्री यंत्र सुवर्ण, रजत एवं ताम्र धातुओं के अतिरिक्त स्फटिक एवं पारद के भी होते हैं। सर्वोत्तम श्री यंत्र स्फटिक मणि का माना जाता है।

1. श्री यंत्र को दीपावली की रात्रि में पूजा स्थान में रखकर उसकी पूजा करें और फिर लाल वस्त्र में बांधकर तिजोरी या रुपये-पैसे रखने वाले बाक्स में स्थापित करें तो निरंतर आर्थिक उन्नति होती रहती है।

2. पूजा स्थान में श्री यंत्र को स्थापित करके दीपावली की रात्रि को उसके सामने 108 दीपक जलाकर, कमलगट्टे की माला से निम्न मंत्र का जप एक माला करें तो तत्क्षण आर्थिक-उन्नति की संभावनाएं बढ़ जाती हैं:- मंत्र: ‘‘ऊं श्रीं ह्रीं श्रीं कमलवासिन्यै नमः।’’

3. श्री यंत्र लक्ष्मी का आधारभूत यंत्र है और यह अपने आप में विलक्षण है। आपकी हर विपत्ति में इसका प्रयोग सफलता प्रदान करेगा। आर्थिक उन्नति हेतु ‘दशमहाविद्यायुक्त पंचधातु’ के श्रीयंत्र को पूर्वोन्मुखी होकर सामने बाजोट (चैकी) पर स्थापित करें, फिर केशर, चावल से पूजा कर धूप-दीप करें और कमलगट्टेे की माला से निम्न मंत्र का दीपावली की महानिशा में कम से कम 11 माला जप अवश्य करें-

मंत्र ‘‘ऊँ श्रीं हृीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं हृीं श्रीं ऊं महालक्ष्म्यै नमः।

’’

इसके बाद समस्त सामग्री को पूजा स्थान में स्थापित कर दें।

4. निरंतर आर्थिक उन्नति की कामना हेतु बाजोट (चैकी) पर पीली वस्तु जैसे- चने या अरहर की दाल, हल्दी से रंगें।

चावल आदि की ढेरी पर ‘मेरूपृष्ठीय श्री यंत्र’ को स्थापित करके उस पर कमल पुष्प चढ़ाना चाहिये। इसके बाद निम्न मंत्र की 3 माला जप करनी चाहिए।

मंत्र: ‘‘ऊँ ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।।’’

5. व्यापार वृद्धि हेतु ‘श्री यंत्र’ की पूजाकर दीपावली की रात्रि में श्री यंत्र को नीले वस्त्र पर स्थापित कर 11 घी के तथा 10 तेल के दीपक जलायें, फिर 108 कमल पुष्प (अभाव में कमलगट्टे) चढ़ाते हुये निम्न मंत्र का जप एक माला करें-

मंत्र: ‘‘ऊँ श्रीं हृीं श्रीं कमलवासिन्यै नमः।।’’

नोट:- यदि पुष्प चढ़ाये हैं तो दूसरे दिन सारे पुष्प इकट्ठे कर किसी मंदिर में लक्ष्मी या गणेश के चरणों में चढ़ा दें। यदि कमलगट्टे चढ़ाये हैं तो श्रीयंत्र सहित कपड़े की पोटली बांधकर घर की तिजोरी में रख दें।

6. यदि कोई गृहस्थ एक पात्र में कमलगट्टे भरकर उस पर श्रीयंत्र को स्थापित करे एवं पूजा के समय नित्य कमलगट्टे अलग से अर्पित करे तथा पीले पुष्प अथवा हल्दी से रंगे चावल अर्पित करे तो मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।

लक्ष्मी पूजा में कमलगट्टे की माला का प्रयोग करें। पूजा के बाद यंत्र तथा माला पूजा स्थान में स्थापित करें। नित्य मां लक्ष्मी से अपनी उन्नति की प्रार्थना करते रहें।

श्री महालक्ष्मी यंत्रम्

आर्थिक संपन्नता के लिए ‘श्री महालक्ष्मी यंत्र’ की साधना अति सुगम और लाभकारी है।

1. लक्ष्मी यंत्र पर साधक दीपावली की रात्रि को 21 गुलाब के पुष्प रखकर ‘‘ऊँ श्रीं श्रियै नमः’’ मंत्र की 21 माला का जप करे तो दरिद्रता समाप्त होती है।

2. लक्ष्मी यंत्र को बायें हाथ पर रखकर, दाहिने हाथ से उस पर ‘ऊँ श्री लक्ष्म्यै नमः’ मंत्र से एक-एक चावल 108 बार रखें और उच्चारण करें तो घर में लक्ष्मी का आगमन प्रारंभ हो जाता है।

3. बुधवार के दिन लक्ष्मी यंत्र को घर में स्थापित करें तो निश्चित ही आर्थिक उन्नति होती है।

4. घर में लक्ष्मीयंत्र स्थापित होने से हर प्रकार की उन्नति व आर्थिक स्थिति सुधरती है।

धनाधिपति कुबेर यंत्रम्

कुबेर देवता का यंत्र, उनकी प्रतिमा के तुल्य प्रभावशाली माना गया है। इसकी साधना दरिद्रता-निवारण में अति प्रभावशाली सिद्ध हुई है। आपके घर में कुबेर यंत्र हो तो जीवन में किसी प्रकार की कमी नहीं रह सकती। कुबेर यंत्र के सामने नित्य ‘‘ऊँ’’ हृीं धन-धान्य समृद्धि देहि-देहि कुबेराय नमः’’ मंत्र की एक माला जप करें तो घर में आश्चर्यजनक रूप से धन-धान्य की वृद्धि होने लगती है। दीपावली की रात्रि में अपने घर में कुबेर यंत्र स्थापित करना ही अपने आप में अत्यंत सौभाग्यशाली माना गया है और ऐसा व्यक्ति सभी दृष्टियों में उन्नति प्राप्त करता है। दीपावली की रात्रि महारात्रि मानी गयी है जो धन प्राप्ति में महान लाभकारी सिद्ध होती है। इस महारात्रि में हर प्रकार की सिद्धि-साधना सफल होती है।



महालक्ष्मी विशेषांक  नवेम्बर 2013

फ्यूचर समाचार पत्रिका के महालक्ष्मी विशेषांक धनागमन के शकुन, दीपावली पूजन एवं शुभ मुहूर्त, मां लक्ष्मी को अपने घर कैसे बुलाएं, लक्ष्मी कृपा के ज्योतिषीय आधार, दीवाली आई लक्ष्मी आई दीपक से जुड़े कल्याणकारी रहस्य, लक्ष्मी की अतिप्रिय विशिष्टताएं, श्रीयंत्र की उत्पति एवं महत्व, कुबेर यंत्र, दीपावली और स्वप्न, दीपावली पर लक्ष्मी प्राप्ति के सरल उपाय, लक्ष्मी प्राप्ति के चमत्कारी उपाय आदि विषयों पर विभिन्न आलेखों में विस्तृत रूप से चर्चा की गई है। इसके अतिरिक्त नवंबर माह के व्रत त्यौहार, गोमुखी कामधेनु शंख से मनोकामना पूर्ति, क्या नरेंद्र मोदी बनेंगे प्रधानमंत्री, संकल्प, विनियोग, न्यास, ध्यानादि का महत्व, अंक ज्योतिष के रहस्य तथा जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की जीवनकथा आदि अत्यंत रोचक व ज्ञानवर्धक आलेख भी सम्मिलित किए गए हैं।

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