दीवाली आई -लक्ष्मी लाई

दीवाली आई -लक्ष्मी लाई  

दीवाली ऐसा त्योहार है जो तन (उत्तम स्वास्थ्य), मन (मनोकामनायें) व धन (पैसा) प्राप्त करने का सुनहरा अवसर प्रदान करता है। शास्त्रों में दीपावली के दिन को मनोरथ सिद्धि का दिन कहा गया है। यही वह दिन है जब अयोध्या वासियों की भगवान राम के अयोध्या लौटने की मनोकामना पूरी हुई थी। यही वह दिन है जब यंत्र-मंत्र, पूजन व साधना द्वारा देवताओं से मनोकामनायं पूरी करवाई जा सकती हैं। यही वह दिन है जो सुख, धन, सौभाग्य, सिद्धि व आरोग्य जीवन दे सकता है। इसी दिन सभी देवता प्रसन्न मुद्रा में होते हैं, अतः मांग लो जो मांगना है। दीपावली के दिन यदि जातक अपने ‘‘प्रसिद्ध नाम’’ के पहले अक्षर से अपनी राशि के अनुसार निम्न उपायों को करता है तो जातक अपने जीवन को धन धान्य, भाग्य, सुख समृद्धि से भरपूर कर सकता 1 धनदायक द्वितीयेश व एकादशेश के यंत्र पूजा कक्ष में स्थापित कर नित्य यदि उसके दर्शन व पूजन किये जायं तो मां लक्ष्मी की असीम कृपा प्राप्त होती है। 2 मंगलकारक लग्नेश व नवमेश के रत्न यदि चांदी के ‘‘श्री’’ बनवाकर उसके चारों ओर लगवाकर, लक्ष्मी जी के मंत्रों से अभिमंत्रित कर गले में धारण करें तो निश्चित ही धनलाभ, सौभाग्यलाभ लिया जा सकता है। 3 निम्न अन्य उपयोगी उपायों को भी दीवाली के शुभ दिन करने से मां लक्ष्मी मेहरबान रहती हैं।



महालक्ष्मी विशेषांक  नवेम्बर 2013

फ्यूचर समाचार पत्रिका के महालक्ष्मी विशेषांक धनागमन के शकुन, दीपावली पूजन एवं शुभ मुहूर्त, मां लक्ष्मी को अपने घर कैसे बुलाएं, लक्ष्मी कृपा के ज्योतिषीय आधार, दीवाली आई लक्ष्मी आई दीपक से जुड़े कल्याणकारी रहस्य, लक्ष्मी की अतिप्रिय विशिष्टताएं, श्रीयंत्र की उत्पति एवं महत्व, कुबेर यंत्र, दीपावली और स्वप्न, दीपावली पर लक्ष्मी प्राप्ति के सरल उपाय, लक्ष्मी प्राप्ति के चमत्कारी उपाय आदि विषयों पर विभिन्न आलेखों में विस्तृत रूप से चर्चा की गई है। इसके अतिरिक्त नवंबर माह के व्रत त्यौहार, गोमुखी कामधेनु शंख से मनोकामना पूर्ति, क्या नरेंद्र मोदी बनेंगे प्रधानमंत्री, संकल्प, विनियोग, न्यास, ध्यानादि का महत्व, अंक ज्योतिष के रहस्य तथा जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की जीवनकथा आदि अत्यंत रोचक व ज्ञानवर्धक आलेख भी सम्मिलित किए गए हैं।

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