अन्य पराविद्याएं


शुक्ल पक्ष शुक्रवार, शनिवार एवं पंच पक्षी के कार्य

सितम्बर 2014

व्यूस: 10616

प्रत्येक मनुष्य का जन्म या तो दिन अथवा रात्रि, कृष्ण पक्ष अथवा शुक्ल पक्ष एवं सप्ताह के किसी एक वार को होता है। पंच पक्षी पांच तात्त्विक स्पंदन के आधार पर पांच तरीके से शुक्ल पक्ष एवं कृष्ण पक्ष में चंद्र के बढ़ते एवं घटते कल... और पढ़ें

अन्य पराविद्याएंपंचांग

क्या स्वप्न सच होते हैं?

जून 2014

व्यूस: 10514

स्वप्नों के शुभ एवं अशुभ अर्थ लगाए जाते हैं। जीवन में जितने और जिस प्रकार के स्वप्न दिखाई देते हंै इन सबको लिपिबद्ध करना संभव नहीं है। स्वप्न एक ऐसा चलचित्र है जिसका न तो कोई प्रारंभ है न ही अंत। एक ही रात में मनुष्य ... और पढ़ें

अन्य पराविद्याएंसपने

दुः स्वप्न : कारण-प्रभाव-निवारण

मार्च 2010

व्यूस: 10308

भारतीय जयोतिष में सपनों की विस्तृत व्याख्या की गई है। सपनों में विभिन्न वस्तुओं, पशु पक्षियों आदि के किन अवस्थाओं में दिखाई देने का क्या अशुभ फल हो सकता है इसका संक्षिप्त विवरण यहां प्रस्तुत है।... और पढ़ें

अन्य पराविद्याएंसपनेविविधभविष्यवाणी तकनीक

तंत्र का इतिहास एवं यक्षिणी साधना

अकतूबर 2006

व्यूस: 10235

तंत्र के रहस्यों को अपनी साधना में प्रयोग कर हमारे प्राचीन साधकों ने अनेकानेक सिद्धियां प्राप्त कीं। अलग-अलग संप्रदायों ने अपने ढंग से तंत्र को समझा और अपनाया। तंत्र की यह अवधारणा कहां से आई और विभिन्न प्रकार की साधनाएं कैसे ... और पढ़ें

देवी और देवअन्य पराविद्याएंमंत्रविविध

तंत्र रहस्य और साधना में सफलता असफलता के कारण

अकतूबर 2014

व्यूस: 10183

तंत्र अपने आप में एक रहस्य का परिचायक है। भगवान शिव ने मनुष्य के कल्याण के लिए कुछ ऐसी विद्याओं का निर्माण किया जिनके माध्यम से मानव ही नहीं देवता और राक्षसों के द्वारा गुप्त विद्याओं के प्रयोग उनकी साधना के माध्यम से ... और पढ़ें

अन्य पराविद्याएंविविध

जीवन में शकुन की महत्ता

जून 2014

व्यूस: 10014

शकुन एक ऐसा जाना माना माध्यम है जो व्यक्ति के जीवन में होने वाली शुभाशुभ घटनाओं का संकेत बनता है। आदिकाल से व्यक्ति शकुन में विश्वास करता चला आ रहा है। शकुन को दो श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है। अशुभ से बचने क... और पढ़ें

अन्य पराविद्याएंशकुन

वृक्षों का वैदिक महत्व

अप्रैल 2004

व्यूस: 9468

पश्चिम के लोग तथा नये पढ़े-लिखे भारतीय भारत देश में प्रचलित वृक्ष पूजा का बड़ा मजाक उड़ाते हैं, जबकि स्वयं पूरे विश्व को क्रिसमस के दिन क्रिसमस ट्री की आराधना करने के लिए प्रेरित करते हंै। भारतीयों को पेड़-पत्ते का पुजारी कहा जाता है।... और पढ़ें

ज्योतिषअन्य पराविद्याएंअध्यात्म, धर्म आदि

अपशकुन क्या है

मार्च 2010

व्यूस: 9391

कार्य की अपूर्णता दर्शाने वाले लक्षणों हम अपशकुन मानते हैं। यहां पाठकों के लाभार्थ हेतु उपयोग की कुछ वस्तुओं, विभिन्न जीव जंतुओं, पक्षियों आदि से जुड़े कुछ अपशकुनों का विवरण प्रस्तुत है।... और पढ़ें

अन्य पराविद्याएंउपायशकुन

आकृति ही मनुष्य की पहचान है !

आगस्त 2014

व्यूस: 9142

अपने दैनिक-जीवन में हम जितने व्यक्तियों के संपर्क में आते हैं उनकी आकृति देखकर अंदाज लगा लेते हैं कि इनमें से कौन किस ढंग का है, उसका स्वभाव, चाल-चलन, चरित्र कैसा है? यह अंदाज बहुत अंशों तक सही ही उतरता है। मनुष्यों को पहचान... और पढ़ें

अन्य पराविद्याएंविविधभविष्यवाणी तकनीक

आग्नेय महापुराणोक्त ग्रह शांति यज्ञ विधि

सितम्बर 2010

व्यूस: 9086

आग्नेय पुराण में श्लोक संख्या एक से चौदह में ग्रह शांति के विधान हवन, मंत्र, समिधाएं, साकल्य आदि का स्वष्ट वर्णन किया गया है प्रस्तुत लेख में ग्रह को समर्पित भोग तथा दान का भी विधान बताया गया है।... और पढ़ें

अन्य पराविद्याएंविविध

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