brihat_report No Thanks Get this offer
fututrepoint
futurepoint_offer Get Offer
चार साल का बच्चा सुना रहा है पूर्व जन्म की कहानी

चार साल का बच्चा सुना रहा है पूर्व जन्म की कहानी  

चार साल का बच्चा सुना रहा है पूर्व जन्म की कहानी सीतामढ़ी, बिहार के शिवहर जिले के महुअरिया गांव में चार वर्षीय आयुष को अपनी पूर्व जन्म की सभी बातें बखूबी याद हैं। उसकी बातों को सुनकर परिजन ही नहीं बल्कि पूरा इलाका हैरत में है। प्रतिदिन हजारों की संखया में लोग उसकी बातों को सुनने के लिए गांव पहुंच रहे हैं। उदय चंद द्विवेदी के द्वितीय पुत्र आयुष बीते एक सप्ताह से पूर्व जन्म की बातों को धड़ल्ले से बखान कर रहा है। मां जता रही अनहोनी की आशंका : उसकी मां सुमन देवी बताती है कि पत्र-पत्रिकाओं में पढ़ा था कि कुछ लोगों को पूर्व जन्म की बातें याद रहती हैं। परंतु अब उनके माथे पर ही यह पड़ गया। वे किसी अनहोनी की आशंका व्यक्त करते हुए कहती हैं कि जो भी हो रहा है वह उनके परिवार के लिए अच्छा नहीं है। इधर, चार वर्षीय आयुष ने बताया कि पूर्व जन्म में उसका नाम उज्जैन सिंह था तथा उसकी पत्नी का नाम बेबी सिंह था। उसके पिता धीरेन्द्र सिंह और माता वीणा देवी थी। वे तीन भाई थे। जिनका नाम धीरज, नीरज व धर्मेन्द्र था। पिछले जन्म में दिल्ली में था भव्य आवास : उसका दिल्ली के एलमाल चौक के रोड नं-4 में भव्य आवास है तथा चांदनी चौक की गली नं-5 में भी एक मकान है, जहां उसके बड़े भाई नीरज सिंह रहते हैं। उसके पास दो मारुति कार, एक लाइसेंसी बंदूक तथा एक पिस्टल एवं कई मोबाईल फोन थे। उसकी तीन बहनें थीं और ससुराल बिहार के औरंगाबाद जिले में थी। आयुष का दावा है कि उसकी शादी का जोड़ा आज भी उसकी अलमारी में सजाकर रखा हुआ है। सोने वाले कमरे में उसका और उसकी पत्नी बेबी सिंह का संयुक्त फोटो टंगा हुआ है। पिछले जन्म में सरकारी भवनों को बनाता था : आयुष का कहना है कि वह पूर्व जन्म में भवन निर्माण विभाग में ठेकेदारी का कार्य करता था और सरकारी भवन बनवाता था। उसका कहना है कि उसने बाबा रामदेव का योग भी त्रिकुट गांव में सीखा था जो आज भी याद है। चार वर्ष की उम्र में ही आयुष अच्छी तरह से योग भी कर लेता है। वह कहता है कि एक बार उसका एक्सीडेन्ट हो गया था, जिसमें वह बुरी तरह घायल हो गया था। 21 सितंबर 2006 की सुबह उसे सांप ने काट लिया जिसके बाद परिजनों ने इलाज कराया और वह बेहोश हो गया, जिसके बाद उसे कुछ भी याद नहीं है। आयुष की मां सुमन देवी का कहना है कि यदि आयुष का कहना सत्य है तो इसकी मौत सांप के काटने से हुई है और 21 सितंबर 2006 के दोपहर में ही आयुष का जन्म हुआ था। हालांकि, उसके बताये गये जगह का सत्यापन कराया जा रहा है। (प्रस्तुति, दैनिक भास्कर इन्टरनेट साइट के सौजन्य से)


पुनर्जन्म विशेषांक  सितम्बर 2011

पुनर्जन्म की अवधारणा और उसकी प्राचीनता का इतिहास पुनर्जन्म के बारे में विविध धर्म ग्रंथों के विचार पुनर्जन्म की वास्तविकता व् सिद्धान्त परामामोविज्ञान की भूमिका पुनर्जन्म की पुष्टि करने वाली भारत तथा विदेशों में घटी सत्य घटनाएं पितृदोष की स्थिति एवं पुनर्जन्म, श्रादकर्म तथा पुनर्जन्म का पारस्परिक संबंध

सब्सक्राइब

.