पांच राज्यों के विधान सभा चुनावों में किसका खुलेगा भाग्य, किसका जाएगा ताज, किसको आएगी लाज

पांच राज्यों के विधान सभा चुनावों में किसका खुलेगा भाग्य, किसका जाएगा ताज, किसको आएगी लाज  

निर्वाचन आयोग पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीख घोषित कर चुका है। प्रत्येक राज्य में विभिन्न चरणों में मतदान होंगे। इन पांच राज्यों में से उŸार प्रदेश और उŸाराखंड का चुनावी परिदृश्य क्या होगा? किस राजनीतिक दल को कितनी सीटें मिलेंगी, यह देखने की कोशिश हम ग्रहांे-नक्षत्रों के आधार पर करेंगे। सर्वप्रथम देखते हैं कि प्रमुख राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टियांे तथा उनके नेताओं के ग्रह-नक्षत्र क्या कहते हैं? भाजपा: भाजपा का लग्नेश भाग्य स्थान में केतु के साथ शनि के घर में स्थित है। द्वितीयेश चंद्रमा ज्येष्ठा नक्षत्र में नीच भंग राजयोग बना रहा है। पंचमेश व व्ययेश शुक्र भी योगकारी है, पराक्रम स्थान में मंगल दो योगों का एक साथ सृजन कर रहा है। भाजपा की लग्नकुंडली में नीच भंग राजयोग, विपरीत राजयोग और पराक्रम स्थान में पराशरीय राजयोग के साथ ही चतुग्र्रही योग बन रहे हैं। भाग्य स्थान में स्थित बुध और केतु पराक्रम स्थान के शनि के साथ एक और राजयोग बना रहे हैं, इन्हीं राजयोगों के कारण भाजपा लोकसभा की दो सीटों से 137 सीटों पर पहुंची और अभी उसे एक बड़ा मुकाम प्राप्त करना है। इन्हीं योगों के कारण युवा भाजपा का 31 वर्षों का शानदार इतिहास है। दशमेश पराक्रम में व पराक्रमेश दशम में स्थित है। यह भी एक शानदार राजयोग है। इन्हीं योगों के कारण भाजपा राज्य एवं केंद्र में सरकार बनाती रहेगी। इस समय भाजपा की विंशोŸारी दशा में केतु के अंतर में पहले क्रमशः शनि और बुध के प्रत्यंतर रहेंगे। ग्रह गोचर में शनि तुला में, राहु भाजपा के जन्मांग में छठे घर में तथा केतु व्यय में, लाभ का वृहस्पति, पराक्रम का मंगल। ये सभी स्थितियां भाजपा को उŸाराखंड तथा उŸार प्रदेश में सŸाा में पहुंचाने में सफल होंगी। कांग्रेस: कांगे्रस की जन्म कुंडली में लग्नेश, बृहस्पति दोषी एवं कमजोर होकर लाभ में स्थित है, पंचमेश व्ययेश मंगल मकर राशि में स्थित है जो अधिक आत्मविश्वास देता है तथा परिवार या पार्टी में विरोध पैदा करता है, शनि, चंद्रमा पंचम में मतिभ्रम, दुसाहसी, समय के विपरीत चलने वाला बनाते हैं। भाग्य स्थान का केतु भी लाभ नहीं देता, रुकावटें पैदा करता है। सूर्य, बुध व्यय में तथा केंद्राधिपति दोष, बुधादित्य योग के साथ-साथ बन रहा है। गोचर में शनि लग्नेश के ऊपर से गुजरेगा, साथ ही सूर्य, बुध के ऊपर से उŸार प्रदेश, उŸाराखंड विधानसभा के चुनावों के समय राहु गुजर रहा होगा। केतु छठे घर में, भाग्य स्थान के केतु के ऊपर से मंगल का भ्रमण बहुत अच्छा परिणाम कांग्रेस को नहीं देने वाला है। कुछ सुधार अवश्य होंगे। विंशोŸारी दशा क्रम में राहु की दशा में राहु के अंतर में शुक्र का प्रत्यंतर पहले से अच्छा अवश्य करेगा। यह समय मार्च, अप्रैल, मई 2012 के लिए अच्छा है लेकिन मार्च 2012 तक अच्छा नहीं उŸाराखंड में कोई अच्छी सफलता नहीं मिलेगी। उमा भारती: उमा भारती जी के ग्रह नक्षत्र बहुत अच्छे हैं। उन्हें भी पार्टी ने उŸार प्रदेश चुनाव की कमान सांेपी है उनकी जन्म कुंडली में भी कई राजयोग जैसे पराशरीय राजयोग, नीच भंग राजयोग, उभयचरी, बुधादित्य योग, विपरीत राजयोग उनकी जन्म कुंडली में विद्यमान हैं उनका राजयोगकारी चंद्रमा है। विंशोŸारी दशा में सूर्य की अंतर्दशा चल रही है जिसका लाभ भाजपा को उŸार प्रदेश विधान सभा चुनाव अप्रैल, मई 2012 में मिलेगा। भाजपा दोनों राज्यों में सरकार बनाएगी। राहुल गांधी: राहुल गांधी की चंद्रमा की विंशोŸारी दशा तथा अंतर्दशाएं केतु की चुनाव के समय उन्हें 42 वर्ष 09 माह 14 दिन तक है जो कांग्रेस पार्टी को लाभ अवश्य पहुंचाएगी लेकिन दिग्विजय सिंह की शनि की विंशोŸारी दशा कोई बड़ा लाभ उŸार प्रदेश में नहीं देगी। गोचर में वृश्चिक का राहु, वृष का केतु, तुला का शनि, मेष का बृहस्पति राहुल गांधी पर प्रश्न चिह्न भी लगाएगें क्योंकि राहुल गांधी की शनि की साढ़े साती भी चल रही है जो अपमान भी करेगा दिग्विजय सिंह: इनकी इस समय शनि की विंशोŸारी दशा में बृहस्पति का अंतर चल रहा है। मीन लग्न की जन्म कुंडली में शनि पापी ग्रह माना जाता है। बृहस्पति पर भी दोष है। नीच का बुध भी इन्हें उŸार प्रदेश में सरकार नहीं बनाने देगा। मायावती: मायावती जी का लग्नेश सप्तम में, व्ययेश एवं पराक्रमेश बुध तथा द्वितीयेश रवि के साथ स्थित है जो कहीं से भी अच्छा नहीं कहा जा सकता है। भाग्येश व षष्ठेश बृहस्पति द्वितीय स्थान में कमजोर है जो अधिक धन की लालसा के कारण कई बड़ी-बड़ी परेशानियां खड़ी करता रहेगा तथा समय-समय पर अपमानित भी करता रहेगा। व्ययेश व पराक्रमेश बुध सप्तम में लंबे समय तक एक पद पर प्रतिष्ठित नहीं रहने देता है, कभी सŸाा में तो कभी सŸाा से बाहर भी करता रहेगा। पंचम में मंगल, राहु व शनि पराशरीय राजयोग भी बना रहा है। साथ ही शनि उसे भंग भी कर रहा है जो अच्छा नहीं है तथा भविष्य की कठिनाइयों की ओर संकेत कर रहा है जो 57 वर्ष 03 माह 15 दिन से शुरु होगी। उनकी जन्म कुंडली में बंधन योग भी है। गोचर में शनि चतुर्थ स्थान में राहु मंगल, शनि राहु के ऊपर से गुजरेगा जो अच्छा नहीं है। बृहस्पति राज्य में हानि करेगा। विंशोŸारी दशा में भी शनि की दशा में बृहस्पति का अंतर रहेगा जो बहुत अच्छा नहीं है अर्थात् उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी तो छोड़नी ही होगी। मुलायम सिंह: लग्नेश बारहवें घर में स्थित है जो अच्छा नहीं है। शनि अपनी नीच राशि में, द्वितीयेश सूर्य भी तुला में अच्छा नहीं। कुटुंबी या पार्टी के कार्यकर्ता सहयोगी समय-समय पर साथ छोड़ते रहते हैं पराक्रमेश व व्ययेश बुध चतुर्थेश व लाभेश शुक्र पंचम में अच्छे नहीं हैं। पंचमेश व दशमेश मंगल उच्च के राजयोग कारक है जो एक साथ दो राजयोग बना रहें हैं। विंशोŸारी दशा-क्रम में शुक्र की दशा में बुध का अंतर बहुत ही खराब है जो विधानसभा में पहला या दूसरा स्थान नहीं मिलने देगा। इनका समय 2014 तक अच्छा नहीं है। हां, अखिलेश सिंह जी का क्रांति रथ जनाधार में सुधार अवश्य करेगा, माननीय अजीत सिंह जी कांग्रेस को जरूर लाभ पहुंचाएंगे। निष्कर्ष: समस्त पार्टियों, सहयोगियों की संपूर्ण कुंडलियों के ग्रह-नक्षत्र, योगों की गणनाओं का अध्ययन करने पर जो स्थिति सामने आती है उसके अनुसार विधानसभा चुनाव 2012 (उŸाराखंड, फरवरी-मार्च 2012 तथा उŸार प्रदेश मार्च, अप्रैल मई 20 2012 के ग्रह गोचर के आधार पर) विधान सभा चुनाव 2012 में उŸाराखंड में भाजपा मुख्यमंत्री माननीय भुवन चंद्र खंडूड़ी जी तथा उŸार प्रदेश में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में दिखाई दे रही है। हां, कांग्रेस पार्टी व समाजवादी पार्टी अपनी स्थिति में सुधार अवश्य करेगी। बसपा माननीय मायावती जी सियासी दाव चलने पर भी कुछ नया नहीं कर पायेगी। 2013 के बाद उनका राजयोग समाप्त हो रहा है। न्यायालय के चक्कर लगाने पड़ेंगे। विशेष नोट: यह लेख ‘‘ज्योतिष एक विज्ञान है।’’ इस शोध प्रबंध को सत्य सिद्ध करने के उद्देश्य से लिखा गया है इसका किसी पार्टी व व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है, न ही यह किसी व्यक्ति या संस्था की प्रतिष्ठा को प्रभावित करने के उद्देश्य से लिखा गया है।


प्राणिक हीलिंग, रेकी एवं एक्यूप्रेशर विशेषांक  फ़रवरी 2012

फ्यूचर समाचार पत्रिका के प्राणिक हीलिंग, रेकी एवं एक्यूप्रेशर विशेषांक में एक्यूप्रेशर द्वारा उपचार करने की विस्तृत विधि, प्राणिक हीलिंग द्वारा चिकित्सा की विस्तृत विधि, स्पर्श, रंग, ऐरोमा, प्राकृतिक एवं संगीत द्वारा चिकित्सा विधि पर चर्चा की गई है। इस विशेषांक के अधिकतर आलेख जैसे रोग एवं उपाय, वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों पर एक सरसरी नजर, तनाव एवं रोगों से बचने का सशक्त उपाय है मंत्र, महामृत्यंजय यंत्र एवं मंत्र, आरोग्य और बल वृद्धि का साधन है प्राणायाम, सम्मोहन उपचार, एक्यूप्रेशर चिकित्सा का व्यवहारिक विवरण, एक्यूप्रेशर चिकित्सा में बरतें ये सावधानिया, चमत्कारिक चिकित्सा पद्धति सूजोक, रेकी उपचार, रेकी चिकित्सा में स्फटिक बाॅल की उपयोग विधि, चुम्बक चिकित्सा से रोगों का निदान, एरोमा थेरेपी, वास्तु ज्योतिष में रंग चिकित्सा, रोगों में रंगों का चमत्कार, एंजल चिकित्सा पद्धति आदि विशेष ज्ञानवर्द्धक हैं। इसके अतिरिक्त वर वधू का मिलान, वास्तु परामर्श, वास्तु प्रश्नोतरी, विवादित वास्तु, यंत्र समीक्षा/मंत्र ज्ञान, हेल्थ कैप्सुल, लाल किताब, ज्योतिष सामग्री, सम्मोहन, सत्यकथा, स्वास्थ्य, पावन स्थल, ग्रहों की कहानी आदि विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की गई है।

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