संजय दत्तः संघर्ष अभी बाकी...

संजय दत्तः संघर्ष अभी बाकी...  

संजय दत्त मुंबई बम विस्फोट के मामले में आज से 20-21 साल पहले किए कृत्य के लिए अठारह माह की सजा काटने के बाद जमानत पर रिहा हुए। उन्हें अवैध रूप से ए. के 56 राइफल, हथगोले, 9 एम. एम. पिस्तौल अपने घर पर रखने और मुंबई बम कांड के सूत्रधारों के संग मिलीभगत होने के उन पर गंभीर आरोप लगे। अपने ऊपर लगे गंभीर आरोपों को लोगों के दिलो-दिमाग से धुंधला करने में काफी हद तक संजय दत्त सफल हो चुके हैं। परंतु सुप्रीम कोर्ट के विद्वान, काबिल न्यायाधीश माननीय श्री प्रमोद दत्ताराम कोडे ने उनके मामले को बम कांड के समूचे मुकदमे के परिप्रेक्ष्य में देखते हुए उन्हें प्रमुख अभियुक्तों से संबंध और उनसे मिले हथियार रखने के मामले में दोषी पाया और कम से कम छह साल की बामशक्कत सजा सुनाई। जनवरी/फरवरी 2006 में संजय दत्त सुप्रीम कोर्ट गये, (21 मार्च 2013)। उन्हें 2006 में जमानत मिल गयी, वे 23 मार्च 2013 तक जमानत पर थे, 21 मार्च 2013 को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें दोषी मानते हुए पहले की मिली सजा से एक वर्ष कम करते हुए पांच वर्ष की सजा सुनाई, लेकिन कुछ माननीय महानुभावों जैसे जस्टिस मार्कण्डेय काटजु, श्री अमर सिंह एवं जयाप्रदा आदि उनकी सजा की माफी के लिए माननीय राष्ट्रपति जी, राज्यपाल जी, प्रधानमंत्री जी से क्षमा याचना कर रहे हैं। अब प्रश्न यह है कि संजय दत्त की सजा क्या माफ हो जाएगी? इस संबंध में संजय दत्त के ग्रह नक्षत्र क्या संकेत दे रहे हैं? संजय दत्त का जन्म 29 जुलाई 1959 को उस समय के मशहूर सिने कलाकार सुनील दत्त और मदर इंडिया के उपनाम से विख्यात नरगिस के घर बांद्रा, मुंबई में हुआ था। उनका लग्नेश, षष्ठेश मंगल राज्य में व्ययेश सप्तमेश शुक्र के साथ उग्र राशि सिंह में स्थित है। मंगल की दोनों राशियां खाली हंैं, राज्य में मंगल को बहुत शक्तिशाली माना जाता है और उस मंगल की दृष्टि लग्न पर चतुर्थ भाव और पंचम स्थान पर पूर्ण होने से, चंद्रमा के केंद्रीय प्रभाव के कारण संजय दत्त के मन मस्तिष्क पर कहीं न कहीं अपराध और अपराधी बसा हुआ था। जब उन्होंने यह अपराध किया था उस समय उनकी उम्र लगभग 34-35 वर्ष थी। उन्हें अपराध बोध था लेकिन अभिजात वर्ग के अहंकार ने यह सब करवाया। द्वितीय स्थान का शनि बृहस्पति के घर में है, जो विवेक के स्थान पर अहंकार को जन्म देता है। घर कुटुंब की परवाह न करके स्वच्छंदता को जन्म देता है, कुटुंब को परेशानी या कुटंब जनों को परेशानी दर्शाता है। पराक्रमेश सुखेश शनि कमजोर हो गया है अर्थात व्यक्ति अपने आप स्वयं ही परेशानियों को जन्म देता है। चतुर्थेश शनि चतुर्थ स्थान को पूर्ण दृष्टि से देख रहा है अर्थात कार, वाहन, मकान, जमीन सभी भौतिक सुख सुविधायें मौजूद हैं। पंचम स्थान के केतु और मंगल, राहु की दृष्टि ने इनकी सोच बदली। शिक्षा में रूकावटें आयीं, इन्हें असुरक्षित, तन्हा बनाया। समाज के विरूद्ध चलने को मजबूर किया। गलत लोगों की दोस्ती मिली, नफरत पैदा की चतुर्थ स्थान के दोनों ओर शनि और केतु ने, चतुर्थ स्थान पर मंगल की दृष्टि ने माता का सुख छिना, अकेलापन दिया, पत्नी के सुख को भी छीन लिया। सप्तम स्थान का चंद्रमा और चंद्रमा के दोनों ओर ग्रह न होने से केमदु्रम योगों के कारण इन योगांे ने इन्हें जेल पहुंचाया। संजय दत्त की दिशा-दशा बदलकर रख दी। वे आज इस हाल में पहुंच गये हैं। चंद्रमा भाग्येश होने के कारण उसने इन्हें सेलेब्रिटी, नामी गिरामी हस्ती बनाया। लोगों की सहानुभूति भी दिलाई, शासन-सत्ता से राहत भी दिलाई। इन्हीं ग्रह योगों के कारण टाडा अदालत ने उन्हें आतंकवादी नहीं माना और सुप्रीमकोर्ट ने उनकी सजा एक वर्ष माफ भी कर दी। चंद्रमा की पूर्ण दृष्टि लग्न पर है। लग्न में उसकी नीच राशि है। कर्क राशि में अष्टमेश, लाभेश बुध और दशमेश सूर्य होने से इन ग्रह योगों ने संजय दत्त को लाचार, भयभीत किया और हथियारों तथा आतंकवादियों की तरफ मोड़ दिया। शुक्र-मंगल की दशम स्थान में युति उनके व्यवसाय की दृष्टि से तो अच्छी है, लेकिन उनका व्यवहार, मित्रता, चरित्र संदिग्ध बन गया है। दशमेश सूर्य दशम से अपने घर से व्यय में अष्टमेश लाभेश के साथ होने से वे नायक से खलनायक बन गये। भाग्येश चंद्रमा सप्तम में और भाग्य में बुद्धादित्य योग ने कला के क्षेत्र में अद्वितीय सफलता तो दी साथ में अस्थिरता, अच्छा-बुरा, सम्मान-अपमान सब दे दिया। लाभ स्थान का राहु लाभ के लिए अच्छा है। लेकिन विंशोत्तरी दशा क्रम में राहु की दशा में लगभग 32, 33 वें वर्ष, सितंबर 1992 में उन्होंने पहला अपराध किया और 1993 में दूसरा भी कर दिया, वर्तमान समय में बृहस्पति की दशा चल रही है और अंतर में फिर 18 दिसंबर 2011 से 12 मई 2014 तक राहु का ही अंतर है, इस समय संजय दत्त को जेल जाना ही पड़ेगा, यह समय जीवन का सबसे खराब समय होगा। वैसे माननीय मार्कंडेय काटजू और अमर सिंह, जयाप्रदा जी, साबरमती संस्था द्वारा उनकी सजा की माफी के लिए माननीय राष्ट्रपति जी, भारत सरकार, माननीय राज्यपाल जी, महाराष्ट्र सरकार एवं भारत सरकार से प्रार्थना की जा चुकी है कि संजय दत्त ने इन बीस वर्षों में अपने व्यवहार और कार्यों द्वारा एक आदर्श प्रस्तुत किया है। वे अब सुधर गये हैं, उनकी पारिवारिक जिम्मेवारियों को देखते हुए और उनके कार्य, व्यवहार को देखते हुए उन्हें माफी दे दिए जाने की वकालत की जा रही है। लेकिन उनके ग्रह-नक्षत्रों के अनुसार अप्रैल 2013 से 12 मई 2014 तक संजय दत्त को कोई राहत या माफी मिलेगी ऐसा नहीं लगता है।


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