कैसे रहेंगे उमाभारती के तेवर

कैसे रहेंगे उमाभारती के तेवर  

उमा भारती मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री फिर से बनना चाहती थीं, लेकिन संघ और भाजपा की नाराजगी के कारण पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया, बल्कि उनके प्रबल विरोधी शिवराज सिंह चैहान को मुख्यमंत्री बना दिया जिसके कारण वह भड़क उठीं और उन्होंने अपनी एवं पार्टी की मर्यादाओं को तोड़कर पार्टी अध्यक्ष तथा संघ प्रमुख से पंगा ले लिया। फलस्वरूप उनके पार्टी में बने रहने तथा भविष्य में कोई महत्वपूर्ण पद मिलने की सभी संभावनाएं समाप्त हो गईं। अब वह एक नई पार्टी का गठन कर चुकी हैं। राम मंदिर आंदोलन के बाद से ही उमा भारती की छवि एक धार्मिक प्रवृत्ति की नेत्री की रही है और नई पार्टी बनाने के मौके पर भी वह इसे प्रदर्शित करने से नहीं चूकीं। दिल्ली के विट्ठल भाई पटेल हाउस में पार्टी का दफ्तर तैयार किया जा चुका है। यहां पहले से राष्ट्रीय जनता दल, समता पार्टी और पैंथर्स पार्टी के दफ्तर हैं। उमा भारती को पार्टी चलाने के लिए फिलहाल धन का कोई संकट नहीं है। पार्टी के अस्तित्व में आने से पहले उसके खाते में 40-45 लाख रुपये जमा हो चुके हैं। उनके चार सौ समर्थकों ने उन्हें दस-दस हजार रुपये दान दिए हैं। लेकिन एक राजनीतिक पार्टी को चलाने के लिए धन के साथ-साथ राजयोगों की भूमिका भी अहम होती है। उमा भारती तथा उनकी नव गठित पार्टी की जन्मकुंडलियों का एक साथ विश्लेषण प्रस्तुत है। संवत् 2063 शक: 1928 वैशाख शुक्ल पक्ष घातयोग तीज तिथि में पार्टी का गठन हुआ। पार्टी के जन्म समय ग्रह योग अच्छे हैं। कई राजयोगों का सृजन एक साथ हुआ है। इस कुंडली में धर्मकर्माधि योग, महालक्ष्मी, नीच भंग राजयोग, दुरुधरा योग, उभय चारी योग तथा पराशरीय राजयोग के सृजन तथा कुंडली के तीन ग्रहों के उच्च के होने से कुंडली शसक्त है। लेकिन सन् 2009 तक विंशोत्तरी तथा योगिनी दशाएं अच्छी नहीं हैं। ऐसे में उनके पार्टी सदस्य आगामी लोक सभा तथा विधान सभा चुनावों में विजयी होंगे, इसमें संदेह है। उमा भारती का जन्म 3 मई 1959 को मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के टूड्डा नामक गांव में कुंभ लग्न तथा कुंभ राशि में हुआ। उनका लग्नेश शनि लाभ स्थान में बैठकर लग्न को पूर्ण दृष्टि से देख रहा है। चंद्रमा षष्ठेश होकर लग्न में स्थित है। इसलिए उनके कार्य क्षेत्र में पार्टी या सामान्य जीवन में शत्रु अधिक थे और रहेंगे भी। चंद्रमा के कारण सुनफा एवं गजकेशरी योग बन रहे हैं। चंद्रमा पर बृहस्पति एवं शनि की दृष्टि के कारण उमा भारती मंत्री, मुख्यमंत्री और अब नई पार्टी की अध्यक्ष बन गई हैं। चंद्रमा लग्न में योगकारी है जिसके कारण उन्हें नाम, सम्मान एवं एक धार्मिक नेता के रूप में देश-विदेश में ख्याति एवं राज सम्मान प्राप्त हुआ। द्वितीयेश लाभेश बृहस्पति के कारण उन्हें इतनी सफलता तथा समृद्धि प्राप्त हुई। आज भी उनके पास धन की कोई कमी नहीं है, आज वे एक नई पार्टी बनाने में सफल हुई हैं, आज उनके पास लाखों की संख्या में समर्थक तथा हजारों की संख्या में कार्यकर्ता मौजूद हैं। इसी गुरु के कारण उनकी एक कुशल नेत्री की स्वच्छ छवि है, तथा वह बड़ी धार्मिक प्रवृत्ति की महिला हैं। तृतीयेश दशमेश मंगल पंचम में अपार जनसमर्थन दिला रहा है। सन 2013 के बाद पार्टी के उम्मीदवारों तथा प्रत्याशियों को भी उनके इस योग का लाभ मिलेगा। चतुर्थेश नवमेश शुक्र मालव्य योग एवं पराशरीय राजयोगों का एक साथ सृजन कर रहा है। इसके कारण जन सहयोग द्वारा राज्य की प्राप्ति का योग बनता है, अर्थात भविष्य में सन् 2013 के बाद उनकी पार्टी को अन्य पार्टियों की सहायता से सत्ता का सुख मिलेगा तथा उनकी पार्टी से कई अच्छे नाम वाले नेता जैसे पूर्व मुख्यमंत्री, मंत्री, राज्यपाल आदि जुड़ेगें। धीरे-धीरे 2013 के बाद पार्टी का महत्व बढ़ेगा। सप्तमेश सूर्य उच्च राशि में होकर पराक्रम में स्थित है, जिससे सहयोगियों और अपने से उच्च लोगों से उनके विचार नहीं मिलेंगे। वह अति महत्वाकांक्षी, दबंग और हठी महिला हैं जो नव सृजित पार्टी के लिए और साथ में उनके लिए अच्छा नहीं है। उन्हें अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना चाहिए। अष्टम स्थान का राहु अच्छा नहीं है जिसका उनके स्वास्थ्य एवं कार्यों पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। उनके खिलाफ साजिशें होंगी, उन्हें अचानक कोई झटका लग सकता है। 1 मई 2006 से 2013 का समय उमा भारती के लिए अच्छा नहीं है। वे प्रसिद्धि, नाम, सम्मान, धन एवं जन-समर्थन अवश्य पाएंगी, लेकिन छठे स्थान में बृहस्पति के कारण संसद या विधान सभा में बहुमत सिद्ध नहीं कर पाएंगी अर्थात अपने उम्मीदवारों को चुनाव में विजय नहीं दिला पाएंगी। अतः 1 मई 2006 से 2013 तक नेष्ट ग्रह कि विंशोत्तरी दशा एवं योगिनी दशा के कारण कोई बड़ी सफलता या उपलब्धि नहीं मिल पाएगी। इस समय केवल संघर्ष एवं प्रसिद्धि योग है। अतः उमा भारती को इस समय हर प्रकार से सचेत एवं सावधान रहना चाहिए तथा स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए। यह समय स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। उन्हें मानसिक कष्ट भी हो सकता है।


पराविद्याओं को समर्पित सर्वश्रेष्ठ मासिक ज्योतिष पत्रिका  जुलाई 2006

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