यू. पी. ए. सरकार

यू. पी. ए. सरकार  

व्यूस : 2508 | दिसम्बर 2011

यू. पी. ए. सरकार आज समय-समय पर विवादों से घिरी हुई है। भ्रष्टाचार तथा महंगाई देश के लिए मुख्य मुद्दा बना हुआ है। अतः आज के समय में सरकार को अपनी शाक बचानी मुश्किल हो रही है। ऐसे स्थिति में यू. पी. ए. सरकार का भविष्य क्या है। इसको देखते हैं ज्योतिष के नजर से। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार (द्वितीय पारी) 22 मई 2009 जब से अस्तित्व में आयी तब से विवादों में घिरी रही, जबकि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन जब पहली बार 22 मई 2004 में केंद्र में अस्तित्व में आयी थी उस पर भी तीन वर्ष छः माह बाद सहयोगी पार्टी द्वारा प्रश्न चिह्न लगने लगे थे

फिर भी उस सरकार ने संसद में मत विभाजन में जीत हासिल कर ली थी भले ही उस सरकार को बचाने का तरीका बहुत ही गलत था। मााननीय मनमोहन सिंह जी ने अपना कार्यकाल पूर्ण किया, अप्रैल मई 2009 में फिर लोक सभा चुनाव, माननीय सिंह जी की अध्यक्षता में ही लडे़ गये और उन्हें फिर दुबारा सत्तासीन होने में सफलता भी मिली चुनाव प्रचार के समय उन्हें माननीय लालकृष्ण आडवाणी जी द्वारा बार-बार कमजोर प्रधानमंत्री कहने पर भी जनता ने उन पर और उनकी इमानदार छवि पर भरोसा जताया और उन्हें दोबारा प्रधानमंत्री बनाया, लेकिन आगे ग्रह गोचर और वर्ष बदलने पर उनकी स्थिति, केंद्रीय सरकार और माननीय मनमोहन सिंह जी की ग्रह स्थिति बहुत कमजोर होने वाली है।

22 मई 2009 को राष्ट्रपति भवन का एतिहासिक अशोका हाॅल में 6 बजकर 30 मिनट सायं, त्रयोदशी तिथि शुक्रवार आश्विन नक्षत्र सौभाग्य योग, साथ में उस दिन भद्रा भी थी। अतः इस दिन का चयन ज्योतिषीय आधार पर गलत था। दशा विंशोत्तरी में केतु और योगिनी में भ्रामरी की थी। शपथ ग्रहण कुंडली के अनुसार लग्नेश षष्ठेश मंगल पंचम में व्ययेश सप्तमेश शुक्र के साथ मीन राशि में अच्छा नहीं जो इस सरकार को अपना कार्यकाल पूर्ण नहीं करने देगा इस सरकार पर गठबंधन के साथियों द्वारा भिन्न-भिन्न प्रकार के दबाव रहेंगे जो इस समय दिख भी रहे हैं। सरकार के सहयोगी पार्टियों द्वारा अनावश्यक हस्तक्षेप दबाव, कार्यों के कारण यह केंद्रीय सरकार बुरी तरह बदनाम हो चुकी है इसका पांच साल चलना असंभव है।


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द्वितीयेश पंचमेश वृहस्पति चतुर्थ स्थान में कमजोर तथा ‘‘स्थान हानि करो जीवः’’ जिस कारण विकास दर बढ़ी भी थी लेकिन शनि की पूर्ण दृष्टि के कारण फिर विकास दर गिरेगी महंगाई सरकार के कुप्रबंधन के कारण सरकार के लिए असाध्य असहाय बीमारी बन गयी है। यह महंगाई, पराक्रम स्थान के राहु द्वारा सत्ता का दुरुपयोग आपसी कलह, गलत बयानबाजी के कारण केंद्रीय सरकार की साख दिन दुगनी रात चैगनी गिर रही है।

और जनता इसे अराजक, अलोकतांत्रिक मान रही है इसके सभी कार्य एवं निर्णय विवादित माने जा रहे हैं। शपथ ग्रहण कुंडली का भाग्येश चंद्रमा छठे घर में शत्रु स्थान में होने से जनता का केंद्रीय सरकार से धीरे-धीरे मोह भंग हो रहा है, तथा इस पर आगे भी प्रश्न चिह्न लगते रहेंगे। जिस कारण नवंबर-दिसंबर 2011 में माननीय डाॅ. मनमोहन सिंह जी पर पद त्यागने का दबाव बढ़ जाएगा वे मानसिक व शारीरिक रूप से आहत नजर आएंगे। सप्तम स्थान में बुध सूर्य जिसमें कि बुध अष्टमेश लाभेश दशमेश सूर्य के साथ अच्छा नहीं है, नवंबर 2011 से जून 2012 तक संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के सहयोगी केंद्रीय सरकार से अपना समर्थन वापस ले लेंगे।

सरकार गिर जाएगी भाग्य स्थान का केतु और भाग्येश छठें घर में, मंगल सूर्य के बीच मान प्रतिष्ठा के लिए अच्छा नहीं कहा जा सकता है। इसलिए जब से यह केंद्रीय सरकार अस्तित्व में आयी यह विवादों, आरोपों में घिरी रही जो भविष्य कि दृष्टि से अच्छा नहीं का जा सकता है। दशम स्थान का शनि जो कि वक्री है, साथ ही अपने से सप्तम में स्थित है जो यह सूचित कर रहा है। इस सरकार के लिए शीतकालीन सत्र अच्छा नहीं, एक दो नये भ्रष्टाचार के मुद्दे विपक्ष और उठा सकता है।

जो माननीया सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी जी को भी प्रभावित करेंगे। माननीय राहुल गांधी को 2012 में प्रधानमंत्री बनाया जा सकता है। जो पार्टी के लिए अच्छा नहीं होगा। नवंबर दिसंबर 2011 को माननीय मनमोहन सिंह जी पर और आरोप लगेंगे 2012 में वे प्रधानमंत्री का पद छोड़ देंगे। सन् 2012-2013 में मध्यावधि चुनाव होंगे, जो कांग्रेस पार्टी के लिए अच्छे नहीं होंगे।


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वास्तु विशेषांक  दिसम्बर 2011

वास्तु शास्त्र भारत की एक प्राचीन गूढ विद्या है। वास्तु शास्त्र का आधार मानव जीवन में संतुलन का प्रतिपादन करना है। वास्तु का मूलभूत सिद्धांत प्रकृति के सूक्ष्म एवं स्थूल प्रभावों को मानव मात्र के अनुरूप प्रयोग में लाना है।

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