वास्तु एवं अंक ज्योतिष

वास्तु एवं अंक ज्योतिष  

व्यूस : 5538 | दिसम्बर 2011
वास्तु एवं अंक-ज्योतिष दलीप कुमार वास्तु शास्त्र जीवन जीने की कला है। वास्तु के नियम वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित हैं। वास्तु नियमों के सही इस्तेमाल से घर में रहने वाले सभी व्यक्तियों के जीवन में शुभ प्रभाव पड़ता है। ज्योतिष मंे जन्मकुंडली में स्थित ग्रहों के आधार पर जातक का भाग्य निर्धारित होता है, लेकिन वास्तु, भवन में रहने वाले सभी सदस्यों को प्रभावित करता है। वास्तु सम्मत भवन में रहने से तत्काल परिणाम नहीं मिलते हैं, लेकिन समय के साथ धीरे-धीरे शुभ फल प्राप्त होने लगते हैं। अंक-ज्योतिष में ‘9’ अंक होते हैं, जिनका संबंध नव ग्रहों से होता है। व्यक्ति का जन्मतारीख से मूलांक ज्ञात किया जाता है। यदि जन्मतिथि 9 से अधिक हो तो जन्मतिथि के अंकों को जोड़कर मूलांक बना लें जैसे जन्मतिथि 14 का मूलांक 1$4 = 5 है। सभी मूलांक किसी न किसी ग्रह से प्रभावित होते हैं। जैसे मूलांक ‘1’ हो तो व्यक्ति के जीवन में स्वामी ग्रह सूर्य का प्रभाव रहता है। यदि व्यक्ति का मूलांक ‘8’ हो तो उसके जीवन में स्वामी ग्रह शनि का प्रभाव रहता है। प्रत्येक मनुष्य पर स्वामी ग्रह का प्रभाव जीवन भर रहेगा व ग्रह से संबंधित विशेषताएं पायी जाती हैं। प्रत्येक मूलांक व उसके स्वामी ग्रह निम्नलिखित हैं- मूलांक स्वामी ग्रह 1 सूर्य 2 चंद्र 3 बृहस्पति 4 हर्शल/राहु 5 बुध 6 शुक्र 7 केतु/नेप्च्यून 8 शनि 9 मंगल व्यक्ति की जन्मतारीख से मूलांक प्राप्त किया जाता है जिससे व्यक्ति के स्वभाव, रूचि, व्यवहार, शक्ति व आर्थिक स्थिति के बारे में पता चलता है। लेकिन जन्मतिथि में तारीख, महीना व साल के अंकों को जोड़ने से भाग्यांक प्राप्त होता है। भाग्यांक से व्यक्ति के भविष्य में होने वाली घटनाआंे की जानकारी प्राप्त होती है। भाग्यांक को (क्मेजपदल छनउइमत) भी कहते हैं। जैसे, जन्मतिथि 03 जुलाई 1957 का मूलांक ‘3’ है तथा भाग्यांक 3$7$1$9$5$7 = 32 = 3$2 = ‘5’ है। मूलांक व भाग्यांक को कभी भी किसी प्रक्रिया से बदला नहीं जा सकता है। वास्तु व अंक ज्योतिष का गहरा संबंध है। वास्तु नियमों के अनुसार यदि मकान का अंक परिवार के मुखिया के भाग्यांक से मित्रता पूर्वक संबंध रखता है तो मकान परिवार के सदस्यों के लिए विशेष लाभप्रद होता है। मकान के अंक बताते हैं कि मकान में रहने वाले व्यक्ति को मकान शुभ फल देगा या नहीं। मकान बार-बार बदलना तो नहीं पड़ेगा। मकान में भौतिक सुख-सुविधाएं प्राप्त होंगी या नहीं। मकान में रहने वाले सभी सदस्यों में प्रेम भाव होगा या नहीं। मकान में रहने वाले व्यक्ति को रोग-बीमारियां तो नहीं होंगी। कई घरों में परिवार के सभी सदस्य आपस में बिना बात किये वर्षों तक एक ही छत के नीचे रहते हैं। मकान का अंक अपने आप मंे बहुत महत्वपूर्ण है जिससे मकान में रहने वालों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होती है। परिवार के मुखिया का स्वभाव, रहन-सहन, व्यवहार कैसा है, यह मकान के नंबर से पता चलता है। आपकी जानकारी के लिए मकान के अंकों में रहने वाले व्यक्तियों के बारे में संक्षिप्त विवरण निम्नलिखित है- मकान-1 में रहने वाले व्यक्ति साहसी होंगे, इरादे मजबूत होंगे। उनमें नेतृत्व क्षमता होगी। सबकी बातें सुनेंगे, लेकिन कार्य अपने दिमाग से निर्णय लेने के बाद करते हैं। स्वतंत्र प्रवृति के होते हैं और हर कार्य में पहल करने वाले होंगे। व्यक्तित्व आकर्षित होगा लेकिन थोड़े घमण्डी स्वभाव के होंगे। सŸाा पर आसीन या सŸाा के नजदीक लोगों से संपर्क होगा। किसी उच्चपद पर कार्यरत होंगे। दार्शनिक प्रवृति के होंगे। दृढ़ इच्छा शक्ति वाले होंगे। व्यवहार सभी से मित्रता पूर्ण होगा लेकिन मान-सम्मान की इच्छा अधिक रखते हैं। मकान-2 में रहने वाले व्यक्ति शांति प्रिय स्वभाव के होंगे। दूसरों की सहायता करने वाले होंगे। यह लोग कूटनितिज्ञ होते हैं। किसी काम में पहल नहीं करेंगे लेकिन पीछे चलेंगे, हर कदम पर साथ पूरा देते हैं। यह लोग मिलनसार होते है। भावुकता इनमें अधिक होती है, धैर्य की कमी होती है। उतावलापन अधिक होता है। धार्मिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं किसी से शत्रुता भाव नहीं रखते हैं। मकान-3 में रहने वाले व्यक्ति धनी, खुशहाल व आरामदायक जिंदगी व्यतीत करने वाले होते हैं यह लोग सदैव अपने विचारों को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करने वाले होते हैं। इन लोगों की कल्पनाशक्ति अधिक होती है। महत्वाकांक्षी होते हैं तथा उच्चपद पर होते हैं। ये लोग ज्ञानी, प्रतिभावान व कानून प्रिय होते हैं, इनका यश दूर-दूर तक फैलता है बहुत धार्मिक होते हैं। मकान-4 में रहने वाले अनुशासन प्रिय होते है लेकिन दूसरों पर अधिकार जताने वाले भी हाते हैं हमेशा दूसरों की सेवा करने में तत्पर रहते हैं लेकिन धन को सोच-समझकर खर्चा करने वाले होते हैं तथा सभी कार्यों में एक सीमा तय करके कार्य करते हैं प्रायः यह लोग रहस्मयी होते हैं। मकान-5 में रहने वाले व्यक्तियों की सोच स्वतंत्र होती है। यह दूसरों के कहने पर न चलकर अपने मन से कार्य करने में विश्वास रखते हैं। बदलाव पसंद, फुर्तीले, बहुत सारी जिम्मेदारियां स्वीकार करने वाले, दूरदर्शी, ज्ञानी, आगे की सोच चलते हैं। यह लोग बहुत फुर्तीले होते हैं तथा बहुत सारी जिम्मेदारियां स्वीकार कर लेते हैं यह बहुत दूरदर्शी होते हैं। यह लोग बहुत ज्ञानी हाते हैं तथा जीवन में बहुत तेजी से बदलाव लाते हैं। इनके जीवन में स्थिरता नहीं होती है। मकान-6 में रहने वाले कला प्रेमी होते हैं। घर परिवार से प्रेम करने वाले होते हैं। सभी प्रकार की जिम्मेदारियां स्वीकार करने वाले होते हैं। हमेशा दूसरों की सहायता में तत्पर रहते हैं समाज प्रेमी, सहानुभूति वाले, इंसानियत से भरपूर होते हें। घर की सजावट पर धन अधिक खर्च करते हैं। इनके घर में सजावट बहुत अधिक होती है। दीवारों पर कलात्मक चित्र फूलों की पेटिंग लगी होती है। खिड़कियों व दरवाजों के पर्दे साफ सुथरे होते हैं। घर में साफ सफाई बहुत अधिक होती है। कहीं किसी प्रकार की धूल-मिट्टी नजर नहीं आती है। समाज प्रेमी होते हैं, सभी से सहानुभूति रखते हैं। मकान-7 में रहने वाले बुद्धिमान, शांत, लेखक, पढ़ाई-लिखाई में व्यस्त, ध्यान योग में लिप्त, दूसरों को समझने वाले, हर बात को गहराई से सोचने वाले, एकांतप्रिय होते हैं। दूसरों को समझने की कोशिश करते हैं तथा हर बात को गहराई से सोचने वाले होते हैं अपना अधिक समय एकांत में व्यतीत करते हैं। धार्मिक प्रवृति के होते हैं, अदृश्य शक्तियों व तंत्र-मंत्र को समझने की कोशिश करते हैं। मकान-8 में रहने वाले व्यक्तियों में दूसरों को परखने की क्षमता अधिक होती है। यह व्यक्ति व्यापारिक बुद्धि वाले होते हैं। अपने जीवन के लक्ष्य निर्धारित करके जीवन जीते हैं। तथा उस लक्ष्य को प्राप्त करने में प्रयत्नशील रहते हैं। न्यायप्रिय, संगठनकर्ता, भौतिक सुखों की चाह रखने वाले होते हैं। लेकिन उनका घर अस्त व्यस्त रहता है। यह न्यायप्रिय होते हैं तथा अन्य लोगों से भी अपेक्षा करते हैं कि वे भी अनुशासित रहें। अच्छे संगठनकर्ता होते हैं किसी के साथ कभी अन्याय नहीं करते हैं और न ही चाहते हैं कि कोई अन्य व्यक्ति उनके साथ अन्याय करें। मकान-9 में रहने वाले व्यक्तियों में बड़े-बड़े कार्यों को करने की क्षमता होती है यह लोग बहुत दयालु होते हैं। इनमें सहनशीलता अधिक होती है। यह लोग आध्यात्मिक प्रवृति के होते हें। सभी कार्यों को कलात्मक तरीके से करते हैं। दूसरों की सहायता में तत्पर रहते हैं तथा प्रत्येक कार्य में संपूर्णता चाहने वाले होते हैं। यदि व्यक्ति का भाग्यांक मकान के अंक का मित्र अंक है तो शुभ फल प्रदान होते हैं और शत्रु अंक होगा तो अशुभ फल प्राप्त होते हैं नीचे दी गई तालिका के अनुसार जान सकते हैं कि भाग्यांक व मकान का अंक मित्र है या नहीं। मित्र-शत्रु तालिका अंक स्वामी मित्र अंक शत्रु अंक 1 सूर्य 2,3,4,5 5,8 2 चंद्र 1,3,7,9 5,8 3 बृहस्पति 1,3,6,7,9 4,5,8 4 राहु 5,6,8 9 5 बुध 1,3,6 2,9 6 शुक्र 3,9 1,2 7 केतु 1,2,3,9 4,5,8 8 शनि 4,5,6 1,2,7,9 9 मंगल 1, 2,3,6,7 4,5,8

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वास्तु विशेषांक  दिसम्बर 2011

वास्तु शास्त्र भारत की एक प्राचीन गूढ विद्या है। वास्तु शास्त्र का आधार मानव जीवन में संतुलन का प्रतिपादन करना है। वास्तु का मूलभूत सिद्धांत प्रकृति के सूक्ष्म एवं स्थूल प्रभावों को मानव मात्र के अनुरूप प्रयोग में लाना है।

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