प्रश्नः- पंडित जी प्रणाम ! हमें बहुत दिनों के प्रयास के बाद यह फ्लैट हमारे बजट में मिल रहा है। यह सोसाइटी भी अच्छी है, हमारे दफ्तर की बस भी आती है तथा यह घर हमारी सब जरूरतों को भी पूरा करता है। कृपया बतायें इसका वास्तु कैसा है ? शालिनी शर्मा, बैंगलोर उत्तरः- प्रिय शालिनी जी, इस घर का प्रवेश द्वार, शयन कक्ष, बैठक, रसोई व एक शौचालय वास्तु के अनुरूप कहा जा सकता है। शयन कक्ष 2 के साथ शौचालय भी चल सकता है। परन्तु यह घर करेंसी नोट की तरह समचैरस नहीं है, क्योंकि सुख से जीवन-यापन व स्थिरता के लिए, सबसे महत्वपूर्ण पश्चिम व दक्षिण-पश्चिम भाग कटा हुआ है। यह किराये पर रहने के लिए तो ठीक है लेकिन किसी भी परिस्थिति में इसे नहीं खरीदना चाहिए। इनकी अनुपस्थिति से सेहत व धन दोनों की हानि होने की सम्भावना रहती है। आपसी सम्बन्धों के लिए भी यह कटाव बहुत हानिकारक है। हम समझ सकतें हैं कि पूर्णतया वास्तु अनुरूप फ्लैट मिलना मुश्किल है, परन्तु आजकल बैंगलोर में अधिकतर निर्माण वास्तु को ध्यान में रख कर हो रहे हैं। व्यावहारिकता में कुछ चीजों को हम नजर अन्दाज भी कर सकते हैं लेकिन जीवन में सुख, समृद्धि व विकास के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण बातों को अवश्य ध्यान में रखना चाहिए। कृपया प्रयास करते रहें, परम पिता परमेश्वर आपको जल्दी सफल करेगा। प्रश्नः- पंडित जी नमस्कार ! हम बिल्डर से एक फ्लोर खरीदना चाह रहे हैं, जिसका नक्शा संलग्न है। कृपया बताएं क्या यह वास्तु के अनुरूप है और इसे खरीदना उचित रहेगा? विकास गुप्ता, वसुन्धरा (गाजियाबाद) उत्तरः- प्रिय विकास जी, नक्शे में स्टोर तथा सीढ़ियाँ पूर्व में दिखाई गई हैं, जिनके वजन और ऊँचाई के कारण परिवार में स्वास्थ्य व बच्चों के विकास में बाधा आ सकती है। कृप्या इन्हंे पश्चिम की तरफ शिफ्ट करवाने का प्रयास करें। उत्तर-पूर्व में शौचालय का होना भी सुख-शान्ति व धन को अवरूद्ध करने वाला एक मुख्य वास्तु दोष है, क्योंकि यह स्थान पूजा के लिए सर्वोत्तम है। कृपया शौचालय को दूसरे कोने (उत्तर-पश्चिम) की तरफ शिफ्ट करें तथा उत्तर-पूर्वी स्थान पर लोहे अथवा लकड़ी का जाल बनवाएं, जिससे घर का नक्शा समचैरस हो सके। सहूलियत के लिए इस परिवर्तन के साथ-साथ शयन कक्ष 2 व रसोई के स्थान को भी एक दूसरे से बदलना ही सर्वश्रेष्ठ रहेगा। यदि उपरोक्त परिवर्तन हो सके तो यह एक बहुत अच्छा घर है, वरना इस मकान को नहीं लेना चाहिए। प्रश्न:- आदरणीय शर्मा जी, प्रणाम ! हमारा संयुक्त सुखी परिवार है। कृपया संलग्न नक्शे द्वारा बताने की कृपा करें कि हमें कौन सा फ्लैट खरीदना चाहिये? मोहन लाल, गाजियाबाद उत्तर:-बायंे हाथ के उत्तरी फ्लैट में स्टोर व सीढ़ियाँ सर्वोत्तम हैं। इस घर में धन की उत्तरी दिशा भी समस्त खुली है। चहुँमुखी विकास के लिए उत्तर-पूर्वी भाग बढ़ा हुआ है। दक्षिण में इलेक्ट्रिक पैनल भी बहुत अच्छा है। द्वार पर दहलीज, चांदी की स्ट्रिप, पीला पेंट व पिरामिड के प्रयोग द्वारा दक्षिण का प्रवेश भी चल सकता है। परन्तु शयन कक्ष. 3 में शौचालय उत्तर-पूर्व में है जो अवांछनीय है। इसके कारण भारी खर्च व मानसिक अशान्ति रहने की सम्भावना बढ़ जाती है। कोई भी बड़ा शयन कक्ष (ईशान, आग्नेय व वायव्य) विवाहित दम्पत्ति के लिए अच्छा नहीं है। लिफ्ट व सीढ़ियाँ घर से बाहर हैं, परन्तु फिर भी इन दोनांे के प्रभाव को पूर्णतया नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। लिफ्ट का दक्षिण-पूर्व में होना भी सेहत के लिए अच्छा नहीं है। दुर्घटना की संभावना भी बनी रहती है। दायंे हाथ के दक्षिणी फ्लैट में उत्तरी प्रवेश द्वार बहुत अच्छा है। इसके सामने लिफ्ट लाॅबी व खुला स्थान व्यवसाय तथा नौकरी में उन्नति का कारक है। लिफ्ट का ईशान में होना भी चहुँमुखी विकास में सहायक होता है। चारों शयन कक्ष बहुत अच्छे हैं। दक्षिण-पश्चिम का शौचालय, वाॅल माउंटेड सीट लगा के प्रयोग में लाया जा सकता है। परन्तु शयन कक्ष 1 में ईशान (पूजा-स्थान) में शौचालय अत्यधिक खराब है। इसके कारण भारी खर्च व मानसिक समस्याएं पैदा हो जाती हंै। उत्तर-पश्चिम में सीढ़ियाँ भी आखिरी विकल्प के तौर पर ठीक हैं परन्तु उत्तरी दिशा में इलेक्ट्रिक पैनल अनचाहे व्यय का कारण बन सकता है। उत्तरी स्टोर में भारी सामान रखने से पैसे फंस सकते हंै। इस घर का दक्षिण-पूर्वी भाग (शयन कक्ष .3) दक्षिण की तरफ बढ़ा हुआ है जिससे चोरी होना, आग लगना व दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है। इस फ्लैट में नैर्ऋत्य कोण (शयन कक्ष. 4) भी प्रलंबित है जिससे धन व स्वास्थ्य की हानि होती है; परन्तु इसे द्वार पर दहलीज, चांदी की स्ट्रिप, पीला पेंट व पिरामिड के प्रयोग द्वारा कम किया जा सकता है। निष्कर्ष:- यह चुनाव काफी कठिन है। दोनों में कुछ अच्छे व कुछ खराब बातें हैं; परन्तु यदि इनमें से ही चुनाव करना हो तो ईशान कोण का शौचालय बिल्कुल खत्म करके उत्तरी दिशा वाला फ्लैट लिया जा सकता है।

टोटका विशेषांक  नवेम्बर 2017

फ्यूचर समाचार नवम्बर 2017 का यह विशेषांक पूर्ण रूप से टोटकों व उपायों को समर्पित विशेषांक है। इस विशेषांक के अन्तर्गत विभिन्न प्रकार के टोटके व उपाय बहुत ही सरल और सहज भाषा में उपलब्ध कराए गये हैं, जिनका लाभ हमारे पाठक बड़ी आसानी से उठा सकते हैं। कुछ महत्वपूर्ण आलेख इस प्रकार हैं- तंत्र-मंत्र-यंत्र एवं टोटके, नजर दोष का वैज्ञानिक आधार और उपाय, विभिन्न कार्यों के लिए सार्थक टोटके, धन प्राप्ति के 41 सरल टोटके-उपाय, विभिन्न कार्यों के लिए टोटके, धन-समृद्धि प्राप्ति के लिए किये जाने वाले टोटके, कष्ट से मुक्ति एवं धन प्राप्ति के लिए टोटके, स्वास्थ्य संबंधी टोटके, सुख-समृद्धि के लिए टोटके आदि। इनके अतिरिक्त स्थायी स्तम्भ में जाने वाले मासिक लेख हर माह की तरह इस बार भी सम्मिलित हैं।

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