पंचतत्व का महत्व

दिसम्बर 2014

व्यूस: 21188

ईश्वर यानी भगवान ने अपने अंश में से पांच तत्व-भूमि, गगन, वायु, अग्नि और जल का समावेश कर मानव देह की रचना की और उसे सम्पूर्ण योग्यताएं और शक्तियां देकर इस संसार में जीवन बिताने के लिये भेजा है।... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिविविध

जैन शिक्षा एवं संदेश

अप्रैल 2016

व्यूस: 20785

कैवल्य प्राप्ति के पश्चात् महावीर ने अपने सिद्धांतों का प्रचार प्रारंभ किया। समाज के कुलीन वर्ग के लोगों ने भी उनकी शिष्यता ग्रहण की। मगध सम्राट अजातशत्रु के समय में उनके मत की महती उन्नति हुई। अहिंसा, सत्य, अस्तेय, अपरिग्र... और पढ़ें

देवी और देवविविध

पारद निर्मित शिवलिंग

फ़रवरी 2015

व्यूस: 19817

शताश्वमेधेन् कृतेन पुण्यं, गोकोटिभिः स्वर्ण सहस्त्र दानात् नृणां भवेत्सूतक दर्शनेन्, यत्सर्वतीर्थेषु कृता भिषेकात्।। अर्थात् 100 अश्वमेघ यज्ञ, कोटि गायों के दान, अनेक स्वर्ण मुद्राओं के दान तथा चार धाम की यात्रा व तीर्थ स्नान स... और पढ़ें

देवी और देवउपायअध्यात्म, धर्म आदिभविष्यवाणी तकनीक

देवीपाठ विधि

अकतूबर 2010

व्यूस: 18954

भवनेश्वरी संहिता में कहा गया है जिस प्रकार से वेद अनादि है उसी प्रकार सप्तशती भी अनादि है। ऊँ ऐं हृीं क्लीं मंत्र तीनों महाशक्तियों के स्वरूप है। दुर्गा सप्तशती के 7०० श्लोक 7०० प्रयोगों के समान है। जिनको सिद्ध कर मनोवांछित फल की ... और पढ़ें

देवी और देवविविध

गणपति - साधना द्वारा ग्रह शांति

सितम्बर 2010

व्यूस: 17908

गणपति को तैतीस करोड़ देवी देवताओं में प्रथम स्थान प्राप्त है। गणेश पूजन किए बिना कोई शुभ व मांगलिक कार्य आरंभ नहीं होते। अतः यहां गणेश साधना के अनेक प्रयोग बताए जा रहे हैं जो जीवनोपयोगी है।... और पढ़ें

ज्योतिषदेवी और देवउपायभविष्यवाणी तकनीक

आखिर क्यों मनाते हैं मकर संक्रांति

जनवरी 2015

व्यूस: 17106

मकर संक्रांति हिंदू धर्म का प्रमुख त्यौहार है। यह पर्व पूरे भारत में विभिन्न रूपों में मनाया जाता है। पौष मास में जब सूर्य मकर राशि पर आता है तब इस संक्रांति को मनाया जाता है। यह त्यौहार अधिकतर जनवरी माह की चैदह तारीख को... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिपर्व/व्रत

महान् मंत्र शक्ति

अप्रैल 2010

व्यूस: 15255

संसार में एक मात्र सत्य सनातन भारतीय हिंदू संस्कृति ही ऐसी है जिसमें मंत्राराधना तथा प्रार्थना के द्वारा जीवन की समस्त समस्याओं को सान्त्वना मिलती है। यहां तक कि जन्म जन्मांतर के दोषों का समाधान भी मंत्राराधना द्वारा किया जा सकता ... और पढ़ें

देवी और देवउपायमंत्र

होली पर किए जाने वाले विशेष टोटके

मार्च 2007

व्यूस: 14992

आप जिस जगह अपना व्यापार शुरू करना चाहते हा या भवन बनाना चाहते है, वह स्थान आपको पूरी अनुकूलता दे इसके लिए आप होली के दिन वास्तु यंत्र को पीले रंग के वस्त्र पर स्थापित कर लें। उसका पहले धूप निम्न मंत्र को ७५ बार जप कर नींव में ही द... और पढ़ें

देवी और देवउपायटोटके

लक्ष्मी प्रदायक श्री कुबेर यंत्र

नवेम्बर 2013

व्यूस: 14817

‘श्री यंत्रम् ‘श्री यंत्र’ आठ प्रकार का होता है- 1. मेरूपृष्ठीय श्री यंत्र, 2. कूर्मपृष्ठीय श्री यंत्र, 3. धरापृष्ठीय श्री यंत्र, 4. मत्स्यपृष्ठीय श्री यंत्र, 5. ऊध्र्वरूपीय श्री यंत्र, 6. मातंगीय श्री यंत्र, 7. नवनिधि श्री यंत्र,... और पढ़ें

देवी और देवसंपत्तियंत्र

पुंसवन संस्कार

मई 2014

व्यूस: 14539

पुंसवन संस्कार-(दूसरा संस्कार) पुंसवन संस्कार ‘भावी सन्तति स्वस्थ, पराक्रमी व पुत्र हो’- इस प्रयोजन से गर्भ के संस्कार के रूप में किया जाता है। पुत्र अभिलाषा न होने पर भी धर्मसिन्धु के अनुसार यह संस्कार प्रत्येक ग... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिविविध

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