कामनापूर्ति में मालाओं का उपयोग

कामनापूर्ति में मालाओं का उपयोग  

मोती माला यह माला मोती रत्नों से निर्मित होती है। इस माला का उपयोग विभिन्न प्रकार की समस्याओं के निदान के लिए किया जाता है। चंद्र ग्रह की शांति के लिए इस माला पर किया गया जप कई गुणा शुभ फलदायक होता है। मानसिक शांति के लिए भी इसे गले में धारण करने से लाभ होता है। कर्क लग्न अथवा कर्क राशि कें जातक इसे गले में धारण करके मनोवांछित लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इसे गंगा जल से शुद्ध करके सोमवार को धारण करें। मूंगा माला यह माला मूंगा रत्न से निर्मित की जाती है। इस माला पर गणेश जी तथा हनुमान जी का मंत्र जप शीघ्र फलदायी होता है। मंगल ग्रह की शांति के लिए इस माला पर जप करने से विशेष शुभ फल की प्राप्ति होती है। इस माला को धूप-दीप आदि से पूजा अर्चना करने के पश्चात धारण करें। पारद माला यह माला पारद धातु से निर्मित की जाती है। इस माला पर भगवान शिव का मंत्र जप करने से शीघ्र ही शुभत्व की प्राप्ति होती है। इस माला को गले में धारण करने से स्वास्थ्य लाभ होता है। कंुडली में क्रूर/अशुभ ग्रहों की शांति के लिए इस माला को धारण करना तथा मंत्र जप आदि करने से लाभ होता है। इसको गंगा जल आदि से शुद्ध करके सोमवार के दिन धारण करें। स्फटिक माला यह माला स्फटिक से निर्मित होती है। यह पारदर्शी तथा चमकदार होती है। इस माला पर लक्ष्मी जी का जप करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। इसके अतिरिक्त इस पर शुक्र मंत्र का जप करने के लिए तथा शुक्र ग्रह की शांति के लिए गले में धारण कर सकते हैं। इसे धारण करने से मानसिक शांति तथा सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है। पंचामृत से शुद्धिकरण करके सोमवार अथवा शुक्रवार को धारण करें।


स्वप्न एवं शकुन विशेषांक  जून 2010

इस विशेषांक से स्वप्न के वैज्ञानिक आधार, स्वप्न की प्रक्रिया, सपनों का सच, स्वप्नेश्वरी देवी साधना, स्वप्नों के अर्थ के अतिरिक्त शकुन-अपशकुन आदि विषयों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इस विशेषांक में श्री अरुण बंसल का 'सपनों का सच' नामक संपादकीय अत्यंत लोकप्रिय हुआ। आज ही ले आएं लोकप्रिय स्वप्न एवं शकुन विशेषांक तथा इसके फलित विचार नामक स्तंभ में पढ़े स्वतंत्र व्यवसाय के ग्रह योगों की विवेचना।

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