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अध्यात्म, धर्म आदि


तीर्थ गुरु पुष्कर का माहात्म्य

जनवरी 2010

व्यूस: 5665

कहते हैं तीर्थ गुरु पुष्कर में शुभ समय एवं ग्रह योग में जाकर पूजा उपासना करने से जातक विवाह, पुत्र संतान, ज्ञान, यश, धन के सुख प्राप्त कर अपना जीवन सुखमय बना सकता है। इस लेख में पूजा की सरल विधि व पुष्कर जी के महात्म्य का वर्णन कि... और पढ़ें

देवी और देवस्थानअध्यात्म, धर्म आदिमन्दिर एवं तीर्थ स्थल

श्रीविद्या-आत्मविद्या-आत्मसमर्पण

नवेम्बर 2010

व्यूस: 5634

श्री’ अर्थात् देवी और विद्या अर्थात ज्ञान। सीधे-सादे शब्दों में यह देवी की उपासना है। एक ऐसा ज्ञान है जिसे जानने के पश्चात कुछ जानना शेष नहीं रह जाता। मनुष्य के जीवन का परम लक्ष्य आत्म बोध है।... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदियशविविध

भगवत कृपा के स्रोत

फ़रवरी 2011

व्यूस: 5624

भगवत प्राप्ति के अनेक मार्ग बताए गए हैं आइए जानें कि इन सब मार्गों का क्या स्वरूप है और भगवत कृपा कैसे प्राप्त की जाए।... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिविविध

सुखी दांपत्य जीवन का आधार शादी के 7 वचन

दिसम्बर 2014

व्यूस: 5559

16 संस्कारों में विवाह सबसे महत्वपूर्ण संस्कार होता है। हमारे शास्त्रों में विवाह के समय कन्या अपने वर से सात वचन मांगती है और पति अपने पत्नी से वचन मांगता है। और दोनों एक दूसरे से सातों वचनों को निभाने का वादा करते हंै। ल... और पढ़ें

अध्यात्म, धर्म आदिविविध

कनकधारा स्तोत्र

नवेम्बर 2010

व्यूस: 5521

आदि गुरु शंकराचार्य अपने आहार के लिए नित्य प्रति किसी भी एक घर में जाकर भिक्षा मांगते थे, उस घर से उन्हें जो भी प्राप्त होता उसे स्वीकार कर अपनी उदर पूर्ति करते।... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिपर्व/व्रतविविध

घर में क्या न करें

दिसम्बर 2014

व्यूस: 5416

हन्दू सभ्यता में प्राकृतिक शक्तियों के साथ तालमेल बिठाने के लिए घर के स्वरूप का निर्धारण करने तथा उसकी साज सज्जा करते समय कुछ चीजों का विशेष ध्यान रखा जाता है। घर के सदस्यों के बीच तालमेल बिठाने व शांति का माहौल बनाने के ल... और पढ़ें

अन्य पराविद्याएंअध्यात्म, धर्म आदिविविध

भगवद् तत्व के विषय में संतों एवं महापुरूषों के उदगार

फ़रवरी 2011

व्यूस: 5372

भगवद् तत्व को विभिन्न क्षेत्र के व्यक्तियों ने विभिन्न रूपों में देखा। विश्वप्रसिद्ध ग्रंथों, आचार्यों, दार्शनिकों और संतों ने उसे जिस जिस रूप में देखा, उसको संक्षेप में जानने का अवसर यहां मिलेगा।... और पढ़ें

अध्यात्म, धर्म आदिविविध

श्री यंत्र का आध्यात्मिक स्वरूप

जुलाई 2013

व्यूस: 5286

पूर्ण विधान से श्री यंत्र का पूजन जो एक बार भी कर ले, वह दिव्य देहधारी हो जाता है। दत्तात्रेय ऋषि एवं दुर्वासा ऋषि ने भी श्री यंत्र को मोक्षदाता माना है। इसका मुख्य कारण यह है कि मनुष्य शरीर की भांति, श्री यंत्र में भी 9 चक्र होते... और पढ़ें

उपायअध्यात्म, धर्म आदिसंपत्तियंत्र

सीमन्तोन्नयन संस्कार

जून 2014

व्यूस: 5254

तीसरा संस्कार ‘सीमन्तोन्नयन’ है। गर्भिणी स्त्री के मन को सन्तुष्ट और अरोग रखने तथा गर्भ की स्थिति को स्थायी एवं उत्तरोत्तर उत्कृष्ट बनते जाने की शुभाकांक्षा-सहित यह संस्कार किया जाता है। समय-पुंसवन वत् प्रथमगर्भे षष्ठ... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिविविध

हिन्दू मान्यताओं का वैज्ञानिक आधार

अप्रैल 2013

व्यूस: 5245

अनादि काल से ही हिन्दू धर्म में अनेक प्रकार की मान्यताओं का समावेश रहा है। विचारों की प्रखरता एवं विद्वानों के निरंतर चिंतन से मान्यताओं व् आस्थाओं में भी परिवर्तन हुआ।... और पढ़ें

उपायअध्यात्म, धर्म आदिविविध

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