अध्यात्म, धर्म आदि


कुंडली में पितृ दोष

आगस्त 2016

व्यूस: 5144

पितृ दोष क्या है? इसके ज्योतिषीय योगों का वर्णन करें। इससे होने वाली परेशानियां व उनके उपायों का वर्णन करें। यदि कुंडली में पितृदोष हैं, परंतु जीवन में कष्ट नहीं है या पितृदोष नहीं है, लेकिन कष्ट है, तो क्या पितृदोष के उपाय किय... और पढ़ें

ज्योतिषदेवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिज्योतिषीय विश्लेषणकुंडली व्याख्याभविष्यवाणी तकनीक

ईश्वर एवं देवताओं के अवतार

जुलाई 2013

व्यूस: 5064

पुनर्जन्म में हिन्दुओं का विष्वास देवताओं के अवतारों पर आधारित है। जब पृथ्वी पर पापों का भार असहनीय हो जाता है, तो संतुलन बनाने के लिए अर्थात धर्म स्थापना के लिए ईष्वर हमारे इस मृत्युलोक में अवतरित होते हैं। ईष्वर के अवतारों को जन... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदि

होलिकोत्सव (होली)

मार्च 2013

व्यूस: 5060

विराट पुरुष के मुख से ब्राहमण भुजाओं से क्षत्रिय, जांघों से वैश्य और पैरों से शूद्रों की उत्पति हुई हैं। इनके नाम से ही चार वर्णों की प्रधानता हैं। और इनके चार मुख्य त्यौहार क्रमश: रक्षा बंधन, दशहरा, दीपावली और होली हैं।... और पढ़ें

घटनाएँदेवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिपर्व/व्रत

बुधवार व्रत

जुलाई 2010

व्यूस: 4999

व्यापार में वृद्धि, बुद्धि की कुशाग्रता एवं वाकशक्ति में प्रवीणता के लिए बुध ग्रह की अर्चना करनी चाहिए। बुधवार की व्रत व दान करने से बुधदेव प्रसन्न होते हैं।... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिपर्व/व्रत

मार्गषीर्ष पूर्णिमा व्रत

दिसम्बर 2010

व्यूस: 4973

मार्गषीर्ष मास की उदय व्यापिनी पूर्णिमा तिथि में श्रीमन नारायण का पूजन करने से व्यक्ति पुत्र-पौत्रादि के साथ असीम आनंद को प्राप्त होते हैं तथा अपनी दस पीढ़ियों के साथ स्वर्गलोक में पदार्पण करते हैं।... और पढ़ें

देवी और देवउपायअध्यात्म, धर्म आदिपर्व/व्रत

पितृदोष संबंधी अशुभ योग एवं उनके निवारण के उपाय

सितम्बर 2014

व्यूस: 4907

पितृदोष से तात्पर्य पितरों की असंतुष्टि से है। जब किसी परिजन के द्वारा अपने पितरों के निमित्त श्राद्ध इत्यादि कर्म नहीं किया जाए अथवा इन कर्मों को पितरों के द्वारा नकार दिया जाए, तो पितर असंतुष्ट होकर जो हानि पहुंचाते हैं, उसे... और पढ़ें

ज्योतिषउपायअध्यात्म, धर्म आदिज्योतिषीय योगभविष्यवाणी तकनीक

जगत की गति का द्योतक है 108

अप्रैल 2013

व्यूस: 4872

अंक शास्त्र के अनुसार मूलांक अर्थात 1 से लेकर 9 तक के अंक नवग्रहों के प्रतीक है। इसी प्रकार दर्शन शास्त्र ने भी अंकों के सन्दर्भ में व्याख्या की है। शिकागो के विश्वधर्म सम्मलेन में स्वामी विवेकानंद से शून्य पर बोलने को कहा गया था।... और पढ़ें

अंक ज्योतिषउपायअध्यात्म, धर्म आदिविविध

शुभ दीपावली: सिद्धियां प्राप्त करने का अवसर

नवेम्बर 2010

व्यूस: 4847

दीपावली पर्व हिंदु जनमानस के लिए महापर्व है। किंतु इस पर्व की महिमा जितनी कही जाय कम है। माना जाता है कि यह रात्रि माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने हेतु सर्वोŸाम है।... और पढ़ें

अध्यात्म, धर्म आदिपर्व/व्रत

गुण जैनेटिक कोड की तरह हैं

फ़रवरी 2013

व्यूस: 4845

भगवदगीता संसार में मार्गदर्शन प्राप्त करने में सहायता प्रदान कराती हैं। ओर हमें सांसारिकता से ऊंचा उठाकर ज्ञान प्राप्ति में भी निश्चित रूप से सहायक होती हैं। भगवदगीता मानव के व्यक्तित्व का विश्लेषण संपूर्णता से कराती हैं ओर हमें ह... और पढ़ें

ज्योतिषअध्यात्म, धर्म आदिग्रह

गुरुवायुर

मई 2010

व्यूस: 4826

'दक्षिण भारत के केरल प्रांत में स्थित गुरुवायुर का मंदिर एक ऐसा मंदिर है जिसकी अपनी विशेष ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पहचान है। प्रस्तुत है मंदिर दर्शन कब और कैसे जाएं के समय ध्यान योग्य कुछ बातें।... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिमन्दिर एवं तीर्थ स्थल

Ask a Question?

Some problems are too personal to share via a written consultation! No matter what kind of predicament it is that you face, the Talk to an Astrologer service at Future Point aims to get you out of all your misery at once.

SHARE YOUR PROBLEM, GET SOLUTIONS

  • Health

  • Family

  • Marriage

  • Career

  • Finance

  • Business

लोकप्रिय विषय

करियर बाल-बच्चे चाइनीज ज्योतिष दशा वर्ग कुंडलियाँ दिवाली डऊसिंग सपने शिक्षा वशीकरण शत्रु यश पर्व/व्रत फेंगशुई एवं वास्तु टैरो रत्न सुख गृह वास्तु प्रश्न कुंडली कुंडली व्याख्या कुंडली मिलान घर जैमिनी ज्योतिष कृष्णामूर्ति ज्योतिष लाल किताब भूमि चयन कानूनी समस्याएं प्रेम सम्बन्ध मंत्र विवाह आकाशीय गणित चिकित्सा ज्योतिष Medicine विविध ग्रह पर्वत व रेखाएं मुहूर्त मेदनीय ज्योतिष नक्षत्र नवरात्रि व्यवसायिक सुधार शकुन पंच पक्षी पंचांग मुखाकृति विज्ञान ग्रह प्राणिक हीलिंग भविष्यवाणी तकनीक हस्तरेखा सिद्धान्त व्यवसाय पूजा राहु आराधना रमल शास्त्र रेकी रूद्राक्ष श्राद्ध हस्ताक्षर विश्लेषण सफलता मन्दिर एवं तीर्थ स्थल टोटके गोचर यात्रा वास्तु परामर्श वास्तु दोष निवारण वास्तु पुरुष एवं दिशाएं वास्तु के सुझाव स्वर सुधार/हकलाना संपत्ति यंत्र राशि
और टैग (+)