अध्यात्म, धर्म आदि


अश्वत्थ व्रत एवं महिमा

मई 2010

व्यूस: 8473

अश्वत्थ पीपल के वृक्ष का ही एक नाम है। पंचदेव वृक्षों में अश्वत्थ का स्थान सर्वोपरि है। प्रस्तुत है ब्रह्मांड पुराण में ब्रह्माजी द्वारा अश्वत्थ व्रत पूजा की महिमा का बखान का वर्णन..... और पढ़ें

देवी और देवउपायअध्यात्म, धर्म आदिपर्व/व्रत

संत देवरहा बाबा

अप्रैल 2013

व्यूस: 8230

वह बबूल का पेड़ नहीं मेरा शिष्य है, न कटेगा, न छांटा जाएगा। प्रधानमंत्री का कार्यक्रम टल गया, मगर पेड़ को आंच न आने दी। न उम्र का पता, न इतिहास का, लेकिन हरदिल अजीज रहा दिगंबर।... और पढ़ें

प्रसिद्ध लोगअध्यात्म, धर्म आदिविविध

भागवत कथा

मार्च 2014

व्यूस: 8128

सनकादि ने नारद जी से कहा- देवर्षि पापियों के पाप का नाष करने हेतु एक प्राचीन इतिहास श्रवण करो। पूर्वकाल में तुंगभद्रा नदी के तटपर अनुपम नगर में समस्त वेदों का विषेषज्ञ श्रोत-स्मार्त कर्म में निपुण आत्मदेव ब्राह्मण अपनी प्यारी कुली... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदि

दक्षिणामूर्ति स्तोत्र

जुलाई 2013

व्यूस: 7960

गुरुओं के गुरु भगवान दक्षिणामूर्ति की आराधना में आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा विरचित दक्षिणामूर्ति स्तोत्र को गुरु भक्ति के स्तोत्र साहित्य में अद्वितीय स्थान प्राप्त है। गुरु कृपा की प्राप्ति हेतु इसे सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। यह स... और पढ़ें

देवी और देवउपायअध्यात्म, धर्म आदिविविध

अनंत चतुर्दशी व्रत: कब, क्यों और कैसे करें?

सितम्बर 2014

व्यूस: 7888

भविष्य पुराण में कहा गया है कि भाद्रपद के अंत की चतुर्दशी तिथि में पौर्णमासी के योग में अनंत व्रत को करें। स्कंद पुराण में भी कहा गया है कि भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि में मुहूर्त मात्र की चतुर्दशी हो, तो उसको संपूर्ण तिथि जा... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिपर्व/व्रत

भागवत कथा

मई 2014

व्यूस: 7713

श्री शौनक जी ने सूतजी से पूछा - सर्वशक्तिमान् व्यास भगवान ने देवर्षि नारद जी के अभिप्राय को सुनकर व चले जाने पर क्या किया? श्री सूतजी ने कहा - ब्रह्मनदी सरस्वती के पश्चिम तट पर शम्याप्रास आश्रम के निकट चारांे ओर से घि... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिविविध

प्रणाम या अभिवादन व्रत

फ़रवरी 2010

व्यूस: 7569

अभिवादन सदाचार का मुख्य अंग है। इससे न केवल लौकिक लाभ ही प्राप्त होता है अपितु आध्यात्मिक पथ भी प्रशस्त हो जाता है। पुराणों में प्रणाम के बल पर दिव्य लाभों को प्राप्त करने के अनेक दृष्टांत प्राप्त होते हैं।... और पढ़ें

उपायअध्यात्म, धर्म आदिपर्व/व्रत

वट सावित्री व्रत

मई 2014

व्यूस: 7412

भारतीय संस्कृति में वट सावित्री एक ऐसा दिव्य व्रत है, जिसको संपन्न करके एक भारतीय नारी ने यमराज पर भी विजय प्राप्त कर संपूर्ण नारी जाति को गौरवान्वित किया है। यह व्रत, स्कंद और भविष्योत्तर के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा को ... और पढ़ें

घटनाएँदेवी और देवउपायअध्यात्म, धर्म आदिपर्व/व्रत

चतुर्मास का माहात्म्य

जुलाई 2013

व्यूस: 7264

जिनकी आकृति अतिशय शांत है, जो शेषनाग की शय्या पर शयन किए हुए हैं, जिनकी नाभि में कमल है, जो सब देवताओं द्वारा पूज्य हैं, जो संपूर्ण विश्व के आधार हैं, जो आकाश के सदृश सर्वत्र व्याप्त हैं, नीले मेघ के समान जिनका वर्ण है, जिनके सभी ... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिपर्व/व्रत

भगवान विष्णु का प्रिय मास वैशाख

मई 2010

व्यूस: 7061

वैशाख मास परम पावन मास है। यह भगवान विष्णु का प्रिय मास है, इसलिए इस मास स्नान, तर्पण, मार्जन, पूजन आदि का विशेष महत्व है।... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिपर्व/व्रत

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