सुख समृद्दिदायी पिरामिड

सुख समृद्दिदायी पिरामिड  

सुख समृद्धिदायी पिरामिड पं. रमेश शास्त्राी क्रिस्टल बाॅल: यह बाॅल स्फटिक से बनी होती है। जिन लोगों के घर परिवार में अशांति बनी रहती हो, निराशा की भावना हर समय घेरे रहती हो उन्हें इस बाॅल को अपने घर अथवा कार्यालय में टांगना चाहिए, इससे सकारात्मक ऊर्जा की वृद्धि होती है, कार्य में मन अधिक लगता है और जीवन में खुशहाली लौटती है। इसे सोमवार, बुधवार अथवा शुक्रवार को स्थापित करना चाहिए। डाॅलफिन फिश: मछलियों के जोड़े को घर में लटकाना बहुत शुभ एवं सौभाग्यदायक माना जाता है। इनके प्रभाव से घर में धन की बरकत और कार्यक्षेत्र में उन्नति होती है। इन्हें बृहस्पतिवार अथवा शुक्रवार को घर में टांगना शुभ होता है। पारद पिरामिड: जीने के लिए 5 तत्वों की परम आवश्यकता होती है। इन 5 तत्वों के आगमन की दिशाएं निर्धारित हैं। प्रत्येक तत्व अपनी निश्चित दिशा से प्रवेश और गमन करता है। यह क्रिया मानव जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। विभिन्न दिशाओं से प्रवेश करने वाली आकाशीय ऊर्जा अवरुद्ध होने से वास्तु के नियम भंग होते हैं तथा आकाशीय ऊर्जा की कमी हो जाती है। इसे वास्तु दोष कहते हैं। दूसरे शब्दों में यह भी कहा जा सकता है कि जिन घरों में आकाशीय ऊर्जा अवरुद्ध या प्रभावित होती है, उन घरों में वास्तु दोष माना जाता है। पारद पिरामिड अल्प मूल्य का उपाय है। घर, कार्यालय अथवा कोई भी कार्यस्थल हो, वहां यह पिरामिड रखने से आकाशीय ऊर्जा अधिक मिलती है, जिसके फलस्वरूप शरीर की अनेक बीमारियां धीरे-धीरे नष्ट हो जाती हैं, घर में शांति का वातावरण बना रहता है, आर्थिक स्थिति स्वतः सुधरने लग जाती है। पारद एक विशेष धातु है। इसे विशिष्ट शास्त्रीय विधि से बनाया जाता है। किसी विश्वसनीय दुकान से शुभ मुहूर्त में इसे खरीद कर पूजा स्थल पर स्थापित करने से, अथवा घर के उत्तरी क्षेत्र में रखने से लाभ होता है। नव ग्रह पिरामिड: नव ग्रह पिरामिड की पूजा सभी जातकों के लिए श्रेष्ठ मानी गई है। प्राचीन काल में प्रायः सभी ऋषि, मानव पिरामिड का उपयोग करते थे। यह पिरामिड धातु, काष्ठ, रत्न, पत्थर, सोना, चांदी, तांबे, पारे, अष्ट धातु, पंच धातु आदि से निर्मित किया जाता है। आयुर्वेद शास्त्र के प्रमुख आचार्यों चरक तथा सुश्रुत ने बहुत विस्तार से स्पष्ट किया है कि औषधि लेने के अतिरिक्त, रोगों के निवारणार्थ, पारे के शिवलिंग एवं पिरामिड की उपासना अवश्य करनी चाहिए। इसकी उपासना जितनी सरल है, उतनी ही लाभकारी भी है। यह पिरामिड स्थापित करने से धन की वृद्धि होती है। कार्यालय में मन अशांत एवं परेशान रहने पर, इसे मेज के ऊपर सामने रख कर लिखने, पढ़ने आदि कार्य करने से परेशानी और मन को अशांति दूर होती है। वाहन में यात्रा के समय जब सब खिड़कियां-दरवाजे बंद होते हैं, तो ब्रह्मांडीय ऊर्जा का प्रवेश कम हो जाता है। ऐसी स्थिति में यह पिरामिड सामने रख कर यात्रा करने से ब्रह्मांडीय ऊर्जा निरंतर मिलती रहती है।



वैकल्पिक चिकित्सा विशेषांक   मार्च 2007

तनाव दूर भागने में सहायक वैकल्पिक चिकित्सा, एक्यूप्रेशर कैसे काम करता है? स्पर्श चिकित्सा का जादुई प्रभाव, जड़ी बूटियां के अमृतदायी गुण, उपचार के समय सावधानियां, रेकी एक्यूप्रेशर एवं प्राणिक हीलिंग उपचार पदवियों पर विस्तार से चर्चा की गई है

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