एक्यूप्रेशर के मुख्य उपकरण

एक्यूप्रेशर के मुख्य उपकरण  

एक्युप्रेशर के मुख्य उपकरण रत में 5000 वर्ष पूर्व एक विशेष चिकित्सा पद्धति प्रचलन में थी। यही चिकित्सा प्रणाली कालांतर में ‘एक्युप्रेशर’ के रूप में जानी गई। एक्युप्रेशर का शाब्दिक अर्थ है उंगली, अंगूठे अथवा किसी अन्य उपकरण से दबाव देकर शरीर को स्वस्थ रखने का अभ्यास। प्रमाणिक व प्राचीन ग्रंथों का अध्ययन करने से यही निष्कर्ष निकलता है कि एक्युप्रेशर पद्धति का मूल स्रोत गहरा दबाव अथवा मालिश है। भारत के अलावा अनेक देशों में आज भी नस पर नस चढ़ जाने अथवा शरीर में कहीं लोच या खम आने पर अनेक लोगों द्वारा नली उतरवाने जैसी प्रथा प्रचलित है। यह कुछ और नहीं एक्युप्रेशर चिकित्सा पद्धति ही है। जिसके द्वारा सिद्धहस्त लोग विशेष नस या अंग पर दबाव देते हैं और वह रोग ठीक हो जाते हैं। एक्युप्रेशर के तहत पैरों, हाथों, तलवों, पंजों, चेहरे व अन्य अंगों पर खास तरीके से विशेष दबाव देना है। इन अंगों को अथवा केंद्रों को रिस्पांस सेंटर अथवा रिफ्लैक्स सेंटर भी कहते हैं। इन्हें भारत में प्रतिबिंब केंद्र के रूप में जाना जाता है। इन्हीं प्रतिबिंब केंद्रों को पर दबाव डालकर अनेक बीमारियों को उपचार किया जाता है। कुछ उपकरण जो इस प्रक्रिया में प्रयुक्त किये जाते हैं निम्न प्रकार हैं- पावर मैट: मैट पर खड़े होकर प्रातः नियमित रूप से 3-5 मिनट तक कदमताल करने से सभी तरह के रोगों व दर्दों का उपचार होता है। कार सीट: एक्युप्रेशर कार सीट नवीन व एक्युप्रेशर पद्धति पर आधारित है। यह सीट ड्राइविंग के लिए अति उपयोगी है। क्या े ं कि इस सीट पर स्थित एक्यु बिंदु शरीर का मसाज करते हुए थकान को दूर करते हैं। इस सीट का उपयोग साइटिका, बवासीर, मूत्र-संस्थान संबंधी विकार, कमर दर्द व मोटापा हटाने में लाभकारी है। एक्युप्रेशर शू सोल: एक्युप्रेशर शू सोल अपने चंुबकीय प्रभाव और एक्युप्रेशर प्वांटस से मसाज द्वारा रक्त के संचार को व्यवस्थित करता है। ट्वीस्टर: ट्वीस्टर के ऊपर 3 मिनट चलने पर पिरामिड शक्ति व चुंबकीय प्रभाव के साथ एक्युप्रेशर प्वाइंट्स पर दबाव पड़ने से सिरदर्द, तनाव, गैस, कब्ज, कमर दर्द, साइटिका, घुटना दर्द व पांव दर्द का निदान होता है। ट्वीस्टर के ऊपर खड़े होकर व्याायाम करें। एक्युप्रेशर संैडल: एक्युपश्े्र ार सडंै ल पहनने से पांव में स्थित एक्युप्रेशर बिंदुओं पर प्रेशर हो जाता है। फलस्वरूप शरीर स्वस्थ व सुंदर बना रहता है। मल्टीप्लेक्स मसाजर: मसाज एक प्यार भरा अनुभव है। यह पूर्ण स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। यह जकड़न एवं मांसपेशियों को आराम पहुंचाता है और शारीरिक क्षमता को बढ़ाता है। मसाजर की बनावट इतनी अनोखी है कि यह शरीर के मोड़ों पर भी आसानी से काम करता है। इससे सिर दर्द, अनिद्रा, मानसिक तनाव एवं थकान जेसे रोगों का निदान होता है। स्पाइन रोलर: मेरुदंड के विकार एवं कमर दर्द निवारण हेतु उपयागी। यह स्नायुतंत्र को स्फूर्ति प्रदान कर शरीर में प्राण ऊर्जा के नव-संचार में सहायक है। यह चार गोल चक्कों वाली रीढ़ की हड्डी पर घुमाने के लिए उपकरण है। रोगी को उल्टा लिटाकर कमर पर दबाव देते हुए घुमाया जाता है। जांघों व पिंडलियों पर भी चला सकते हैं। सेल्फ मसाजर: सेल्फ मसाजर भी शरीर की मालिश करने के लिए एक आधुनिक उपकरण है, जिससे पीठ के पीछे भी मसाज कर सकते हैं। यह गर्दन दर्द, पीठ दर्द, कंधों में दर्द, कमर दर्द एवं जांघों से दर्द में राहत दिलाता है। सुजोक रिंग: उंगलियों पर सुजोक के बिंदुओं को प्रेशर करने के लिए उपयोगी उपकरण है। फुट रोलर: पांवों में स्थित एक्युप्रेशर बिंदुओं को प्रेशर करने के लिए रोलर पांव में घुमाया जाता है। इसे दिन में दो बार 4 से 5 मिनट तक घुमाएं। इससे शरीर में स्फूर्ति व रक्त-संचार प्रणाली का प्रवाह व्यवस्थित बना रहता है एवं शरीर सदा निरोगी रहता है। हैंड ग्रिप: यह खिलाड़ियों के लिए उपयोगी है। इसके द्वारा हथेली, कलाई, उंगलियों की मसाज की जा सकती है। अंगूठा जिम्मी: अंगूठे में पहनकर इस जिम्मी द्वारा शरीर पर स्थित बिंदुओं को प्रेशर किया जाता है। एनर्जी बाॅल: हथेलियों के मध्य भाग में स्थित बिंदुओं को प्रेशर देने के लिए उपयोगी उपकरण है। एनर्जी रोल हैण्डिल: शरीर पर स्थित बिंदुओं को एनर्जी रोल हैंडल द्वारा प्रेशर किया जा सकता है। इस रोलर का हैंडल पकड़ कर शरीर के हर भाग पर आसानी से प्रेशर व मसाज की जा सकती है। साइटिका एनर्जी रोल हैण्डिल: शरीर पर स्थित बिंदुओं को एनर्जी रोल हैंडल द्वारा प्रेशर किया जा सकता है। इस रोलर का हैंडल पकड़ कर शरीर के हर भाग पर आसानी से प्रेशर व मसाज की जा सकती है। साइटिका के दर्द में इसे टांगों के पिछले भाग पर घुमाना चाहिए। फिंगर मसाजर: शरीर के छोटे एवं मुलायम अंगों पर प्रेशर देने का एक अनोखा उपकरण है। हाथ व पैरों के बिंदुओं पर, उंगलियों के साइड में तथा गर्दन पर सुविधापूर्वक प्रेशर दिया जा सकता है। सफर के समय छोटा होने के कारण जेब में सुविधा से रखा जा सकता है। लकड़ी के छोटे उपकरण: एक्युप्रेशर के प्रतिबिंब केंद्रों, तलवे व हथेली पर दबाव देने के लिए उत्तम उपकरण। इनके द्वारा शरीर पर स्थित एक्यु बिंदुओं पर दबाव डाला जाता है। ये सभी उपकरण अच्छी लकड़ी के बने हुए हैं।



वैकल्पिक चिकित्सा विशेषांक   मार्च 2007

तनाव दूर भागने में सहायक वैकल्पिक चिकित्सा, एक्यूप्रेशर कैसे काम करता है? स्पर्श चिकित्सा का जादुई प्रभाव, जड़ी बूटियां के अमृतदायी गुण, उपचार के समय सावधानियां, रेकी एक्यूप्रेशर एवं प्राणिक हीलिंग उपचार पदवियों पर विस्तार से चर्चा की गई है

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