वास्तु सम्मत प्लाॅट

वास्तु सम्मत प्लाॅट  

प्रश्नः- पंडित जी नमस्कार ! मैं एक प्लाॅट का नक्शा संलग्न कर रहा हूँ। इसमें एक कुआं है तथा पुराना घर भी बना हुआ है। अभी कुछ साल तक मैं इस घर को ऐसे ही रखना चाहता हूँ, फिर तोड़ कर बनायेंगे। कृप्या बतायें कि क्या मैं यह प्लाॅट खरीद सकता हूँ। यदि हाँ तो क्या क्या तुरंत उपाय करने पड़ेंगे। -मंजीत सिंह मैनी, गुरदासपुर प्रश्नः- मेरा एक प्लाॅट है जो एक कम्पास के अनुसार 25 डिग्री पूर्व की ओर झुका हुआ है। मैं अपने प्लाॅट की स्थिति का नक्शा साथ में भेज रहा हूँ। आप मुझे कृप्या यह बताने का कष्ट करें कि यह भू-खण्ड गृह निर्माण के लिए शुभ है या नहीं क्योंकि मैंने कहीं पढ़ा है कि विदिशा प्लाॅट अच्छे नहीं होते। -उर्मिला शर्मा, देहरादून उत्तरः- पुस्तकीय सिद्धांतों के अनुसार यह बात सही है, परन्तु यह भी ध्रुव सत्य है कि देश, काल व परिस्थिति के अनुसार जीवन में सुख शांति के लिये प्रकृति के नियमों में फेर-बदल कर लेना आवश्यक है। आपको ज्ञात ही है कि आजकल प्रायः टाउन प्लानिंग में वास्तु के इन मूलभूत नियमों का ध्यान नहीं रखा जा रहा तथा अधिकतर नये विकसित प्लाॅट विदिशा ही मिलते हैं। इसलिये इस प्लाॅट को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। पहली बात तो अकेला वास्तु आपके जीवन में सुख शांति, समृद्धि व सेहत की गारंटी नहीं दे सकता। आपके कर्म एवं भाग्य भी महत्वपूर्ण हैं। फिर दिशाओं का सीधा या विदिशा होना वास्तु के विभिन्न सूत्रों में से एक है। इस उत्तर-पूर्व मुखी प्लाॅट पर बहुत अच्छा घर बनाया जा सकता है क्योंकि अनेक अन्य क्षेत्र हैं जिनको लगभग पूर्णतया वास्तु अनुसार रूपांकन किया जा सकता है। घर के इंटीरियर में भी ध्यान रखकर लगभग 80 प्रतिशत अंक वास्तु में प्रदान कर सकते हैं जो एक बहुत अच्छी स्थिति है। इसलिये निःसंकोच इस प्लाॅट पर वास्तु सम्मत घर बनायें। प्रश्नः- श्रीमान हमारे घर में 4 बाथरूम हैं, जिसमें 3 बेडरूम के साथ लगे हुये हैं। परन्तु चैथा साीढ़ियों के नीचे है। इसके क्या परिणाम हो सकते हैं कृपया सुझाव दें। दिनेश अग्रवाल, वर्धमान, पश्चिम बंगाल। उत्तरः- आपके नक्शे का आकलन करने के उपरांत यह पाया गया कि आपका एक शौचालय सीढ़ी के नीचे है जो कि गंभीर वास्तु दोष है। इससे कई प्रकार की परेशानियां उत्पन्न होती हैं जैसे शिक्षा में रूकावट एवं व्यापार में गिरावट आती है। मस्तिष्क संबंधी बीमारियां होने की संभावना रहती है तथा घर की बहन, बेटी के जीवन में परेशानियाँ बढ़ जाती हैं। कृपया इसे तुरन्त हटायें। सीढ़ी के नीचे कोई भी पानी या अग्नि से संबंधित सामान नहीं होना चाहिए। इसे खुला रखें जिससे बिना रूकावट वायु का आवागमन होता रहे। उत्तरः- प्रिय मंजीत, इस समय इस प्लाॅट का दक्षिण व पश्चिमी भाग बढ़ा हुआ है। दक्षिणी हिस्से के बढ़ने से बीमारी व लड़ाई-झगड़ा होने की संभावनायें बढ़ जाती हैं तथा पश्चिमी हिस्सा बढ़ने से प्लाॅट रेस्ट करता रहता है। यदि नक्शे में निम्नलिखित सुधार किये जायें तो यह खरीदना शुभ ही रहेगा। कम से कम 3 फुट ऊंची दीवार बनवाकर दक्षिण दिशा के बढे़ भाग को अलग करें, दीवार की पिछली तरफ सफेद एवं लाल पेन्ट करके जेब्रा क्राॅसिंग की तरह खड़ी पट्टियां बनायें। पश्चिम की तरफ लगभग एक फुट चैड़ा एक स्पीड ब्रेकर बनाकर इस दिशा के बढे़ हिस्से को भी अलग करें। स्पीड ब्रेकर के नीचे एक चाँदी की स्ट्रिप दबायंे तथा ब्रेकर के ऊपर पीला पेन्ट करें। इस प्लाॅट के समस्त दुष्प्रभाव लगभग समाप्त हो जायेंगे। पूर्वी दिशा में कुएं के कारण सेहत तथा प्रसिद्धि में बढ़ोत्तरी ही होगी। बाद में समयानुसार आप इसमें वास्तु सम्मत इच्छित परिवर्तन कर सकते हैं।


भगवान महावीर विशेषांक  अप्रैल 2016

फ्यूचर समाचार का इस माह का विशेषांक जैन धर्म को समर्पित है। जैन धर्म को प्राचीन धर्मों में से एक माना जाता है। इस विशेषांक के अन्तर्गत जैन धर्म के सभी पक्षों को पेश करने का प्रयास किया गया है। इस विशेषांक के अन्दर अति विशिष्ट लेखों को जगह दी गई है। इन लेखों के अतिरिक्त ज्योतिष, वास्तु एवं अंकशास्त्र आदि के लेख भी पूर्व की भांति ही सम्मिलित किए गये हैं। जैसे- भूखण्डों का श्रेणीकरण, दी सन, वास्तु सम्मत प्लाॅट, शेयर बाजार में मंदी-तेजी, ग्रह स्थिति एवं व्यापार, कुछ उपयोगी टोटके, आप और आपके प्रेम सम्बन्ध, बलिदान की प्रतिमूर्ति नीरजा भनोट आदि। इनके अतिरिक्त जैन धर्म पर प्रकाशित लेख इस प्रकार हैं- जैन धर्म इतिहास की नजर में, जैन धर्म का कर्म सिद्धान्त, जैन शिक्षा एवं संदेश, अहिंसा में स्थिरता के प्रेरक भगवान महावीर, चतुर्मास - क्या करें और क्या न करें, जैन धर्म के प्रमुख पर्व आदि।

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