टैरो डेक में कार्ड ‘दी सन’ 19 नंबर का कार्ड है। यह कार्ड खुशी, विश्वास, सफलता, पारदर्शिता, अच्छा स्वास्थ्य, सुअवसर का प्रतीक है। टैरो रीडिंग के दौरान जिसके लिये इस कार्ड का प्रकटन होता है यह इंगित करता है कि उस व्यक्ति का अच्छा समय आने वाला है। जिस प्रकार सूर्य निकलने पर रात का अंधेरा छंट जाता है उसी प्रकार दी सन कार्ड के उदय होने पर व्यक्ति के जीवन में जो बुरा समय आया था वह बीत गया और अब सभी समस्याओं का अंत हो जायेगा तथा उसका जीवन प्रकाश से भर जायेगा। जैसे दिन में सूर्य के उजाले में सबकुछ पारदर्शी हो जाता है ऐसे ही हर समस्या का समाधान निकल आयेगा। हर झूठ से पर्दा हट जायेगा, अगर किसी का स्वास्थ्य अच्छा नहीं रहता और टैरो रीडिंग में उसका यह कार्ड निकल आता है तो इसका अर्थ है कि अब इसके स्वास्थ्य में सुधार होने वाला है। अगर किसी व्यक्ति को अपने हर काम में कोई न कोई बाधा आती रहती है तो इस कार्ड का प्राकट्य बताता है कि अब उसकी हर बाधा दूर होने वाली है तथा उसको अपने रास्ते में आगे बढ़ने के लिए सुअवसर मिलने वाले हैं जिनके द्वारा उसको हर क्षेत्र में सफलता मिलने की आशा है। यह कार्ड बताता है कि अब उस व्यक्ति का सही समय आ गया है कुछ कर दिखाने का व अवसर का लाभ उठाने का। उसके मन में जो दबी हुई इच्छायें हैं उनको पूरा करने के लिए अगर वह प्रयत्न करे तो उसे सफलता जरूर मिलेगी। विवाह योग्य युवक, युवती के लिये अगर यह कार्ड निकलता है तो प्रयत्न करने पर उनको अच्छे जीवन साथी मिलने का उचित अवसर है प्रयत्न चाहे उनके द्वारा हो अथवा उनके माता-पिता द्वारा। अगर कोई युवक काफी समय से अच्छी नौकरी की तलाश कर रहा है और वह टैरो रीडिंग करवाता है और अगर टैरो रीडिंग के दौरान कार्ड ‘दी सन’ निकल आता है तो स्पष्ट है कि यह उचित समय है। अगर वह प्रयास करे तो उसको अच्छी नौकरी मिल सकती है। अगर कोई प्रतियोगिता में बैठना चाहता है और टैरो रीडिंग में उसका यह कार्ड निकल आता है तो निश्चय ही उसका चयन हो जायेगा। प्रस्तुत कार्ड के उदय होने पर किसी इंटरव्यू में उसको सफलता जरूर मिलेगी। अगर किसी व्यक्ति को व्यापार में घाटा हो रहा है और वह परेशान है और इस दौरान यदि वह टैरो रीडिंग करवाता है और उसका कार्ड ‘‘दी सन’’ का प्राकट्य होता है तो इसका अर्थ है वह प्रयास करे तो इस समय उसको लाभ मिल सकता है, अगर व मेहनत करेगा तो पुराने घाटे की भी पूर्ति हो जायेगी और आगे भी सफलता मिलेगी, क्योंकि उक्त कार्ड का निकलना उसकी सफलता का सूचक है। यदि किसी व्यक्ति का दाम्पत्य जीवन सुखी नहीं है, पति-पत्नी में मनमुटाव रहता है, एक-दूसरे के साथ नहीं रहना चाहते हैं, ऐसे समय पर अगर वह व्यक्ति टैरो रीडर के पास जाता है और अपने लिये टैरो रीडिंग करवाता है उस समय टैरो रीडिंग के दौरान अगर कार्ड ‘‘दी सन’’ निकल आता है तो यह इंगित करता है कि अगर वह प्रयास करे तो उसका दांपत्य जीवन सुखमय हो सकता है। उनके जीवन में फिर से खुशियां आ सकती है। जिस प्रकार सूर्य के प्रकाश में रात के अंधेरे की कालिमा धुल जाती है और चारों ओर प्रकाश फैल जाता है उसी प्रकार उनके प्रयासों से पिछली कड़वाहट समाप्त हो सकती है तथा उनके जीवन में भी नया सवेरा आ सकता है और वह आगे भविष्य में एक खुशमय जीवन जी सकते हैं। मान लीजिये कोई पति-पत्नी अपने बच्चे के लिये टैरो रीडिंग करवाते हैं। जिसके पहला बच्चा नहीं है तो टैरो रीडिंग के दौरान ‘‘दी सन’’ कार्ड निकलने पर वे लोग आशा कर सकते हैं कि जल्दी ही उनकी यह इच्छा पूरी होने वाली है। यह उनके घर बच्चा होने का ईश्वर के आशीर्वाद का संकेत है। जिसका रीडिंग के दौरान यह कार्ड प्रकट होता है यह उस व्यक्ति का उसके हर काम में, हर क्षेत्र में दृढ़ निश्चय, विश्वास, कार्यशीलता, सकारात्मक ऊर्जा तथा सफलता दर्शाता है। अगर व्यापार में किन्हीं दो व्यक्तियों की साझेदारी है और किसी गलतफहमी के कारण उनमें मनमुटाव हो गया है तथा वे दोनों हर समय एक दूसरे पर संदेह करते हैं, उनके बीच का विश्वास पूर्णतः समाप्त हो गया है और वे दोनों आपस में साथ न होकर अपना-अपना अलग व्यापार करना चाहते हैं। ऐसे समय पर अगर वे टैरो रीडर के पास जाकर टैरो रीडिंग करवाते हैं और उनका कार्ड ‘‘दी सन’’ निकलता है तो उनके लिये यह उचित होगा कि वे अलग होकर अपना स्वतंत्र व्यापार करें। इसमें उसको सफलता अवश्य मिलेगी, वह हिम्मत रखे और दृढ़ निश्चय के साथ अपना अलग व्यापार करंे। ईश्वर उसको राह दिखाएगा और वह सफल होगा।


भगवान महावीर विशेषांक  अप्रैल 2016

फ्यूचर समाचार का इस माह का विशेषांक जैन धर्म को समर्पित है। जैन धर्म को प्राचीन धर्मों में से एक माना जाता है। इस विशेषांक के अन्तर्गत जैन धर्म के सभी पक्षों को पेश करने का प्रयास किया गया है। इस विशेषांक के अन्दर अति विशिष्ट लेखों को जगह दी गई है। इन लेखों के अतिरिक्त ज्योतिष, वास्तु एवं अंकशास्त्र आदि के लेख भी पूर्व की भांति ही सम्मिलित किए गये हैं। जैसे- भूखण्डों का श्रेणीकरण, दी सन, वास्तु सम्मत प्लाॅट, शेयर बाजार में मंदी-तेजी, ग्रह स्थिति एवं व्यापार, कुछ उपयोगी टोटके, आप और आपके प्रेम सम्बन्ध, बलिदान की प्रतिमूर्ति नीरजा भनोट आदि। इनके अतिरिक्त जैन धर्म पर प्रकाशित लेख इस प्रकार हैं- जैन धर्म इतिहास की नजर में, जैन धर्म का कर्म सिद्धान्त, जैन शिक्षा एवं संदेश, अहिंसा में स्थिरता के प्रेरक भगवान महावीर, चतुर्मास - क्या करें और क्या न करें, जैन धर्म के प्रमुख पर्व आदि।

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