यह कार्ड टैरो डेक में वर्तमान में पूर्णता का संकेत देता है। यह कार्ड जिस व्यक्ति के लिये टैरो रीडिंग के दौरान निकला है, बताता है कि उस व्यक्ति की पुरानी सब समस्याएं, झगड़े अब खत्म होने जा रहे हैं। अब वह स्वतंत्र है आगे बढ़ने के लिये, उन्नति के लिये, सकारात्मक रूप से हर पहलू को देखने लिये। जो बाधाएं उसके रास्ते में थीं उनके समाप्त होने पर अब उसके सामने उन्नति का रास्ता खुल गया है। अब ईश्वर का आशीर्वाद उसके साथ है। अब समय है कि वह अंतर्विचार करे, मनन करे कि उसने अब तक दुनिया में क्या अच्छा किया और क्या किसका नुकसान किया, हम इस स्थिति में कैसे पहुंचे-इसका अवलोकन करे। यह कार्ड बताता है कि तुमने अब तक काफी कुछ कर लिया है, काफी सहन कर लिया है इस जीवन में, अब उसके लिये आसान हो गया है आगे आने वाली परेशानियों, विपरीत परिस्थितियों का सामना करने के लिये। सच तो यह है कि हमें भाग्य के अनुसार चलना होता है। भाग्य का हमारे जीवन में बहुत बड़ा हाथ है, पर जजमेंट कार्ड इन सबसे ऊपर है। जितना हम अपने बारे में जानते हैं अपना गिल्ट या सजा, अपने गुण-दोष, यह कार्ड बताता है अपने सारे पुराने प्रयत्नों का तार्किक समापन व नये कामों की शुरूआत। यदि किसी का स्वास्थ्य खराब चल रहा हो और वह अस्पताल में एडमिट है, ऐसे समय में अगर टैरो रीडिंग करवायी जाय और रीडिंग के दौरान उक्त कार्ड निकले तो यह संकेत है इस बात का कि अब उसको स्वास्थ्य लाभ निश्चित है और यह जीवन के प्रति नये उत्साह का प्रतीक बनता है। जजमेन्ट उस मौके की तरफ इशारा करता है जिसको खोना नहीं चािहये क्योंकि नया काम या परियोजना आपके पूरे जीवन को बदल सकती है। इस कार्ड का प्रगटन प्रायः जीवन में घट रही घटनाओं में तेजी ला सकता है। अगर आप नये परिवर्तन को स्वीकार नहीं करते और आगे नहीं बढ़ना चाहते, उसके लिये कोई प्रयास नहीं करते तो इस कार्ड का प्रगटन होने पर स्पष्ट है कि यह आपकी जो हठधर्मिता है आप अपनी हठधर्मिता छोड़ें तथा आगे बढ़ें। मान लीजिये आपको बिजनेस में बहुत लाभ हो गया और ऐसे समय आप किसी टैरो रीडर के पास जाते हैं और टैरो रीडिंग में आपका कार्ड ही जस्टिस निकलता है तो इसका मतलब है आप उस तकलीफ से अब निकल चुके हैं, अब आगे आप योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगे तो सब अच्छा होने की आशा आप कर सकते हैं। जो कुछ पहले से है या हुआ है उस पर एक नजर डालें और उस पर पुनर्विचार करें कि जो हुआ वह क्यों हुआ? उसमें आपसे या आपके परिवार के सदस्यों से क्या गलतियां हुईं, वह दुबारा न हो उसका प्रयास करें। आगे बढं़े। हो सकता है अगर आप पार्टनरशिप में बिजनेस कर रहे हैं तो आपके पार्टनर से भी कुछ गलतियां हो सकती हैं। जानबूझ कर या अनजाने में भी अगर गलती उसने की है तो आगे के लिये अपना बिजनेस उससे अलग कर लीजिये तभी आप उन्नति कर पायेंगे। अगर बिजनेस में नुकसान आपके परिवार के अधिक खर्चों के कारण हुआ हो तो उस पर भी आपको विचार करना चाहिए तथा आगे के लिये सावधान रहना चाहिये। इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि आय से अधिक खर्च न करें, न ही अपने परिवार के सदस्यों को ऐसा करने दें। अब इस कार्ड का प्रगटन आपको बताता है कि अब उचित समय है, सफलता आपकी राह देख रही है। आप जो भी काम बुद्धिमत्ता से सोच-विचार कर अच्छा-बुरा परख कर कुछ योग्य व्यक्तियों से परामर्श करने के बाद करने के लिये तैयार होंगे तो उसमें आपको सफलता अवश्य मिलेगी। ईश्वर का नाम लेकर कार्य आरंभ कर दीजिये आप उन्नति के मार्ग पर चल पड़ेंगे। इसी तरह मान लीजिये आपकी बेटी या बेटा विवाह योग्य है और आपने उसका रिश्ता कहीं तय कर दिया है। दो-चार महीनों से दोनों परिवारों में आना जाना भी रहता है। लेन-देन का व्यवहार भी चलता रहता है। अब आप यह सोच रहे हैं कि शादी की तारीख तय कर ली जाये, कोई अच्छा सा मुहूर्त देख कर और इसी संबंध में दूसरे पक्ष से बात करना चाहते हैं तभी आपको किसी तरह यह खबर मिलती है कि दूसरा पक्ष तो यह रिश्ता आगे बढ़ाना ही नहीं चाहता बल्कि रिश्ता तोड़ना चाहता है तो आप परेशान हो जाते हैं। आपको यह समझ में नहीं आता कि अब क्या करें? ऐसे समय में परेशान होकर आप किसी टैरो रीडर के पास जाते हैं और रीडिंग में अगर आपका उक्त कार्ड निकलता है ‘‘दी जस्टिस’ तो आपको राय दी जाती है कि आप उन घटनाओं पर विचार करें जिनके कारण यह स्थिति पैदा हुई। आपसे या आपके परिवार से कुछ गलत व्यवहार जरूर हुआ होगा जिससे यह रिश्ता टूट गया लेकिन यह कार्ड यह भी कहता है कि आप चिंता न करें, अपनी गलतियों से सबक लंे और आगे बढ़ें। नये सिरे से दूसरा रिश्ता खोजें। शायद इससे भी अच्छा रिश्ता मिलेगा जिससे आपके बच्चों को अधिक खुशियां मिलेंगी। याद रखें पुरानी गलतियों को न दोहरायें।


हनुमत आराधना एवं शनि विशेषांक  जून 2016

फ्यूचर समाचार के जून माह के हनुमत आराधना एवं शनि विशेषांक में अति विशिष्ट व रोचक ज्योतिषीय व आध्यात्मिक लेख दिए गये हैं। कुछ लेख जो इसके अन्तर्गत हैं- श्री राम भक्त हनुमान एवं शनि देव, प्रेम की जीत, शनि देव का अनुकूल करने के 17 कारगर उपाय, वाट्सएप और ज्योतिष, शनि ग्रह का गोचर विचार आदि। इनके अतिरिक्त स्थायी स्तम्भ में जो लेख प्रकाशित होते आए हैं। स्थायी स्तम्भ में भी पूर्व की भांति ही लेख सम्मिलित हैं।

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