टैरो रीडिंग के दौरान जब कार्ड ‘‘डेथ’’ निकलता है तो साधारणतः लोग इस कार्ड का नाम सुनते ही भयभीत हो जाते हैं। यह शब्द ही इतना डरावना है कि लोग घबरा जाते हैं, लेकिन वास्तव में इस ‘कार्ड’ के निकलने पर भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। इस कार्ड के निकलने का अर्थ है कि उसका संक्रांतिकाल आ गया है जिस व्यक्ति के लिये यह कार्ड निकला है यानि कि आपकी पुरानी बातें, काम अच्छी या बुरी, पुरानी समस्याएं, पुराने काम, पुराने संबंध सब समाप्त हो जायेंगे और सब कुछ नये सिरे से प्रारंभ होने वाला है। जिस किसी के लिये यह कार्ड ‘‘डेथ’ निकला है उसको अपने जीवन में होने वाले हर परिवर्तन को स्वीकार करने के लिए तैयार रहना चाहिए क्योंकि पुराने को भुलाकर नये को अपनाने में ही उसकी भलाई है। उदाहरण के लिए किसी का व्यापार घाटे में जा रहा है। वह अगर टैरो रीडर के पास अपनी समस्या लेकर जाता है व टैरो रीडिंग करवाता है और रीडिंग के दौरान उसका ‘‘उक्त’’ कार्ड यानि कि ‘डेथ कार्ड’ निकल आये तो यह कार्ड बताता है कि पुराने व्यापार को जबरदस्ती आगे बढ़ाते हुए और घाटा पर घाटा सहने की जगह उसे इस व्यापार को बंद करके किसी दूसरे व्यापार को शुरू करने की तरफ ध्यान देना चाहिए, जिसमें उसका रूझान भी हो। अगर किसी का मकान बहुत पुराना हो गया है और हर बार कुछ समय बाद उसकी मरम्मत में पैसा लगाना पड़ता है, कभी कहीं से टूटता है कभी दूसरी जगह से, कभी किसी साइड की दीवार गिरती है, कभी दूसरे कमरे की छत, कभी सीलन आ जाती है, कभी छज्जा गिर जाता है, तो ऐसी स्थिति में उसको समूचा मकान एक ही बार पूरा तोड़कर सारा नये सिरे से नक्शा बनवाकर नये रूप में मजबूत और सुंदर बनवा लेना चाहिये। मित्रों सहेलियों में या रिश्तों में अगर किन्हीं दो पक्षों में कुछ गलतफहमियां हो गयी हैं और उनमें यदा-कदा कुछ कहा सुनी होती रहती है और इससे उनके संबंध बहुत कटु हो गये हैं, मन भी विचलित रहता है, इससे इनकी कार्यक्षमता पर भी प्रभाव पड़ता है क्योंकि किसी भी काम में अच्छी तरह से मन नहीं लगता तो इस स्थिति में ऐसाही वातावरण रहने से अच्छा है इन संबंधों को खत्म करके नये मित्र बनाने की सोचंे। अगर उनके बीच एक ऐसा रिश्ता है जो समाप्त होना असंभव है तो एक मीटिंग करके आपस में बात करके यह तय कर लिया जाय कि दोनों पक्ष पुरानी सब बातों को भूलाकर नये सिरे से अपना रिश्ता कायम करें, जिससे दोनों पक्ष एक दूसरे की गलतियों को याद करके व्यवहार व माहौल खराब नहीं करेंगे जिससे कि आगे भविष्य में खुशी व सुखपूर्वक रहा जा सकेगा। अगर किसी पति-पत्नी के आपसी संबंध अच्छे नहीं हैं और रोज-रोज के झगड़ों से तंग आ चुके हैं व एक ही छत के नीचे रहने के हालात नहीं हैं, दोनों अलग-अलग रहना पसंद करते हैं, मानसिक रूप से भी परेशान रहते हैं, अपना काम सुव्यवस्थित रूप से नहीं कर पाते हैं तो टैरो रीडिंग के दौरान उनका उक्त कार्ड का निकलना यह इंगित करता है कि अब उनको तलाक ले लेना चाहिये। और आगे के जीवन के लिये नयी शुरूआत कर लेनी चाहिये। यही उनके लिये हितकर होगा। दोनों ही आगे अपनी-अपनी जिंदगी नये सिरे से शुरू कर सकते हैं। सुअवसर मिलने पर अपने लिये किसी नये साथी की तलाश करके अपने लिये नया जीवनसाथी चुनकर अपने-अपने जीवन को खुशमय बना सकते हैं। अगर कोई छात्र फेल हो गया है तो बजाय अफसोस करने के कि मेरे साथ यह कैसे हो गया, मैंने तो मेहनत की थी, पढ़ाई की थी मैं फिर भी परीक्षा में असफल हो गया। अब सब साथी विद्यार्थी मेरा उपहास उड़ायेंगे। माता-पिता रिश्तेदारों में मिलने वालों में मेरी बेइज्जती होगी, उसको यह स्थिति स्वीकार करके आगे के लिये सोचना चाहिए। उसके लिये उचित यह होगा कि वे नये सिरे से सोचें कि अब उसे आगे क्या करना है। अपने विचारांे में स्थिरता लायें और शांत मन से सोचें कि जरूर मेरी पढ़ाई में कोई कमी रह गई थी जिसके कारण मुझे सफलता नहीं मिल सकी। इस बार मैं बहुत मन लगाकर पढ़ूंगा/पढ़ूंगी । मान लीजिये की कोई युवक नौकरी के लिये प्रयास कर रहा है और उसे नौकरी नहीं मिल रही है और वह रीडर के पास जाता है और टैरो रीडिंग में इसका कार्ड निकलता है ‘‘डेथ कार्ड’’ तो यह कार्ड उसके लिये इंगित करता है कि वह दुबारा विचार करे कि क्या नौकरी ही उसके लिये एकमात्र उपाय है जीविकोर्पाजन का या इसके अतिरिक्त उसके पास क्या हुनर है जिसका इस्तेमाल करके वह अपना जीवन बेहतर बना सकता है। मान लीजिये उसके पास कुछ पूंजी है तो वह अपना खुद का व्यवसाय कर सकता है अथवा अपने किसी मित्र के साथ साझेदारी में भी कोई व्यापार कर सकता है जिसको उसका पहले से कुछ अनुभव हो। अगर उसकी एक्टिंग अच्छी है तो वह एक्टिंग के लिये शिक्षण केंद्र खोल सकता है, यदि उसको डांस व गाने, म्यूजिक, हारमोनियम, ढोलक आदि का शौक है तो इनकी कक्षाएं भी चला सकता है। अगर वह किसी विषय विशेषक गणित, साइंस (विज्ञान) या अंग्रेजी का अच्छा ज्ञाता है तो अपना स्वयं का कोचिंग सेंटर भी खोल सकता है। अगर वह महिला है और उसको सिलाई-कढ़ाई, बुनाई, ड्राइंग का अच्छा ज्ञान है तो वह घर पर ही कक्षाएं चलाकर धन अर्जन के साथ-साथ समाज को कई नये विशेषज्ञ दे सकती है। इस प्रकार नौकरी का विचार त्याग कर अपनी विचारधारा में परिवर्तन लाकर अपने जीवन को नये सिरे से स्थिर करके अपना जीवन सुचारू रूप से चला सकते हैं तथा अपने जीवन में निराशा की जगह खुशियां भर सकते हैं, इससे वे व्यस्तता के साथ-साथ आनंदपूर्वक रह सकते हैं।


विद्या बाधा निवारण विशेषांक  फ़रवरी 2016

फ्यूचर समाचार का यह विशेषांक पूर्ण रूपेण शिक्षा को समर्पित है। हम जानते हैं कि शिक्षा किसी व्यक्ति के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अवयव है तथा शिक्षा ही उस व्यक्ति के जीवन में सफलता के अनुपात का निर्धारण करता है। किन्तु शिक्षा अथवा अध्ययन किसी तपस्या से कम नहीं है। अधिकांश छात्र लगातार शिक्षा पर ध्यान केन्द्रित करने में परेशानी का अनुभव करते हैं। प्रायः बच्चों के माता-पिता बच्चों की पढ़ाई पर ठीक से ध्यान न दे पाने के कारण माता-पिता मनोवैज्ञानिक अथवा ज्योतिषी से सम्पर्क करते हैं ताकि कोई उन्हें हल बता दे ताकि उनका बच्चा पढ़ाई में ध्यान केन्द्रित कर पाये तथा परीक्षा में अच्छे अंक अर्जित कर सके। फ्यूचर समाचार के इस विशेषांक में इसी विषय से सम्बन्धित अनेक महत्वपूर्ण लेखों को समाविष्ट किया गया है क्योंकि ज्योतिष ही एक मात्र माध्यम है जिसमें कि इस समस्या का समाधान है। इस विशेेषांक के अतिविशिष्ट लेखों में शामिल हैंः जन्मकुण्डली द्वारा विद्या प्राप्ति, ज्योतिष से करें शिक्षा क्षेत्र का चुनाव, शिक्षा विषय चयन में ज्योतिष की भूमिका, शिक्षा का महत्व एवं उच्च शिक्षा, विद्या प्राप्ति हेतु प्रार्थना, माता सरस्वती को प्रसन्न करें बसंत पंचमी पर्व पर आदि। इनके अतिरिक्त कुछ स्थायी स्तम्भ जैसे सत्य कथा, हैल्थ कैप्सूल, विचार गोष्ठी, मासिक भविष्यफल आदि भी समाविष्ट किये गये हैं।

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