कुछ उपयोगी टोटके

कुछ उपयोगी टोटके  

छोटे-छोटे उपाय हर घर में लोग जानते हैं, पर उनकी विधिवत् जानकारी के अभाव में वे उनके लाभ से वंचित रह जाते हैं। इस लोकप्रिय स्तंभ में उपयोगी टोटकों की विधिवत् जानकारी दी जा रही है।

व्यापार में निर्यातकों की तरक्की का उपाय

जिन व्यापारियों का निर्यात का काम है उनको चाहिए कि एक चांदी की अंगूठी धारण करें। प्रातः काल सोमवार को अंगूठी को गंगाजल में धोकर इसको गाय के कच्चे दूध में डुबाएं। तुलसी के पत्ते थोड़ी शक्कर व सफेद फूल को डालकर शुद्ध कर लें व धूप देकर अंगूठी को पहन लें। इसके बाद व्यापार उन्नति के शिखर पर स्वयं आपको चढ़ता हुआ प्रतीत होगा।

इसी में जो व्यापारिक स्थल है कच्चा सूत लेकर उसको शुद्ध केसर में रंग लें तथा उसे सुखा कर व्यापार स्थल पर बांध दें तथा यह मंत्र बोलें- मंत्र: ऊँ ह्रीं श्रीं क्लीं नमो भगवती माहेश्वरी अन्नपूर्णा स्वाहा। इसको प्रातः सायं 21-21 बार जाप करते रहें। जितना अधिक जाप करेंगे लाभ भी उतना ही अधिक होता है।

शक्ति साधना के बाद लक्ष्मी साधना ही मुख्य है। यह स्पष्ट कह दिया है हे ! दरिद्रते तेरा अभिन्न मित्र अकाल है। जहां पर तू रहती है वहां तेरा मित्र अकाल स्वयं आ जाता है। अतः लक्ष्मी माता से यह प्रार्थना करनी चाहिए हे। माते इस दरिद्रता को डाभरी मंत्र का चमत्कार उक्त मंत्र को ग्रहण में सवा लाख का जाप कर इसको सिद्ध कर लें फिर ताजे जल में गंगाजल डालकर इसको 31 बार अभिमंत्रित कर लें फिर इसको मकान, दुकान, प्रतिष्ठान व कंपनी आदि में छिड़काव करने से समस्त दोष मिट जाते हैं।

मंत्र:

जय भवानी महाकाली, रक्षा करे चारों दुपारी कौड़ी खेल जग नगर मोहो राजा मोहो खरीदार मोहो, आसन बैठा जोगी मोहो। सकल संसार हथेली बसे हनुमन्त भैरव बसे लिलार। मेरी भक्ति गुरु की शक्ति बाबा गोरखनाथ की दुहाई पुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।

यह बहुत ही उपयोगी मंत्र है इसमें वशीकरण भी है जो सामने बैठने वाले पर हो जाता है।

धन लाभ का एक विशेष लाभकारी उपाय शनिवार को दोनों समय जब मिल रहे हों अर्थात् गोधुलि बेला उड़द के दो बड़े साबुत दाने लेकर उनपर थोड़ी दही, सिंदूर छिड़क कर पीपल के पत्ते पर रख कर पीपल की जड़ में रख दें। यह 21 दिन तक करें। आते समय मुड़ कर नहीं देखना चाहिए।



पराविद्या विशेषांक  जून 2013

फ्यूचर समाचार पत्रिका के पराविद्या विशेषांक में शनि जयंती, विवाह, विवाह में विलंब के कारण व निवारण, कुंडली में पंचमहापुरूष योग एवं रत्न चयन, तबादला एक ज्योतिषीय विश्लेषण, शुक्र की दशा का फल, शनि चंद्र का विष योग, उंगली और उंगलियों के दूरी का फल, दक्षिणावर्ती शंख, बृहस्पति का प्रिय केसर, दाह संस्कार-अंतिम संस्कार, परवेज मुशर्रफ के सितारे गर्दीश में, चांद ने डुबोया टाइटेनिक को, अंक ज्योतिष के रहस्य, विभिन्न भावों में मंगल का फल, स्वर्गीय जगदंबा प्रसाद की जीवन कथा, महोत्कट विनायक की पौराणिक कथा के अतिरिक्त, काल सर्प दोष से मुक्ति के लिए लाल किताब के अचुक उपाय, वास्तु प्रश्नोत्तरी, यंत्र समीक्षा/मंत्र ज्ञान, हेल्थ कैप्सुल, प्राकृतिक ऊर्जा संतुलन, विवादित वास्तु, विशिष्ट महत्व है काशी के काल भैरव का तथा हस्तरेखा द्वारा जन्मकुंडली निर्माण की विधियों पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई है।

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