आप का नाम और लक्ष्मी प्राप्ति के अनुभूत उपाय

आप का नाम और लक्ष्मी प्राप्ति के अनुभूत उपाय  

आप का नाम और लक्ष्मी प्राप्ति के अनुभूत उपाय डाॅ. संजय बुद्धिराजा आम तौर पर सभी लक्ष्मी पूजक एक ही तरह से सामान्य सी उपासना करते हैं लेकिन इसी उपासना आराधना को अपनी जन्म राशि को ध्यान में रखते हुए और अपने अनुकूल लक्ष्मी के स्वरूप का चयन करके किया जाय तो लाभ प्राप्ति की सीमाएं भी बढ़ जाती हैं। आइये, जानें किस-किस राशि वाले जातक को लक्ष्मी के किस स्वरूप की और किस प्रकार से पूजन करने से इष्टतम लाभ हो सकता है। दीवाली की रात यानि कालरात्रि ! महानिशा ! महाकृष्णा ! दिव्यरजनी ! तंत्र-मंत्र साधना के लिये ये रात अति उतम रात है. शास्त्रों में तो दीवाली का संपूर्ण दिन ही विभिन्न साधना व उपासना के लिये उपयुक्त माना गया है। इस दिन की जाने वाली पूजा से सुख, धन, सौभाग्य, सिद्धि व आरोग्य मिलता है। दीवाली के दिन अति शुभ फलदायक, धन की देवी माॅं लक्ष्मी की पूजा, साधना करके जातक अपने लिये सुख, धन, सौभाग्य, सिद्धि व आरोग्य प्राप्त कर सकता हैकलिय ुग में जीवन यापन के लिये आवश्यक धन कमाने व अर्जित करने की इच्छा रोगी, भोगी, योगी सभी में प्रबलता से विद्यमान रहती है। दीपावली एक ऐसा त्यौहार है जो तन(उतम स्वास्थ्य), मन(मनोकामनायें) व धन(पैसा) प्राप्त करने का सुनहरा अवसर प्रदान करता है। शास्त्रों में दीपावली के त्यौहार को जनमानस के लिये मनोरथ सिद्धि का दिन कहा गया है। यंत्र-मंत्र, पूजन व साधना द्वारा देवताओं से मनोकामनाये पूर्ण करवाने का दिन होता है दीपावली ! इसी दिन सभी देवता प्रसन्न मुद्रा में होते हैं, अर्थात् मांग लो जो मांगना है ! दीपावली के दिन जातक अपने ‘‘प्रसिद्ध नाम’’ के पहले अक्षरानुसार अपनी राशि का चयन कर निम्न उपायों को करने से अपने जीवन को धन-धान्य से भरपूर कर सकता है:- 1 मेष राशि (चू चे चो ला ली लू ले लो आ) - Û दीपावली के दिन शुक्र यंत्र व शनि यंत्र पर क्रमशः जिरकन व नीली जडवा कर तथा इन्हीं ग्रहों के मंत्रों से यंत्रों को अभिमंत्रित कर घर के मंदिर में एक वर्ष के लिये स्थापित करने, नित्य दर्शन व पूजन करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती हैÛ दीवाली के दिन चांदी का ‘‘श्रीं’’ बनवाकर उसके चारों ओर पीले व लाल जिरकन जडवाकर श्री लक्ष्मी के मंत्रों से पूरित कर गले में धारण करें तो निश्चित ही धनलाभ होता हैÛ मंगल यंत्र के सम्मुख दीपावली से शुरु कर नित्य ‘‘ऋणहर्ता मंगल स्तोत्र’’ का पाठ करें तो शीध्र ही ऋण उतरने लगता है और धन की बरकत होने लगती हैÛ दीवाली की रात एक चैकी पर लाल वस्त्र बिछायें, उस पर गेंहू से स्वास्तिक बनायें, इनके ऊपर एक थाली रखें, थाली में कुमकुम से ‘गं’ लिखें, इसके ऊपर श्वेतार्क गणपति, श्रीफल व 7 कौडियां रखें, चंदन की माला से 5 बार निम्न मंत्र का जाप करें ‘‘ऊं सर्व सिद्धि प्रदीयसि त्वं सिद्धि बुद्धिप्रदो भवः श्रीं’’. अगले दिन 5 कन्याओं को पीला भोजन करायें, श्वेतार्क को पूजाघर में रख दें, बाकी सामग्री जल में प्रवाहित कर दें. धन लाभ होने लगेगा। 2 वृष राशि - (ई उ ए ओ वा वी वू वे वो) दीपावली के दिन बुध यंत्र व गुरु यंत्र बनवा कर क्रमशः ओनेक्स व सुनहला लगवा कर तथा इन्हीं ग्रहों के मंत्रों से यंत्रों को अभिमंत्रित कर घर के मंदिर में एक वर्ष के लिये स्थापित करने, नित्य दर्शन व पूजन करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती हैÛ दीवाली के दिन चांदी का ‘‘श्रीं’’ बनवाकर उसके चारों ओर नीले व हरे जिरकन जडवाकर श्री लक्ष्मी के मंत्रों से पूरित कर गले में धारण करें तो निश्चित ही धनलाभ होता हैÛ दीवाली की रात्रि से आरंभ कर लगातार 7 दिन, महालक्ष्मी यंत्र के सम्मुख, कमल गटटे की माला से ‘‘ऊं महालक्ष्म्यै नमः’’ मंत्र का विधिवत 11 माला जाप किया जाये अैार अंतिम दिन किसी ब्राहमण को भोजन कराया जाये तो आर्थिक अनुकूलता आने लगती हैÛ दीपावली के दिन से शुरूकर हर शुक्रवार को श्री विष्णु-लक्ष्मी का पूजन करने से धन व नाम मिलता है। दीवाली के दिन तुलसी की पूजा व रात्रि में कच्चे सूत को शुद्ध केसर से रंग कर निम्न मंत्र का 5 माला जाप करने के पश्चात कार्य स्थल में रखने से व रोजाना इसके दर्शन व पूजा से उन्नति मिलती है ‘‘ऊं श्रीं श्रीं ह्रीं ह्रीं ऐश्वर्य महालक्ष्म्यै पूर्ण सिद्धिं देहि देहि नमः’’. 3 मिथुन राशि - (का की कू घ ड छ के केा हा) दीपावली के दिन चंद्र यंत्र व मंगल यंत्र बनवा कर क्रमशः मोती व मूंगा लगवा कर तथा इन्हीं ग्रहों के मंत्रों से यंत्रों को अभिमंत्रित कर घर के मंदिर में एक वर्ष के लिये स्थापित करने, नित्य दर्शन व पूजन करने से धन की देवी मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है दीवाली के दिन चांदी का ‘‘श्रीं’’ बनवाकर उसके चारों ओर नीले व हरे जिरकन जडवाकर श्री लक्ष्मी के मंत्रों से पूरित कर गले में धारण करें तो निश्चित ही धनलाभ होता हैÛ गणेश जी ऋद्धि सिद्धि के दाता हैं और लक्ष्मी जी धन की देवी हैं. दोनो का संयुक्त यंत्र महायंत्र कहलाता है। दीवाली के दिन इस यंत्र की पूजादि करने के पश्चात गल्ले या तिजोरी में रखने से धन का भंडार भरा रहता है तथा परिवार में व्यक्ति प्रसन्न और सुखी रहता हैÛ दीवाली के दिन श्वेतार्क की जड जो श्री गणेश का प्रतिरूप समझी जाती है, की सम्मान सहित पूजा स्थल पर प्राण प्रतिष्ठा की जाये और रोजाना महालक्ष्मी जी के निम्न मंत्रों के साथ उनकी व महालक्ष्मी जी की पूजा की जाये तो माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है:- ‘‘ऊं ह्रीं अष्टलक्ष्म्यै दारिद्रय विनाशिनी सर्व सुख समृद्धिं देहि देहि ह्रीं ऊं नमः’’ 4 कर्क राशि - (ही हू हे हो डा डी डू डे डा) दीवाली के दिन सूर्य यंत्र व शुक्र यंत्र बनवा कर क्रमशः माणिक व जरकन लगवा कर तथा इन्हीं ग्रहों के मंत्रों से यंत्रों को अभिमंत्रित कर घर के मंदिर में एक वर्ष के लिये स्थापित करने, नित्य दर्शन व पूजन करने से देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है दीवाली के दिन चांदी का ‘‘श्रीं’’ बनवाकर उसके चारों ओर पीले व लाल जरकन जडवाकर श्री लक्ष्मी के मंत्रों से पूरित कर गले में धारण करें तो निश्चित ही धनलाभ होता है। दीवाली के बाद पहली बार जब चंद्रमा दिखे, उस दिन से अगली पूर्णिमा तक हर रोज रात को केले के पत्ते पर दही-भात रख कर चंदमा को दिखायें और मंदिर में पंडितजी को दान दे दें। चंद्रमा प्रारब्ध का देवता है जो प्रसन्न होकर अचानक धन प्राप्ति करा देता है। चांदी से निर्मित दो गायेंा को दीवाली के दिन अभिमंत्रित कराकर एक गाय किसी विद्वान ब्राह्मण को दान देने व दूसरी गाय को ‘‘कामधेनु दैवी’’ की भांति घर के पूजन स्थल पर रखकर नित्य दर्शन व पूजन करने से धनागमन बना रहता है. 5 सिंह राशि - (मा मी मू मी टा टी टू ट) दीपावली के दिन बुध यंत्र बनवा कर, उस पर ओनेक्स लगवा कर तथा बुध के मंत्रों से अभिमंत्रित कर घर के मंदिर में एक वर्ष के लिये यंत्र को स्थापित करने, नित्य दर्शन व पूजन करने से लक्ष्मी माता की असीम कृपा प्राप्त होती हैÛ दीवाली के दिन चांदी का ‘‘श्रीं’’ बनवाकर उसके चारों ओर पीले व लाल जिरकन जड़वाकर श्री लक्ष्मी के मंत्रों से पूरित कर गले में धारण करें तो निश्चित ही धनलाभ होता हैÛ दीपावली से शुरु कर ‘‘ऊं नमो नारायणाय’’ मंत्र का श्री विष्णु जी के सम्मुख जाप रोजाना करें, धनलाभ होता हैÛ ‘‘ऊं ह्रीं क्लीं महालक्ष्मयै नमः’’ मंत्र का, श्री लक्ष्मी की तस्वीर या यंत्र के सम्मुख दीपावली से शुरु कर के नित्य 5 माला जाप करने से धन आगमन होता है. 6 कन्या राशि - (टो पा पी पू ष ण ठ पे पा) दीपावली के दिन चंद्र यंत्र व शुक्र यंत्र बनवा कर क्रमशः मोती व जिरकन लगवा कर तथा इन्हीं ग्रहों के मंत्रों से यंत्रों को अभिमंत्रित कर घर के मंदिर में एक वर्ष के लिये स्थापित करने, नित्य दर्शन व पूजन करने से धन आता है और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती हैÛ दीवाली के दिन चांदी का ‘‘श्रीं’’ बनवाकर उसके चारों ओर नीले व हरे जिरकन जड़वाकर श्री लक्ष्मी के मंत्रों से पूरित कर गले में धारण करें तो निश्चित ही धनलाभ होता हैÛ देवी दुर्गा के सम्मुख ‘‘देहि सोभाग्यमारोग्यं देहि में परम सुखम. रूपं देहि यशो देहि जयं देहि द्विशो जहि.’’ मंत्र का जप दीपावली से शुरु कर रोजाना करें। धन दूर नहीं जाता। दीवाली को लाजावर्त नग को चांदी में जड़वाकर लक्ष्मी के मंत्रों से अभिमंत्रित कर मध्यमा अंगुली में धारण करने से जातक धनवान बनता है. 7 तुला राशि - (रा री रू रे रो ता ती तू त) दीपावली के दिन महालक्ष्मी जी की पूजा के समय मां को एक इत्र की शीशी चढायें। उसमें से एक फुलेल लेकर मां को अर्पित करें। फिर पूजा के पश्चात् उसी शीशी में से थोडा इत्र स्वयं को लगा लें। इसके बाद रोजाना इसी इत्र में से थोडा-सा लगा कर कार्य स्थल पर जायें तो रोजगार में भी वृद्धि होने लगती हैÛ दीपावली के दिन सूर्य यंत्र व मंगल यंत्र बनवा कर क्रमशः माणिक व मूंगा लगवा कर तथा इन्हीं ग्रहों के मंत्रों से यंत्रों को अभिमंत्रित कर घर के मंदिर में एक वर्ष के लिये स्थापित करने, नित्य दर्शन व पूजन करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है व यश मिलता हैÛ दीवाली के दिन श्रीयंत्र की प्राण प्रतिष्ठा करनी चाहिये और प्रतिदिन पूजा करनी चाहिये। इससे सभी प्रकार के दुख, रोग व दरिद्रता का नाश होता है, सभी तरह के भौतिक सुख, शांति व आनन्द प्राप्त होते हैं। इस यंत्र की पूजा के लिये मंत्र इस प्रकार है - ‘‘श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः’’. दीवाली के दिन चांदी का ‘‘श्रीं’’ बनवाकर उसके चारों ओर नीले जिरकन जड़वाकर श्री लक्ष्मी के मंत्रों से पूरित कर गले में धारण करें तो निश्चित ही धनलाभ होता है. 8 वृश्चिक राशि - (तो ना नी नू ने नो या यी यू) दीपावली के दिन गुरु यंत्र व बुध यंत्र बनवा कर क्रमशः सुनहला व ओनेक्स लगवा कर तथा इन्हीं ग्रहों के मंत्रों से यंत्रों को अभिमंत्रित कर घर के मंदिर में एक वर्ष के लिये स्थापित करने, नित्य दर्शन व पूजन करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती हैÛ दीवाली के दिन चांदी का ‘‘श्रीं’’ बनवाकर उसके चारों ओर पीले व सफेद ज़िरकन जड़वाकर श्री लक्ष्मी के मंत्रों से पूरित कर गले में धारण करें तो निश्चित ही धनलाभ होता हैÛ मंगल यंत्र के सम्मुख दीपावली से शुरु कर नित्य ‘‘ऋणहर्ता मंगल स्तोत्र’’ का पाठ करें तो शीध्र ही ऋण उतरने लगता है और धन की बरकत होने लगती हैÛ श्री यंत्र, कुबेर यंत्र या दक्षिणावर्ती शंख घर के पूजनस्थल पर रखकर नित्य दर्शन व पूजा करें तो चमत्कारी परिणाम स्वतः ही देखे जा सकते हैं. 9 धनु राशि - (ये यो भा भी भू धा फा ढा भे) दीपावली के दिन शनि यंत्र व शुक्र यंत्र बनवा कर क्रमशः नीली व ज़िरकन लगवा कर तथा इन्हीं ग्रहों के मंत्रों से यंत्रों को अभिमंत्रित कर घर के मंदिर में एक वर्ष के लिये स्थापित करने, नित्य दर्शन व पूजन करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती हैÛ दीवाली के दिन चांदी का ‘‘श्रीं’’ बनवाकर उसके चारों ओर पीले व लाल ज़िरकन जड़वाकर श्री लक्ष्मी के मंत्रों से पूरित कर गले में धारण करें तो निश्चित ही धनलाभ होता हैÛ यदि दीवाली के दिन निम्न मंत्र की 21 माला जाप की जाये और अगले दिन एक ब्राहमण को भोजन कराया जाये, तत्पश्चात रोजाना इसी मंत्र का एक माला जाप किया जाये तो अक्षय धन की प्राप्ति होती है। ‘‘ऊं श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं सौं ऊं ह्रीं क ए ई ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं सकल ह्रीं सौं ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ऊं’’. दीपावली के दिन हल्दी की 11 गांठों को पीले कपडे में रख कर निम्न मंत्र का 11 माला जाप कर तिजोरी में रख दिया जाये और रोजाना वहां दिया जलाया जाये तो व्यापार की उन्नति होने लगती है ‘‘ऊं वक्रतुण्डाय हुं’’. 10 मकर राशि - (भे जा जी खी खू खे खो गा गी) दीवाली के दिन शनि व मंगल यंत्र बनवा कर क्रमशः नीली व मूंगा लगवा कर तथा इन्हीं ग्रहों के मंत्रों से यंत्रों को अभिमंत्रित कर घर के मंदिर में एक वर्ष के लिये स्थापित करने, नित्य दर्शन व पूजन करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती हैÛ दीवाली के दिन चांदी का ‘‘श्रीं’’ बनवाकर उसके चारों ओर नीले व हरे जिरकन जड़वाकर श्री लक्ष्मी के मंत्रों से पूरित कर गले में धारण करें तो निश्चित ही धनलाभ होता हैÛ दीपावली की शाम को एक सुपारी व एक ही तांबें का सिक्का लेकर किसी पीपल के पेड़ के नीचे रख देंरविवार को उसी पीपल के पेड़ का पत्ता लाकर कार्यस्थल पर गददी के नीचे रख देने से ग्राहक बने रहते हैं और धन आने लगता हैÛ दीवाली के दिन शनि यंत्र को घर की पश्चिम दिशा में नीले कपडे के आसन पर स्थापित कर नित्य शनि के मंत्रों से जप करें व तेल का दीपक भी जलायें, तो जातक धनी बनता है। 11 कंुभ राशि - (गू गे गो सा सी सू से सो दा) दीपावली के दिन गुरु यंत्र बनवा कर तथा सुनहला लगवा कर और गुरु के मंत्रों से यंत्र को अभिमंत्रित कर घर के मंदिर में एक वर्ष के लिये स्थापित करने, नित्य दर्शन व पूजन करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती हैÛ दीवाली की अमावस्या की रात से पहले आने वाले शनिवार से घर की पूरी साफ सफाई शुरू कर देनी चाहिये। रददी, टूटी चीजे आदि निकाल कर बाकी चीजें करीने से रख देनी चाहिये। शाम के समय घर के सभी बल्ब कम से कम 20 मिनट के लिये रोजाना रोशन कर देने चाहिये। निम्न मंत्र से रोजाना लक्ष्मी जी की उपासना करने से सुख व समृद्धि मिलती है. ‘‘ऊं ऐं ह्रीं श्रीं सं सिद्धिदां साधय साधय स्वाहा’’ दीवाली के दिन चांदी का ‘‘श्रीं’’ बनवाकर उसके चारों ओर नीले ज़िरकन जडवाकर श्री लक्ष्मी के मंत्रों से पूरित कर गले में धारण करें तो निश्चित ही धनलाभ होता हैÛ दीवाली के दिन अपने गल्ले के नीचे काली गुंजा के दाने डाल दें और निम्न मंत्र की 5 माला जाप करें तथा रोजाना महालक्ष्मी जी के सामने दिया जलाने से व्यवसाय में होने वाली हानि रूक जाती है ‘‘ऊं ऐं ह्रीं विजय वरदाय देवी ममः’’ 12 मीन राशि - (दी दू थ झ दे देा चा ची) दीवाली के दिन शनि व मंगल यंत्र बनवा कर क्रमशः नीलम व मूंगा लगवा कर तथा इन्हीं ग्रहों के मंत्रों से यंत्रों को अभिमंत्रित कर घर के मंदिर में एक वर्ष के लिये स्थापित करने, नित्य दर्शन व पूजन करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती हैÛ दीवाली के दिन चांदी का ‘‘श्रीं’’ बनवाकर उसके चारों ओर पीले व लाल जिरकन जड़वाकर श्री लक्ष्मी के मंत्रों से पूरित कर गले में धारण करें तो निश्चित ही धनलाभ होता हैÛ दीवाली के दिन 11 हल्दी की गांठों को पीले कपडे में रख कर निम्न मंत्र का 11 माला जाप कर तिजोरी में रख दिया जाये और रोजाना वहां दिया जलाया जाये तो व्यापार की उन्नति होने लगती है ‘‘ऊं वक्रतुण्डाय हुं’’. मंूगे के गणपति दीपावली के दिन स्थापित कर ‘‘ऊं एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्ती प्रचोदयात्’’ मंत्र का जाप करें, निश्चय ही धनलाभ होता हैÛ दीवाली की रात में चांदी की ढक्कन वाली डिबिया में नाग केसर व शहद भर कर अपनी तिजोरी या गल्ले में रख दें. अगली दीवाली तक ऐसे ही रहने दें. फिर दीपक जलाकर रोजाना श्री सूक्त का पाठ या विष्णु सहस्र नाम का जाप करें। तिजोरी सारे साल धन से भरी रहेगी।



दीपावली विशेषांक   अकतूबर 2011

दीपावली पर्व की प्राचीनता, इतिहास व् धर्म, विभिन्न देशों दीपावली जैसे अन्य प्रकाश पर्व, दीपावली ऋतु पर्व धार्मिक पर्व के रूप में, दीपावली पूजन: कब और कैसे?

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