2015 में भारत की राजनीति, अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार

2015 में भारत की राजनीति, अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार  

वर्ष 2015 में भारत वर्ष की कुंडली में नव ग्रहों का गोचर में संचार हमारे देश की राजनीति, अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार को किस प्रकार प्रभावित करेगा और आपको लाभ कमाने में कैसे मदद कर सकता है उसका ज्योतिषीय पूर्वानुमान यहां प्रस्तुत है: वर्ष 2015 में व्यापार का शुभारंभ 1 जनवरी को गुरुवार के दिन होगा। आरम्भ के समय सूर्य, बुध के साथ धनु राशि में होंगे, चन्द्रमा मेष में, मंगल, शुक्र के साथ मकर में, गुरु कर्क में, शनि वृश्चिक में, राहु कन्या में और केतु मीन राशि में होंगे। वर्ष के दौरान शनि 14 मार्च को वक्री होकर तुला राशि की ओर अग्रसर होंगे और 2 अगस्त को पुनः मार्गी होकर वर्षांत तक वृश्चिक राशि में विद्यमान रहेंगे, शनि 2 नवंबर से 01 दिसंबर तक अस्त रहेंगे। वर्ष के आरम्भ में गुरु वक्री हो कर कर्क राशि में होंगे और 8 अप्रैल को मार्गी हो कर 14 जुलाई को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे और वर्षान्त तक सिंह राशि में रहेंगे। गुरु 14 अगस्त से 8 दिसंबर तक अस्त रहेंगे। वर्षारम्भ में राहु कन्या में और केतु मीन राशि में होंगे और वर्षांत तक विद्यमान रहेंगे। मंगल मकर राशि से यात्रा प्रारंभ करके वर्षांत में कन्या राशि में विद्यमान रहेंगे। सूर्य, बुध एवं शुक्र सभी 12 राशियों में भ्रमण करेंगे। चन्द्रमा हर माह सभी राशियांे में से हो कर गुजरेगा। भारतवर्ष की चन्द्र कुंडली में गुरु पूर्वार्ध में लग्न में और उत्तरार्ध में द्वितीय भाव में गोचर करेगा, शनि वर्षभर पंचम भाव में गोचर करेगा जिसके प्रभाव स्वरूप पूर्वार्ध में विश्व भर में भारत वर्ष की यश, कीर्ति और मान-सम्मान में वृद्धि होगी, योग, प्राकृतिक चिकित्सा एवं देशी दवाइयों और आयुर्वेद के क्षेत्र में अप्रत्याशित उपलब्धियां प्राप्त होंगी। तकनीकी शिक्षा और खेल-कूद में सरकारी और निजी भागीदारी के संयुक्त प्रयासों से विशेष सफलता मिलेगी। अर्थहीन और पुराने कानूनांे से मुक्ति मिलेगी, वर्तमान संदर्भ में नवीन आधुनिक कानून लागू होंगे। न्यायपालिका की कार्यप्रणाली में तीव्रता आएगी, राजनैतिक और आर्थिक स्थिरता आएगी, उत्तरार्ध में विदेशांे में जमा काले धन की वापसी और विदेशी निवेश से आर्थिक सुधारांे में तेजी आएगी, शेयर बाजार, रियल्टी और भवन निर्माण एवं इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी का दौर पुनः आरम्भ होगा। सोने-चांदी की कीमतों में तेजी आएगी। गैस, पेट्रोल और बिजली के उत्पादन में अपेक्षाकृत वृद्धि होने से मूल्यों में कमी आएगी। मोटर वाहन उद्योग और भारी मशीन उद्योग में भी विशेष प्रगति की आशा रहेगी, बारिश और मौसम नकारात्मक संकेत दे रहे हैं जिससे कृषि उत्पादों में कमी से खाद्य पदार्थों की महंगाई और विदेशी व्यापार में आयात की तुलना में निर्यात में कमी देखने को मिल सकती है लेकिन विदेशी निवेश से डॉलर की कीमतों में गिरावट आएगी और रुपया मजबूत होगा। किसी भी देश की राजनैतिक परिस्थितियां उस देश की अर्थव्यवस्था को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती है। शक्तिशाली अर्थव्यवस्था वाला देश विश्व के मानचित्र में अपना एक विशेष स्थान रखता है, इसीलिए विकसित देश विकासशील देशों की राजनीति को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करते हैं। वर्तमान परिस्थितियों में भारतवर्ष विकासशील देश होते हुए भी विकसित देशों में अपना एक अहम स्थान रखता है। ज्योतिष शास्त्र के गहरे अध्ययन के अनुसार वर्ष 2015 में देश में राजनैतिक स्थिरता पूर्णतः बनी रहेगी, राज्यों में होने वाले चुनावों में भी भारतीय जनता पार्टी एवं एन. डी. ए. को पूर्ण बहुमत मिलने की आशा रहेगी जिससे केंद्र और राज्यों में आर्थिक रिश्तों और टैक्स प्रणाली में समन्वय बनेगा परिणाम स्वरूप आर्थिक प्रगति में तेजी आएगी। शेयर बाजार में मेडिसिन और हॉस्पिटल उद्योग में निरंतर तेजी बनी रहेगी, निजी बैंकों और वित्तीय संस्थानों में निवेश से विशेष लाभ की आशा रहेगी, भारी मशीनरी और रेलवे से जुड़े उद्योगांे में भी तेजी की आशा रहेगी, टेलीकॉम,मीडिया और इन्फाॅर्मेशन टेक्नोलॉजी, ई. काॅमर्स में भी प्रत्येक गिरावट पर निवेश ठीक रहेगा। सीमेंट, रियल्टी और इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर्स में दीर्घकालीन निवेश से लाभ प्राप्ति की आशा रहेगी। चीन, वियतनाम, कोरिया, जापान आदि पूर्वी देशांे से व्यापारिक रिश्तांे में सुधार की आशा रहेगी जिससे खाद्य पदार्थों और स्वास्थ्य उत्पादों के निर्माण में विशेष प्रगति की संभावना रहेगी। वर्षारंभ में सोने-चांदी में प्रत्येक गिरावट पर दीर्घकालीन निवेश ठीक रहेगा। क्रूड आॅयल में प्रत्येक गिरावट पर निवेश से शीघ्र लाभ की आशा रहेगी। चलिए अब आपको शेयर बाजार के अपेक्षित मासिक उतार-चढ़ाव के बारे में विस्तार से अवगत करा देते हैं! जनवरी: वर्ष के आरम्भ में बाजार तेजी के साथ खुलने की प्रबल आशा रहेगी और बाजार सकारात्मक रुख लेकर कारोबार करेगा। विदेशी संस्थागत निवेशकों के आने से बाजार में खरीददारी का वातावरण बना रहेगा लेकिन ऐसे में एफ. एमसी. जी. एवं शराब उद्योग के शेयरों में बिकवाली करना ठीक रहेगा, रंग रोगन और रसायन की कम्पनियांे, गैस, पेट्रोलियम और आॅयल मार्केटिंग कम्पनियों में भी लाभ कमाना एक उचित निर्णय रहेगा क्योंकि माह के मध्य में सरकारी नीतियों और रिजर्व बैंक के निर्णयों से बाजार पर नकारात्मक असर आने की आशा रहेगी जिससे इन शेयर्स में गिरावट पर निवेश के अवसर मिलेंगे। प्रत्येक गिरावट पर स्टील, लोहा, भारी मशीन और रेल उद्योग के शेयर्स में निवेश एक उचित निर्णय रहेगा, प्रकाशन और शिक्षा संस्थानों में निवेश से माह के अंत में लाभ प्राप्ति की संभावना रहेगी। माह के अंतिम सप्ताह में पुनः तेजी की आशा रहेगी। ऐसे में सीमेंट और रियल्टी एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर के शेयरों में बिकवाली करना ठीक रहेगा। रुपए के अवमूल्यन और डॉलर में तेजी के प्रभाव से आईटी और निर्यातक कंपनियों में भी लाभ प्राप्ति की आशा रहेगी, उसका भी लाभ उठाना ठीक रहेगा। बैंक और वित्तीय संस्थाओं एवं इंश्योरेंस कम्पनियों के शेयर में किसी विशेष तेजी या मंदी की संभावना नहीं दिखाई देती। माह के अंत में बाजार तेजी के साथ बंद होने की आशा रहेगी। फरवरी: व्यापार का आरम्भ 2 तारीख को सोमवार के दिन होगा। ग्रहों के प्रभाव स्वरूप बाजार तेजी के साथ खुलने की प्रबल आशा रहेगी। ऐसे मंे मेटल, स्टील, लोहा, भारी मशीन और रेल उद्योग के शेयर्स में बिकवाली करना ठीक रहेगा, वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक की ओर से ब्याज दरांे में कटौती के संकेत और मौद्रिक नीति में सुधार की सम्भावना रहेगी जिससे बैंकों और वित्तीय संस्थानों के शेयर्स में भी अप्रत्याशित तेजी की आशा रहेगी, उनमें भी लाभ कमाना ठीक रहेगा। चीनी-चावल मिलों और रसायन एवं फर्टिलाइजर की कम्पनियों के शेयर्स यदि नीचे के मूल्यों पर मिलें तो निवेश से इसी माह लाभ प्राप्ति की आशा रहेगी। माह के मध्य में मोटर वाहन उद्योग में भी लाभ कमाने के अवसर मिलेंगे उसका फायदा उठा सकते हैं क्योंकि इसी माह नीचे के मूल्यों पर निवेश के अवसर मिलेंगे। मीडिया, फिल्म और मनोरंजन उद्योग में भी मंदी के संकेत नजर आते हैं लेकिन उच्च स्तर की कम्पनियों में निवेश से अगले माह लाभ प्राप्ति की आशा रहेगी। सरकारी कम्पनियों के शेयर्स में भी विनिवेश की संभावना रहेगी जिससे उनमें तेजी की लहर आ सकती है परन्तु उनमंे बिकवाली करना ठीक रहेगा क्योंकि विनिवेश की प्रक्रिया क्रियान्वित होने की संभावना नजर नहीं आती है। सोने-चांदी और ज्वेलरी उद्योग में गिरावट पर निवेश करना लाभप्रद रहेगा। अंत में बाजार तेजी के साथ बंद होने की आशा रहेगी। मार्च: व्यापार का आरम्भ 2 तारीख को सोमवार के दिन होगा। ग्रहों के प्रभावस्वरूप बाजार सकारात्मक रूप से खुलने की प्रबल आशा रहेगी। ऐसे में सीमेंट और रियल्टी एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर के शेयरों में बिकवाली करना ठीक रहेगा, मेडिसिन और हॉस्पिटल उद्योग में भी आरम्भ में लाभ कमाने के अवसर मिलने की पूर्ण संभावना रहेगी। उनका सदुपयोग करके चलें। इनमें शीघ्र ही गिरावट पर निवेश के अवसर मिलेंगे। निजी बैंकों और वित्तीय संस्थानों में प्रत्येक गिरावट पर निवेश एक अच्छा सौदा रहेगा। शराब-सिगरेट और होटल उद्योग के शेयर्स में भी प्रत्येक गिरावट पर निवेश कर सकते हैं। माह के मध्य में आई. टी., टेलीकॉम, ई. काॅमर्स और मीडिया के शेयर्स में तेजी की आशा रहेगी। ऐसे में इनमें लाभ कमाना ठीक रहेगा। टायर, रबड़ और प्लास्टिक उद्योग में भी यदि लाभ मिले तो उनमें बिकवाली करना एक उचित निर्णय रहेगा। रोड ट्रांसपोर्ट, सिविल एविएशन, उद्योग एवं शिपिंग इण्डस्ट्रीज में भी प्रत्येक तेजी पर लाभ कमाना ठीक रहेगा। माह के अंतिम सप्ताह में विदेशी बाजारों में गिरावट का नकारात्मक असर शेयर बाजार में देखने को मिल सकता है परन्तु उस गिरावट में स्थिरता नहीं रहेगी इसलिए प्रत्येक क्षेत्र में उच्च स्तर की ब्लू चिप कम्पनियों के शेयर्स में निवेश से शीघ्र लाभ प्राप्ति की आशा रहेगी। अंत में बाजार गिरावट के साथ बंद होने की प्रबल सम्भावना रहेगी। अप्रैल: व्यापार का आरम्भ 1 तारीख को बुधवार के दिन होगा। ग्रहों के प्रभावस्वरूप बाजार नकारात्मक रुख के साथ खुलने की प्रबल सम्भावना रहेगी, कृषि उत्पादन में कमी की संभावना और खाद्य पदार्थों की महंगाई की आशंका से बाजार में गिरावट का रुख बने रहने की पूर्ण संभावना रहेगी। एफ. एम. सी. जी. एवं कृषि आधारित उद्योगों में भी तीव्र गिरावट की प्रबल सम्भावना रहेगी इसलिए आरम्भ में इनमें किसी भी निवेश से दूर रहें। मोटर, वाहन और फर्टिलाइजर उद्योग में भी मंदी का वातावरण रहेगा लेकिन ऐसे में इनमें प्रत्येक गिरावट पर निवेश से इसी माह लाभ प्राप्ति की आशा रहेगी। मेटल, स्टील, लोहा और पावर उद्योग के शेयर्स में यदि लाभ मिले तो लाभ कमाना एक उचित निर्णय रहेगा। माह के मध्य में बैंकों और वित्तीय संस्थानों में प्रत्येक तेजी पर बिकवाली करके चलना ठीक रहेगा। मीडिया, फिल्म, होटल, रिसाॅर्ट और टूर एंड ट्रैवल्स उद्योग में भी अंतिम सप्ताह में तेजी की सम्भावना रहेगी। ऐसे में इनमें लाभ कमाना ठीक रहेगा। टेक्सटाइल और फैशन उद्योग के शेयर्स में बिकवाली के दबाव के कारण गिरावट की पूर्ण आशा रहेगी। इस मंदी में इनमें खरीददारी कर सकते हैं। माह के अंत में बाजार लाभ के साथ बंद होने की प्रबल आशा रहेगी। मई: व्यापार का आरम्भ 4 तारीख को सोमवार के दिन होगा। ग्रहों के प्रभावस्वरूप बाजार सकारात्मक रूप से खुलने की प्रबल आशा रहेगी। कच्चे तेल में मांग की तुलना में अधिक उत्पादन की खबरों के चलते पेट्रोल, डीजल एवं गैस और आॅयल मार्केटिंग कम्पनियों के शेयर्स में तेजी के आसार नजर आते हैं। ऐसे में इनमें बिकवाली करना ठीक रहेगा क्योंकि गिरावट पर इसी माह पुनः निवेश के अवसर मिलेंगे। कुरियर और लॉजिस्टिक्स कम्पनियांे के शेयर्स में भी लाभ कमाने के अवसर मिलेंगे उनका सदुपयोग कर सकते हैं। माह के आरम्भ में मेटल, स्टील, लोहा और पावर उद्योग के शेयर्स में मंदी की आशा रहेगी लेकिन माह के मध्य में तेजी की आशा रहेगी इसलिए आरम्भ में इनमें खरीददारी करने से लाभ प्राप्ति के योग बनेंगे। इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्राॅनिक्स कम्पनियों के शेयर्स में भी गिरावट देखने को मिलेगी; इनमंे भी निवेश से इसी माह लाभ प्राप्ति की आशा रहेगी। माह के अंत में विदेशों से नकारात्मक रुझान के चलते मेडिसिन और सौंदर्य प्रसाधन की कम्पनियों में गिरावट का रुख दिखाई दे सकता है लेकिन यह निवेश के लिए एक बेहतरीन मौका रहेगा। माह के अंत में बाजार गिरावट के साथ बंद होने की प्रबल आशा रहेगी। जून: व्यापार का आरम्भ 1 तारीख को सोमवार के दिन होगा। ग्रहों के प्रभाव स्वरूप बाजार वर्तमान स्तरों के आस-पास ही खुलने की प्रबल सम्भावना रहेगी लेकिन विदेशी बाजारों के सकारात्मक रुख का प्रभाव भारतीय शेयर बाजारों पर भी दिखाई देगा और तेजी का वातावरण बनेगा इसलिए आरम्भ में सीमेंट, रियल्टी, इन्फ्रास्ट्रक्चर, सैनिटरी और टाइल उद्योग में निवेश के अच्छे मौके मिलने की संभावना रहेगी उनका सदुपयोग कर सकते हैं। बैंकांे और वित्तीय संस्थानों में भी प्रत्येक गिरावट पर निवेश से शीघ्र लाभ प्राप्ति की आशा रहेगी। माह के मध्य में ऐश्वर्य, विलासिता, गोल्ड-डायमंड ज्वेलरी, सिगरेट और शराब की कम्पनियों में तेजी की आशा रहेगी, ऐसे में इनमें लाभ कमाना एक उचित निर्णय रहेगा। रंग-रोगन और रसायन की कम्पनियों में भी बिकवाली करना ठीक रहेगा। अंतिम सप्ताह में बैंकों द्वारा कम्पनियों से कर्जों की वसूली के लिए सख्त कदम उठाने से बाजार में बिकवाली के दबाव के चलते पुनः गिरावट की प्रबल आशा रहेगी। ऐसे में बैंकों, इन्श्योरेन्स कम्पनियों और वित्तीय संस्थानों एवं गोल्ड फंड्स में निवेश करना ठीक रहेगा। माह के अंत में बाजार गिरावट के साथ बंद होने की प्रबल आशा रहेगी। जुलाई: व्यापार का आरम्भ 1 तारीख को बुधवार के दिन होगा। ग्रहों के प्रभावस्वरुप बाजार सकारात्मक रूख लेकर खुलेंगे लेकिन प्रत्येक तेजी पर जिस भी सेक्टर में लाभ मिले लाभ कमाना ठीक रहेगा। तेल, तेलहन, चीनी-चावल मिलों और एफ. एम. सी. जी. उद्योग में बिकवाली को प्राथमिकता देना ठीक रहेगा। ऐश्वर्य, विलासिता और रिटेल, फैशन, होटल, रेस्टोरेंट, फूड चेन आदि में लाभ कमाना ठीक रहेगा क्योंकि असंतुलित वर्षा और मौसम की अनियमितता के चलते गिरावट की प्रबल सम्भावना रहेगी। पहली तिमाही के परिणामों के भी नकारात्मक रहने के समाचारों से बाजार में निवेशकों का अभाव रहेगा। विदेशी व्यापार में भी घाटे के संकेत नजर आने से रुपये के अवमूल्यन की भी आशा रहेगी इसलिए किसी भी नवीन निवेश से दूर ही रहना ठीक रहेगा। सरकारी हस्तक्षेप और नियमों की सख्ती के चलते रियल्टी, इन्फ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट में देरी की संभावना बनेगी जिसके चलते सीमेंट और स्टील की मांग में भी कमी रहने की आशा रहेगी। अंतिम सप्ताह में हाॅस्पिटल, मेडिसिन और फार्मा सेक्टर में गिरावट का का रुख रहेगा। यह निवेश के लिए एक उचित अवसर रहेगा। माह के अंत में बाजार गिरावट के साथ बंद होने की आशा रहेगी। अगस्त: व्यापार का आरम्भ 03 तारीख को सोमवार के दिन होगा। वक्री शनि मार्गी होकर धनु की ओर अग्रसर होंगे। ग्रहों के प्रभाव-स्वरुप बाजार सकारात्मक रुख के साथ खुलने की प्रबल सम्भावना रहेगी। सरकारी नीतियों में सुधार और ब्याज दरों में कमी की संभावना से बाजार में विदेशी और संस्थागत निवेशकों के आने से बाजारों में तेजी की प्रबल संभावना रहेगी लेकिन प्रत्येक तेजी पर किसी भी नवीन निवेश से पूर्व पहले किये गये निवेश पर लाभ कमाना उचित निर्णय रहेगा। बैंकांे और वित्तीय संस्थाओं एवं इंश्योरेंस कम्पनियों के शेयर में प्राथमिकता से लाभ कमाना ठीक रहेगा, मोटर- वाहन और रेलवे से जुड़ी कम्पनियां एवं भारी मशीन उद्योग में भी लाभ कमाने के अवसर मिलेंगे, उनका सदुपयोग करके चलें क्योंकि माह के मध्य में अस्त गुरु के साथ सूर्य के सिंह राशि में युति करने से बाजार में अस्थिरता का वातावरण बनेगा। ऐसे में प्रत्येक गिरावट पर सरकारी कंपनियों विशेषकर स्टील, भारी मशीन और तेल, गैस मार्केटिंग कम्पनियांे में निवेश करना उचित रहेगा क्योकि माह के अंत में इनमंे तेजी की आशा रहेगी, आई. टी और टेलीकाॅम एवं मीडिया में भी निवेश से इसी महीने लाभ प्राप्ति की प्रबल संभावना रहेगी। अंतिम सप्ताह में इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्राॅनिक्स में नीचे के मूल्यों पर निवेश कर सकते हैं, माह के अंत में बाजार तेजी के साथ बंद होने की आशा रहेगी। सितंबर: व्यापर का आरम्भ 1 तारीख को मंगलवार के दिन होगा। ग्रहों के प्रभावस्वरुप बाजार वर्तमान स्तरों के आस-पास ही खुलने की प्रबल सम्भावना रहेगी और बाजार में एक सीमित दायरे में ही कारोबार होने की स्थिति नजर आती है इसलिए प्रत्येक तेजी में प्लास्टिक, रबड़, रंग-रोगन, केमिकल और जिस सेक्टर में भी लाभ की प्राप्ति हो रही हो उसमें बिकवाली करना ठीक रहेगा। गिरावट पर पुनः उनमें खरीद के साथ-साथ गोल्ड फंड, बैंकों और वित्तीय संस्थाओं एवं इंश्योरेंस कम्पनियों के शेयर में भी निवेश एक उचित निर्णय रहेगा। मध्याह्न में विदेशी मुद्रा की तुलना में रुपये में मजबूती की आशा रहेगी और रियल्टी, इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट में एफ. डी. आई के क्रियान्वित होने के सकारात्मक प्रभाव से रुके हुए प्रोजेक्ट्स में तेजी के चलते सीमेंट और स्टील की मांग में भी वृद्धि होगी जिससे इनके शेयर्स में भी लाभ कमाने के अवसर मिलेंगे, उसका फायदा उठा सकते हंै। माह के अंतिम सप्ताह में टेक्सटाइल, कपड़ा मिलांे एवं काॅटन उद्योग में निवेश से अगले माह लाभ कमा सकते हैं, होटल, रिसाॅर्ट और फिल्म एवं मीडिया में भी खरीददारी करके चलना ठीक रहेगा। अंत में बाजार सकारात्मक रुख के साथ बंद होने की प्रबल आशा रहेगी। अक्टूबर: व्यापार का आरम्भ 1 तारीख को गुरुवार के दिन होगा। ग्रहों के प्रभावस्वरूप बाजार सकारात्मक रुख के साथ खुलने की प्रबल सम्भावना रहेगी। पेट्रोल, डीजल एवं गैस और आॅयल मार्केटिंग कम्पनियों के लाभ में होने की आशा से इनके शेयर्स में तेजी के आसार नजर आते हैं, आई. टी., टेलीकाॅम एवं मीडिया में भी लाभ प्राप्ति की आशा रहेगी। ऐसे में इनमंे बिकवाली करना ठीक रहेगा। आरम्भ में मोटर-वाहन उद्योग, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्राॅनिक्स एवं कंज्यूमर ड्यूरेबल निर्माण की कम्पनियों में नीचे के मूल्यों पर निवेश के अवसर मिलेंगे, उनका लाभ उठा सकते हैं। मध्याह्न में दूसरी तिमाही के सकारात्मक परिणामों की आशा को देखते हुए हाॅस्पिटल, मेडिसिन और फार्मा सेक्टर में तेजी की संभावना रहेगी, ऐसे में इनमें लाभ कमाना ठीक रहेगा। टेक्सटाइल, कपड़ा मिलों एवं काॅटन उद्योग में भी लाभ कमा सकते हैं, माह के अंतिम सप्ताह में ट्रांसपोर्ट, लाॅजिस्टिक्स एवं टूर एंड ट्रैवल्स की कम्पनियों में निवेश से शीघ्र लाभ प्राप्ति की आशा रहेगी। माह के अंत में बाजार तेजी के साथ बंद होने की प्रबल आशा रहेगी। नवम्बर: इस माह व्यापार का आरम्भ 2 तारीख को सोमवार के दिन होगा। ग्रहों के प्रभावस्वरुप बाजार वर्तमान स्तरों के पास ही खुलने की प्रबल संभावना रहेगी। ऐसे में गोल्ड डायमंड ज्वेलरी, फैशन और टेक्सटाइल उद्योग के शेयर्स में निवेश कर सकते हैं। प्लास्टिक, रबड़, टायर और बैटरी उद्योग में भी प्रत्येक गिरावट पर निवेश ठीक रहेगा। शनिदेव 13 नवम्बर को पश्चिम में अस्त होंगे और 14 दिसंबर को पूर्व में उदय होंगे जिसके प्रभावस्वरूप मोटर-वाहन उद्योग, भारी मशीनरी और रेलवे से जुड़े उद्योगों में भी गिरावट के रुख की आशा रहेगी। ऐसे में उनमें निवेश से अगले माह लाभ कमाने के अवसर मिलेंगे। मध्याह्न में शिपिंग, एविएशन और ट्रांसपोर्ट उद्योग के शेयर्स में गिरावट पर निवेश कर सकते हैं। तेल, तेलहन, चीनी-चावल मिलों और एफ. एम. सी. जी. उद्योग में बिकवाली करना ठीक रहेगा क्योंकि गिरावट पर पुनः निवेश के अवसर मिलेंगे। माह के अंतिम सप्ताह में मीडिया, टेलीकॉम, आई. टी. और इलेक्ट्राॅनिक्स में प्रत्येक गिरावट पर निवेश एक उचित निर्णय रहेगा। अंत में बाजार मामूली गिरावट के साथ बंद होने की आशा रहेगी। दिसंबर: व्यापार का आरम्भ 1 तारीख यानि मंगलवार को होगा। ग्रहों के प्रभावस्वरूप बाजार नकारात्मक रुख ले कर खुलेंगे और बिकवाली का दबाव बने रहने की पूर्ण सम्भावना रहेगी। आरम्भ में यदि लाभ मिले तो सीमेंट और रियल्टी, इन्फ्रास्ट्रक्चर और स्टील एवं पावर के शेयर्स में बिकवाली करना ठीक रहेगा। प्लास्टिक, रबड़, रंग-रोगन और केमिकल में भी लाभ कमाना ठीक रहेगा लेकिन विलासिता, गोल्ड-डायमंड ज्वेलरी, होटल, सिगरेट और शराब की कम्पनियांे में प्रत्येक गिरावट निवेश के लिए एक उत्तम अवसर रहेगा। मध्याह्न में शनिदेव के उदय होने के प्रभाव से मोटर-वाहन उद्योग, भारी मशीनरी और रेलवे से जुड़े उद्योगों में भी लाभ कमाने के अवसर मिलेंगे, उसका फायदा उठा सकते हैं। तेल, गैस, पेट्रोलियम और कृषि-उर्वरक एवं रसायन की कम्पनियों के शेयर्स माह के अंत में नीचे के मूल्यों पर खरीदने के अवसर मिलेंगे, ऐसे में इनमें निवेश करना एक उचित निर्णय रहेगा। माह के अंतिम सप्ताह में बैंकों और वित्तीय संस्थाओं एवं इंश्योरेंस कम्पनियों के शेयर में निवेश से अगले वर्ष निश्चित लाभ प्राप्ति की आशा रहेगी। माह के अंत में बाजार गिरावट के साथ बंद होने की आशा रहेगी। फ्यूचर समाचार पत्रिका के सभी पाठकों को ईश्वर शेयर बाजार में लाभ कमाने के अनंत अवसर प्रदान करें। इन्हीं शुभकामनाओं सहित आप सब का नववर्ष शुभ, मंगलमय, सुख समृद्धि एवं लाभ से परिपूर्ण रहे। नोट: -उपरोक्त फलादेश ग्रह स्थिति पर आधारित है, इसका उद्देश्य पाठकों का मार्गदर्शन करना है। कोई भी निर्णय लेने से पहले बाजार को प्रभावित करने वाले अन्य कारणों पर भी ध्यान दंे। सट्टा खेलने की प्रवृत्ति, निर्णय में गलती एवं निजी भाग्यहीनता के कारण होने वाले किसी भी नुकसान के लिए लेखक, सम्पादक एवं अन्य की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।


नववर्ष विशेषांक  जनवरी 2015

फ्यूचर समाचार पत्रिका के नववर्ष विशेषांक में नववर्ष की भविष्यवाणियों में आपकी राशि तथा भारत व विश्व के आर्थिक, राजनैतिक व प्राकृतिक हालात के अतिरिक्त 2015 में भारत की अर्थव्यवश्था, शेयर बाजार, संतान भविष्य आदि शामिल हैं। इसके साथ ही आपकी राशि-आपका खानपान, ज्योतिष और महिलाएं, जनवरी माह के व्रत-त्यौहार, क्यों मानते हैं मकर सक्रांति?...

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