पीपल पूज्य एवं गुणों की खान

सितम्बर 2013

व्यूस: 44899

पीपल हिन्दू धर्म का पूज्य वृ़क्ष माना जाता है। जैसे देवताओं में अनेक गुण होते हैं वैसे ही पीपल का वृक्ष भी गुणों की खान है इसलिए पीपल वृक्ष की पूजा वैसे ही होती है जैसे किसी देवता की। पीपल के पत्तों, शाखाओं, छाल एवं जड़ में तीव्र ... और पढ़ें

स्वास्थ्यविविध

पेप्टिक अल्सर : क्यों और कैसे

जून 2006

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आज के आधुनिक एवं मशीनी युग में व्यक्ति को न तो खाने – पीने की वस्तुओं की सुध है और न ही व्यायाम का कोई नियम। परिणाम स्वरूप पेप्टिक अल्सर रोग का प्रसार हो रहा है। पेप्टिक अल्सर अर्थात पेट, दर्द और अफारा... और पढ़ें

स्वास्थ्यविविध

हिस्टीरिया

अप्रैल 2010

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‘हिस्टीरिया' रोग एक मनोरोग है। इस रोग का मूल कारण होता है रोगी किसी अतृप्त इच्छा को अपने अंतर्मन में दबाए रखता है। आइए, इस रोग के लक्षण व विभिन्न लग्नों में ज्योतिषीय कारणों का पता लगाएं।... और पढ़ें

ज्योतिषस्वास्थ्यउपायराशि

राशि के अनुसार रुद्राक्ष धारण करने से आयु-आरोग्य तथा धन, यश की प्राप्ति

मई 2010

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एक मुखी रुद्राक्ष: इस रुद्राक्ष को कोई भी व्यक्ति धारण कर सकता है यह साक्षात् भगवान शिव का स्वरूप माना गया है। इसे धारण करने से यश, मान, प्रतिष्ठा, धन, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।... और पढ़ें

ज्योतिषस्वास्थ्यउपाययशरूद्राक्षसंपत्तिराशि

कुछ अनुभूत टोटके

जून 2014

व्यूस: 29461

ससुराल में सुखी रहने के लिये - यदि कन्या 7 साबुत हल्दी की गांठें, पीतल का एक टुकड़ा, थोड़ा सा गुड़ लेकर ससुराल की ओर फेंक दे तो वह कन्या ससुराल में सुखी रहती है।... और पढ़ें

स्वास्थ्यउपायविवाहसफलताटोटकेसंपत्ति

खाने में किसके साथ क्या खाएं क्या न खाएं

जनवरी 2015

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अक्सर संतुलित आहार की बात होती है लेकिन इसके अतिरिक्त यह जानना भी आवश्यक है कि किस चीज को किसके साथ खाएं या किसको किसके साथ न खाएं। हम खाने में एक साथ कई चीजें खाना पसंद करते हैं। लेकिन एक ही समय कुछ चीजों को एक साथ खान... और पढ़ें

ज्योतिषस्वास्थ्यभविष्यवाणी तकनीक

पथरी: कारण और निवारण

अप्रैल 2014

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पेशाब के साथ निकलने वाले भिन्न-भिन्न प्रकार के क्षारीय तत्व जब किन्हीं कारणवश नहीं निकल पाते और मूत्राशय, गुर्दे अथवा मूत्र नलिका में एकत्र होकर कंकड़ का रूप ले लेते हैं तो इसे पथरी कहा जाता है। पथरी रोग मूत्र संस्थान से संबंधित है... और पढ़ें

स्वास्थ्यविविध

क्यों जरूरी है गृहप्रवेश से पहले वास्तु शांति करवाना

जुलाई 2013

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नए घर में प्रवेश से पूर्व वास्तु शांति अर्थात यज्ञादि धार्मिक कार्य अवश्य करवाने चाहिए। वास्तु शांति कराने से भवन की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती है तभी घर शुभ प्रभाव देता है जिससे जीवन में खुशी व सुख-समृद्धि आती है। वास्तु शास्... और पढ़ें

स्वास्थ्यउपायवास्तुसुखगृह वास्तुव्यवसायिक सुधारसंपत्ति

सौंफ - मसालों की रानी और आषधीय गुणकारी

जनवरी 2014

व्यूस: 26413

शायद ही कोई व्यक्ति हो जो ‘सौंफ’ से परिचित न हो। सौंफ को मसालों की रानी और पान की जान भी कहा जाता है। सौंफ का पौधा झाड़ के समान पतली-पतली कोमल पत्तियों वाला होता है। यह बहुत अधिक ऊंचा नहीं होता। इसके फूल पीले होते हैं। इस पौधे पर ... और पढ़ें

स्वास्थ्यविविध

लहसुन

सितम्बर 2014

व्यूस: 26321

लहसुन रोगनाशक, बल एवं स्वास्थ्य वर्द्धक है। इसके खाने से भूख अच्छी लगती है और शरीर में गर्मी और चेहरे की चमक बनी रहती है। आयुर्वेद में लहसुन को रसायन कहा गया है। आयुर्वेद के अतिरिक्त अन्य चिकित्सा पद्धतियों ने ... और पढ़ें

स्वास्थ्यविविध

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