सफलता प्राप्ति हेतु कुछ उपाय

सफलता प्राप्ति हेतु कुछ उपाय  

सफलता प्राप्ति हेतु कुछ उपाय डाॅ. उर्वशी बंधु कई बार अनचाही परेशानियां आ घेरती हैं, सूझता नहीं कि क्या किया जाए? ऐसी स्थिति में कुछ छोटे-छोटे उपाय अपनाकर इन्हें दूर किया जा सकता है.... मुकदमेबाजी मुकदमेबाजी से बचने के लिए शुक्ल पक्ष के प्रथम सोमवार को भगवान शिव के सम्मुख 16 साबुत बादाम सूर्योदय के पश्चात चढ़ाएं। उनमें से आधे यानी 8 बादाम वापस ले आएं और अपने आभूषणों में रख दें और तब तक रखे रहें। जब तक कि मुकदमा खत्म न हो जाए। इसके पश्चात इन आठ बादामों में आठ साबुत बादाम और मिला कर उन्हें शिव भगवान को चढ़ा दें। भिखारी व भूखों को हलुआ या खीर खिलाएं। परीक्षा में सफलता कई बार बहुत मेहनत के पश्चात् भी परीक्षा परिणाम में उचित अंक प्राप्त नहीं होते। ऐसे में निराश न हों। यह टोटका करें। शुक्ल पक्ष के बृहस्पतिवार को सिद्धि योग में अपने पूजा घर में पूर्व दिशा की ओर मंुह करके बैठें और सामने चैकी पर सफेद सूती वस्त्र बिछा लें। अब एक किनारे वाली थाली लेकर उसमें केसर से ‘ह्रीं’ लिखें। उस पर पिरामिड स्थापित कर दें। उसे केसर से तिलक करें और धूप दीप दिखाएं। इसके पश्चात् ¬ नमो ¬ श्रीं वद वद वाग्वादिनी बुद्धि वर्द्धय ¬ ह्रीं नमः। मंत्र के रुद्राक्ष की माला से तीन माला जप नौ दिन तक प्रतिदिन करें। दसवें दिन छात्र पिरामिड अपनी स्टडी टेबल पर रख लें और माला गले में धारण कर लें। दुख-दरिद्र निवारण दुख दरिद्रता नाशक टोटका शुक्ल पक्ष के प्रथम शुक्रवार, बृहस्पतिवार या बुधवार को करें। सर्वप्रथम प्रातः एक चैकी पर पीला वस्त्र बिछा लें। एक चांदी की थाली लें, थाली न हो तो चांदी की कटोरी भी ले सकते हैं। इसमें केसर से ‘श्रीं’ लिखें। इस पर लाल पुष्प चढ़ा कर धनदा यंत्र को स्थापित कर दें। पांच कौड़ियों को केसर से रंग कर थाली में रख दें। लघु दक्षिणावर्ती शंख में केसर मिश्रित जल भर कर कौड़ियों व धनदा यंत्र का पूजन करें। धूप दीप दिखाएं, खीर का प्रसाद चढ़ाएं। ‘‘¬ श्रीं’’ मंत्र के स्फटिक या कमलगट्टे की माला से कम से कम तीन माला जप प्रतिदिन करें। 21 दिन तक ऐसे ही पूजा करें। सब चीजों को 21 दिन बाद पीले कपड़े में लपेट कर तिजोरी में या जहां रुपये पैसे रखते हों, वहां रख दें, लाभ मिलेगा। विदेश यात्रा अधिकांश लोगों की विदेश जाने की इच्छा होती है। सफल विदेश यात्रा के लिए यह टोटका करें। चैकी पर एक गुलाबी वस्त्र बिछा लें। शुक्ल पक्ष के प्रथम सोमवार व शुभ योग में उस पर स्वस्तिक का चिह्न बना लें। रोली से मूंग की धुली दाल या अरहर की दाल की छोटी ढेरी बना लें। इसके पश्चात तीन हकीकों और एक लघु नारियल को रख कर उनका तिलक करें, धूप दीप दिखाएं, प्रसाद चढ़ाएं। ¬ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं हंू सौः जगत्प्रसूत्यै नमः मंत्र के दो माला जप तीन दिन तक करें। जप के पश्चात प्रतिदिन एक हकीक को मौली की गांठ लगाएं, इस प्रकार तीनों में गांठ लग जाएगी। अब लघु नारियल को बीच में बांध दें। इन सब वस्तुओं की पोटली बना कर मां के मंदिर के प्रांगण में वृक्ष पर बांध दें और विदेश गमन की प्रार्थना करें। वापस घर आते समय मुड़ कर न देखें। सभी बाधाएं और अड़चनें दूर होने लगेंगी। श्रद्धा अटूट होनी चाहिए, लाभ तभी संभव है। शुभ वैवाहिक जीवन शयन कक्ष के दक्षिण-पश्चिम कोने में मंडेरियन बत्तख के एक जोड़े के साथ क्वार्ट्ज रखने से अच्छे वैवाहिक संबंध बनने की संभावना बढ़ जाती है। अविवाहितों के लिए अच्छे और संपन्न घरों से रिश्ते आने लगते हैं। यह उपाय शुभ समय में ही करें।



रुद्राक्ष एवं आध्यात्मिक वास्तु विशेषांक   फ़रवरी 2007

प्रकृति के कोष से हमें कई जिवानोपर्यांत वस्तुएं प्राप्त होती है. ऐसी ही वस्तुओं में एक है रुद्राक्ष. रुद्राक्ष का आध्यात्मिक और औषधीय महत्त्व बहुत है. शुद्ध रुद्राक्ष की पहचान कैसे की जाए? रुद्राक्ष का सम्बन्ध भगवान शिव से कैसे जुडा हुआ हैं? रुद्राक्ष धारण

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