विद्या बाधा मुक्ति के सरल उपाय

विद्या बाधा मुक्ति के सरल उपाय  

या देवी सर्व भूतेषु विद्यारूपेण संस्थिाता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। विद्यार्थियों को अक्सर स्मरण न रहने की शिकायत रहती है। पढ़ने में ध्यान न लगना, मेहनत के बावजूद वांछित फल न मिलना, पाठ भूल जाना, परीक्षा का भय सताना आदि अनेक ऐसे व्यवधान हैं, जिनसे हर विद्यार्थी परेशान रहता है और साथ में उसके माता-पिता भी। विद्या अध्ययन में आने वाली बाधाओं से मुक्ति के लिए सरस्वती के विभिन्न मंत्र एवं उपाय इस प्रकार हैं- परीक्षा भय निवारण मंत्र:¬ओं ऐं ह्रीं श्रीं वीणा पुस्तक धारिणीम् मम् भय निवारय निवारय अभयं देहि देहि स्वाहा। स्मृति नियंत्रण मंत्र: ओं ऐं स्मृत्यै नमः। विघ्न निवारण मंत्र: ओं ऐं ह्रीं श्रीं अंतरिक्ष सरस्वती परम रक्षिणी मम सर्व विघ्न बाधा निवारय निवारय स्वाहा। मेहनत के बाद पूर्ण फल और अच्छे अंक प्राप्त करने हेतु: ओं ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं ब्लंू ज्ञान मूर्तये, विज्ञान मूर्तये परम् ब्रह्म स्वरूपाय परम् तत्व धारिणे मम ममास्ये प्रकाशम् कुरु कुरु स्वाहा। पढ़ाई में एकाग्रता/मन लगाने के लिए मंत्र: ओं ऐं हैं ह्रीं किणि किणि विच्चै।। सर्व बाधा मुक्ति एवं ज्ञान वर्धक गायत्री मंत्र: ओं भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्। कुछ उपाय बुधवार को सरस्वती यंत्र युक्त सरस्वती लाॅकेट धारण करें। एक, चार और छः मुखी रुद्राक्ष धारण करने से स्मरण शक्ति तीव्र होती है। पन्ने का लाॅकेट या पन्ना युक्त त्रिशक्ति लाॅकेट बुधवार को धारण करें। सरस्वती यंत्र और संपूर्ण विद्या दायक यंत्र अपनी पढ़ाई की मेज पर रखें या कमरे में लटकाएं। हरे हकीक की माला पर सरस्वती मंत्र का जप करें और इसे धारण करें। सरस्वती की प्रतिमा या चित्र अपने कमरे में लगाएं। पढ़ते समय अपना मुख पूर्व या ईशान की ओर रखंे। इससे मस्तिष्क शांत रहेगा और मन एकाग्र होगा। प्रतिदिन प्रातः दस बार प्राणायाम करें। जब भी मन भटके, तब तीन बार प्राणायाम कर लें। इससे शक्ति और स्फूर्ति पैदा होती है और मन एकाग्र हो जाता है। यदि रात को नींद ठीक से नहीं आती हो, तो दक्षिण में सिर और उŸार में पैर करके सोएं। यदि शाम को थकावट महसूस हो, तो गुनगुने पानी में नहाकर सोएं। सोते समय सरस्वती मंत्र का जप करते रहें, जब तक नींद न आ जाए। इस समय पाठ का ध्यान बिल्कुल न करें। परीक्षा में तैयारी के नियम परीक्षा से पूर्व केवल महत्वपूर्ण प्रश्नों का ही अभ्यास करें। यदि परीक्षा का भय लग रहा हो और मन न लग रहा हो, तो केवल एक महत्वपूर्ण प्रश्न लें और उसे पूरी तरह से समझकर याद करें। अन्य प्रश्नों के बारे में न सोचें। पिछले प्रश्न पत्रों का अवलोकन अवश्य करें। यदि परीक्षा अभी दूर हो अर्थात उसमें समय हो, तो सिर्फ नोट्स बनाएं और उसका एक पक्ष के अंतराल पर पुनरावलोकन अवश्य करें। परीक्षा के लिए जाने से पूर्व मीठी दही का सेवन करें एवं गणेश जी के निम्न मंत्र का ध्यानपूर्वक जप करके प्रस्थान करें। ओं वक्र तुंड महाकाय सूर्य कोटि समप्रभः। निर्विघ्नम् कुरु मे देव सर्व कार्येषु सर्वदा।। प्रश्न पत्र पर ओं एं लिखकर शुरू करें।


विद्या बाधा मुक्ति विशेषांक  फ़रवरी 2010

इस विशेषांक में ज्योतिष में विद्या प्राप्ति व उच्च शिक्षा के योग, विद्या प्राप्ति में बाधा, ज्ञान प्रदायिनी तारा महाविद्या साधना, विद्या व ज्ञान प्राप्ति के ज्योतिषीय उपाय इत्यादि विषयों का समावेश किया गया है। इस विशेषांक में विक्रमी संवत्‌ २०६७ ज्योतिष के आइने में' लेख के अंतर्गत भारत के समाजिक, आर्थिक व सामाजिक भविष्य पर चर्चा की गई है। संपादकीय लेख में श्री अरुण कुमार बंसल जी ने विद्यार्थियों के लिए विद्या बाधा मुक्ति के कुछ सरल व सटीक उपाय प्रस्तुत किए हैं।

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