ग्रह स्थिति एवं व्यापार

ग्रह स्थिति एवं व्यापार  

गोचर फल विचार मासारंभ में मंगल व शनि का राशि संबंध तथा गुरु व राहु का परस्पर राशि संबंध बना होने से हिंसक और प्राकृतिक घटनाओं में बढ़ोत्तरी का योग बनाता है। देश के प्रमुख क्षेत्रों तथा राजधानी में साम्प्रदायिक मुद्दे चर्चा का विषय रहेंगे जिसके साथ ही राजनैतिक माहौल में गर्माहट रहेगी। आम जनता के द्वारा शासकीय नीतियों का विरोध किया जाएगा और प्रमुख राजनेताओं में परस्पर टकराव की स्थिति रहेगी। शनि का वक्री स्थिति में रहना भी उपरोक्त फलों में और वृद्धिकारक रहेगा जिससे जनता में भय की स्थिति और शासन के प्रति आक्रोश की भावना बनी रहेगी। 25 अप्रैल को शुक्र मेष राशि में आकर देवगुरु बृहस्पति से दृष्टिगत होगा। यह योग दैनिक उपयोगी वस्तुओं में महंगाई बढ़ाएगा और शासक वर्ग में फेरबदल का योग भी बनाता है। इस मास में उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में बादल चाल और खंड वर्षा का योग बनाता है। गोचर ग्रह परिवर्तन व नक्षत्र वेध इस मासारंभ में 1 अप्रैल को राहु पू.फा नक्षत्र के चतुर्थ चरण में प्रवेश करेगा तथा केतु ग्रह पू. भाके द्वितीय चरण में प्रवेश करेगा। 2 अप्रैल को बुध अश्विनी नक्षत्र में प्रवेश कर सर्वतोभद्रचक्र द्वारा रोहिणी नक्षत्र का वेध करेगा तथा मेष राशि में आकर गुरु ग्रह से दृष्टिगत होगा। 3 अप्रैल को शुक्र उ. भा. नक्षत्र में आकर हस्त नक्षत्र का वेध करेगा। 5 अप्रैल को बुध ग्रह पश्चिम में उदय होगा। 8 अप्रैल को शुक्रवार के दिन चंद्र दर्शन 30 मुहूर्ती में होगा। 10 अप्रैल को बुध ग्रह भरणी नक्षत्र में आकर मघा नक्षत्र का वेध करेगा। 13 अप्रैल को सूर्य मेष राशि में आएगा और वैशाख संक्रांति 45 मुहूर्ती में होगी। 14 अप्रैल को शुक्र रेवती नक्षत्र में आकर उ. फा. नक्षत्र का वेध करेगा। 16 अप्रैल को वक्री गुरु ग्रह पू. फा. नक्षत्र के द्वितीय चरण में प्रवेश करेगा। 17 अप्रैल को वृश्चिक राशि में स्थित मंगल ग्रह वक्री गति में आएगा। 20 अप्रैल को बुध कृतिका नक्षत्र में आकर श्रवण नक्षत्र को वेधेगा। 25 अप्रैल को शुक्र अश्विनी नक्षत्र में आकर पू. फानक्षत्र का वेध करेगा तथा मेष राशि में आकर सूर्य व बुध के साथ राशि संबंध बनाएगा। 27 अप्रैल को सूर्य भरणी नक्षत्र में आकर कृतिका, मघा व अनुराधा नक्षत्रों का वेध करेगा। 28 अप्रैल को मेष राशि में स्थित बुध ग्रह वक्री गति में आएगा और इसी दिन शुक्र ग्रह भी अस्त होगा। सोना व चांदी मासारंभ में 1 अप्रैल को कुछ तेजी के बाद मंदी का रूख ही बनाएगा। 2 अप्रैल को बाजारों में पूर्वरूख ही दर्शाता है। 3 अप्रैल को सोना व चांदी के बाजारों में मंदी का रूझान ही बनाएगा। 5 अप्रैल को बाजारांे में बदलाव देकर तेजी का वातावरण ही बनाएगा। 8 अप्रैल को बाजारांे में विशेषतया उतार-चढ़ाव के बाद तेजी की लहर को ही चलाएगा। 10 अप्रैल को बाजारांे में मंदी का माहौल ही बना देगा। 13 अप्रैल को बाजारांे में तेजी के बाद मंदी का रूख ही दर्शाता है। 14 अप्रैल को बाजारांे में पूर्वरूख ही बनाएगा। 16 अप्रैल को बाजारों में विशेषतया उतार-चढ़ाव की स्थिति को ही बनाएगा। 17 अप्रैल को बाजारों में कुछ तेजी का दायक ही बनाएगा। 20 अप्रैल को बाजारांे में तेजी का योग ही दर्शाता है। 25 अप्रैल को बाजारांे में तेजी के बाद मंदी का रूझान ही बनाएगा। 27 अप्रैल को बाजारों में तेजी की लहर को ही आगे चलाएगा। 28 अप्रैल को बाजारांे में तेजी का वातावरण ही बनाएगा। गुड़ व खांड़ मासारंभ में गुड़ व खांड के बाजारांे को 1 अप्रैल को तेजीदायक ही बनाएगा। 2 अप्रैल को बाजारों में तेजी के बाद मंदी का रूझान ही बनाएगा। 3 अप्रैल को बाजारों में मंदी का रूख ही दर्शाता है। 5 अप्रैल को बाजारांे में तेजी का वातावरण ही दर्शाता है। 8 अप्रैल को बाजारों में पुनः कुछ मंदी की स्थिति ही बनाएगा। 10 अप्रैल को बाजारों को मंदीदायक ही बनाएगा। 13 अप्रैल को बाजारों में विशेषतया उतार-चढ़ाव के बाद मंदी का रूझान ही बनाएगा। 14 अप्रैल को बाजारों में पूर्वरूख को ही बनाएगा। 16 अप्रैल को बाजारों में मंदी का योग बनाएगा। 17 अप्रैल को बदलाव देकर बाजारों में तेजी की लहर को ही आगे चलाएगा। 20 अप्रैल को बाजारों में तेजी का वातावरण ही दर्शाता है। 25 अप्रैल को बाजारों में तेजी में वृद्धि का दायक ही बनाएगा। 27 अप्रैल को बाजारों में पूर्व रूख का योग ही बनाएगा। 28 अप्रैल को आगे बाजारों में तेजी का माहौल ही बनाएगा। अनाजवान एवं दलहन मासारंभ में 1 अप्रैल को मूंग, मौठ अरहर, मसूर इत्यादि दालवानों और गेहूं, जौ, चना, ज्वार, बाजरा इत्यादि अनाजवानों के बाजारों में तेजी का योग दर्शाता है। 2 अप्रैल को बाजारांे में उतार-चढ़ाव की स्थिति ही बनाएगा। 3 अप्रैल को बाजारांे में तेजी के बाद मंदी का रूख ही बनाएगा। 8 अप्रैल को बाजारों में कुछ तेजी के योग बनाएगा। 10 अप्रैल को बाजारों में उतार-चढ़ाव का वातावरण ही बनाएगा। 13 अप्रैल को बाजारांे में तेजी की लहर को ही चलाएगा। 14 अप्रैल को बाजारों में मंदी का ही दायक बनाएगा। 16 अप्रैल को बाजारों में मंदी का रूझान ही बनाएगा। 17 अप्रैल को बाजारांे में विशेषतया उतार-चढ़ाव के बाद तेजी के रूख को बरकरार रखेगा। 20 अप्रैल को बाजारों में तेजी की ही स्थिति को दर्शाता है। 25 अप्रैल को बाजारों में मूंग, मोठ, अरहर, मसूर इत्यादि दालवानों और गेहूं, जौ, चना, ज्वार, बाजरा इत्यादि अनाजवानों के बाजारों में रूख तेजी की तरफ ही बनाएगा। 28 अप्रैल को बाजारों में मंदी का ही दायक बनाएगा। घी व तेलवान मासारंभ में घी व तेलवान के बाजारांे में 1 अप्रैल को तेजी का दायक ही बनाएगा। 2 अप्रैल को बाजारों में पूर्वरूख को ही बनाएगा। 3 अप्रैल को बाजारों में बदलाव देकर मंदी की रूख ही बरकरार रखेगा। 5 अप्रैल को बाजारों में उतार-चढ़ाव के साथ रूख मंदी की तरफ ही दर्शाता है। 8 अप्रैल को भी बाजारों में मंदी की स्थिति को ही बनाएगा। 10 अप्रैल को बाजारों में कुछ तेजी का वातावरण ही दर्शाता है। 13 अप्रैल को बाजारांे में तेजी के बाद मंदी का योग ही बनाएगा। 16 अप्रैल को बाजारों में मंदी का रूख ही बरकरार रखेगा। 17 अप्रैल को बाजारों में तेजी की लहर को ही चलाएगा। 20 अप्रैल को बाजारों में मंदी का माहौल बनाएगा। 25 अप्रैल को बाजारांे में तेजी के बाद मंदी का रूख ही बना देगा। 27 अप्रैल को बाजारों में तेजी का वातावरण ही दर्शाता है। 28 अप्रैल को बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद रूख तेजी की तरफ ही बनाएगा। नोट: उपर्युक्त फलादेश पूरी तरह ग्रह स्थिति पर आधारित है, पाठकों का बेहतर मार्ग दर्शन ही इसका मुख्य उद्देश्य है। इसके साथ-साथ संभावित कारणों पर भी ध्यान देना चाहिए जो बाजार को प्रभावित करते हैं। कृपया याद रखें कि व्यापारी की सट्टे की प्रवृत्ति और निर्णय लेने की शक्ति में कमी तथा भाग्यहीनता के कारण होने वाले नुकसान के लिए लेखक, संपादक एवं प्रकाशक जिम्मेदार नहीं हैं।

भगवान महावीर विशेषांक  अप्रैल 2016

फ्यूचर समाचार का इस माह का विशेषांक जैन धर्म को समर्पित है। जैन धर्म को प्राचीन धर्मों में से एक माना जाता है। इस विशेषांक के अन्तर्गत जैन धर्म के सभी पक्षों को पेश करने का प्रयास किया गया है। इस विशेषांक के अन्दर अति विशिष्ट लेखों को जगह दी गई है। इन लेखों के अतिरिक्त ज्योतिष, वास्तु एवं अंकशास्त्र आदि के लेख भी पूर्व की भांति ही सम्मिलित किए गये हैं। जैसे- भूखण्डों का श्रेणीकरण, दी सन, वास्तु सम्मत प्लाॅट, शेयर बाजार में मंदी-तेजी, ग्रह स्थिति एवं व्यापार, कुछ उपयोगी टोटके, आप और आपके प्रेम सम्बन्ध, बलिदान की प्रतिमूर्ति नीरजा भनोट आदि। इनके अतिरिक्त जैन धर्म पर प्रकाशित लेख इस प्रकार हैं- जैन धर्म इतिहास की नजर में, जैन धर्म का कर्म सिद्धान्त, जैन शिक्षा एवं संदेश, अहिंसा में स्थिरता के प्रेरक भगवान महावीर, चतुर्मास - क्या करें और क्या न करें, जैन धर्म के प्रमुख पर्व आदि।

सब्सक्राइब

.