वास्तु का स्वास्थ्य पर प्रभाव

वास्तु का स्वास्थ्य पर प्रभाव  

व्यूस : 2428 | मई 2015

कुछ समय पूर्व पं. जी श्री मनोहर सेठ के घर वास्तु निरीक्षण के लिये गये। वहां पर उनसे बातचीत करते हुए पता चला कि पिछले कुछ समय से वे काफी परेशान हैं। घर के सभी सदस्यों में तनाव रहता है, कर्यालय में भी वरिष्ठ अधिकारियों से मन-मुटाव रहता है और मानसिक परेशानी बनी रहती है। इसकी वजह से स्वास्थ्य भी खराब रहता है। जीवन में सुख शांति का अभाव महसूस होता है। वास्तु निरीक्षण करने पर पाए गए वास्तु दोष - उनके घर की उत्तर दिशा पश्चिम की तरफ झुकी हुई थी।

- उनके घर के भूतल में पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम हिस्सा नीचा था अर्थात पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम कमरा दो सीढ़ी उतरकर बना था जो कि एक गंभीर वास्तु दोष है जिसके कारण घर के मालिक को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां एवं धन हानि होती है।

- मुख्य द्वार दक्षिण-पश्चिम में था जो कि मालिक को घर से बाहर रखता है और स्वास्थ्य एवं आर्थिक समस्याएं देता है।

- रसोईघर में गैस स्टोव उत्तर-पूर्व में रखा था और पानी का ंिसंक दक्षिण-पश्चिम में था जिसके कारण खर्चा अधिक होता है, परिवार में वैचारिक मतभेद बने रहते हैं।

- उत्तर-पूर्व में स्टोर बना होने के कारण घर में मानसिक तनाव बना रहता है और हर काम में रुकावट आती है।

- भूतल में जाती सीढ़ियों के सामने शीशा लगा था जिससें सीढ़ियां प्रतिबिम्बित हो रही थीं और शीशा दक्षिण की दीवार पर लगा था जो कि शुभ नहीं होता और हर काम में देरी और सेहत में खराबी का कारण होता है। सुझाव - दक्षिण-पश्चिम में बने कमरे को ठीक करने की सलाह दी गई और उसको बाकी के फर्श के लेवल के बराबर करने को कहा गया।

- दक्षिण-पश्चिम में बने प्रवेश द्वार पर दहलीज बनाने को कहा। दहलीज के नीचे चांदी की पत्ती और ऊपर पीला पेंट करने को कहा गया।

- रसोईघर में गैस को उत्तर-पश्चिम की तरफ करने की सलाह दी गई और सिंक को गैस की जगह उत्तर-पूर्व में स्थानांतरित करवाया ।

- उत्तर-पूर्व में स्टोर को हल्का करने की सलाह दी गई और स्टोर को मन्दिर से स्थानांतरित करने को कहा गया। अनचाहा सामान और व्यर्थ का सामान स्टोर से हटाने की सलाह दी गई जिससे घर में नकारात्मक ऊर्जा कम हो सके।

- शीशे को उत्तर-पूर्व, उत्तर या पूर्व की दीवार पर लगाने को कहा गया जिससे घर में सुख समृद्धि बढ़ सके। अभी कुछ दिन पूर्व उनसे मिलने पर उन्होंने बताया कि सभी सुझावों को कार्यान्वित करने के बाद उनके जीवन में मानसिक शांति और सुख-समृद्धि की बढ़ोत्तरी हुई। प्रश्न: पंडित जी मैं अपने घर की आर्थिक समस्याओं से बहुत परेशान हूं। आमदनी से ज्यादा खर्च की अधिकता रहती है। नौकरी छूट गई है। कृप्या मेरा नक्शा देखकर बतायें कि कहीं मेरी परेशानी का कारण मेरा घर तो नहीं है।

- प्रभुदयाल, जैसलमेर उत्तर: आपकी परेशानी का मुख्य कारण आपके घर के उत्तर-पूर्व में बनी सीढियां हैं जो कि गंभीर आर्थिक समस्याएं उत्पन्न कर देती हैं। खर्चा इतना बढ़ जाता है कि दिवालियापन तक होने की संभावना पैदा हो जाती है और घर में मानसिक तनाव रहता है। उत्तर-पूर्व में सीढियां होने से उत्तर-पूर्व ऊंचा एवं भारी हो जाता है जो कि सबसे नीचा एवं हल्का होना चािहए। सीढ़ियों को दक्षिण-पूर्व की तरफ स्थानांतरित करने से आपकी आर्थिक समस्यायें नगण्य हो जायेंगी। प्रश्न: मेरे घर के सभी सदस्यों का स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता। कृप्या घर का नक्शा देखकर समाधान बतायें।

-अनुभव गुप्ता, कटक उत्तर: आपके घर के दक्षिण-पूर्व दिशा का बढ़ना एवं दक्षिण-पश्चिम में शौचालय होना गंभीर वास्तु दोष है। दक्षिण-पूर्व के बढ़ने से घर की महिलाओं का स्वास्थ्य खराब रहता है। दक्षिण-पश्चिम में शौचालय घर के मालिक को आर्थिक एवं स्वास्थ्य संबंधी परेशानी देता है। शौचालय को स्टोर के साथ स्थानांतरित करें एवं उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पूर्व में कम से कम 3 फुट ऊंची दीवार बनायें। पीछे की तरफ जाने के लिये सीढ़ी बनाई जा सकती है और उस हिस्से में बागवानी कर सकते हैं। ऐसा करने से दक्षिण-पूर्व के बढ़ने का दोष काफी हद तक खत्म हो जायेगा।

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साईं विशेषांक  मई 2015

फ्यूचर समाचार का साँई बाबा विशेषांक विेश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु श्री शिरडी साँई बाबा से सम्बन्धित सर्ब प्रकार की जानकारी देता है। इस विशेषांक में आपको साँई बाबा के उद्भव, बचपन, आध्यात्मिक शक्तियाँ, महत्वपूर्ण तथ्य, सबका मालिक एक व श्रद्धा और सबुरी जैसी लोकप्रिय शिक्षाओं की व्याख्या, साँई बाबा के चमत्कार, विश्व प्रसिद्ध सन्देश, साँई बाबा की समाधि का दिन तथा शीघ्र ब्रह्म प्राप्ति आदि अनेक विषयों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी। इसके अतिरिक्त महत्वपूर्ण व ज्ञानवर्धक लेख विवाह संस्कार, वास्तु परामर्श, फलित विचार, हैल्थ कैप्सूल तथा पंचपक्षी आदि को भी शामिल किया गया है। सत्यकथा, विचार गोष्ठी और ज्योतिष व महिलाएं इस विशेषांक के मुख्य आकर्षण हैं।

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