पंचपक्षी शास्त्र: यात्रा

पंचपक्षी शास्त्र: यात्रा  

आज के दौर में जब संवाद एवं आवागमन के साधन अति तीव्र हो गए हैं, लोगों के लिए कहीं आना-जाना सुगम एवं सरल हो गया है। यातायात के नए-नए साधनों के कारण हजारों मीलों की दूरी कुछ ही घंटों में तय करना संभव है। यात्रा सदैव कुछ कारणों से होती है। अतः यात्रा का उद्देश्य हर हाल में सफल होना चाहिए। यात्रा की सफलता-असफलता में भी पंचपक्षी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि आप अपने जन्मपक्षी की प्रमुख गतिविधियों के समय में यात्रा प्रारंभ करते हैं तो निस्संदेह यात्रा सफल होगी। कहने का तात्पर्य यह है कि यदि आप अपने जन्मपक्षी की मुख्य गतिविधि ‘शासन करना’ की कुछ उपगतिविधियों के दौरान यात्रा करते हैं तो यात्रा सफल होगी। मुख्य गतिविधि उपगतिविधि शासन करना शासन करना खाना खाना शासन करना खाना उदाहरण के तौर पर मान लीजिए कि आपका जन्मपक्षी उपर्युक्त मुख्य गतिविधि के अंतर्गत शासन करना अथवा खाना उपगतिविधि में संलग्न है तो ऐसे समय में प्रारंभ की गई यात्रा के पूर्णरूपेण सफल होने की संभावना बनती है। दूसरी ओर इन दो मुख्य गतिविधियों को छोड़कर किसी अन्य मुख्य गतिविधि में प्रारंभ की गई यात्रा के असफल होने की संभावना अत्यधिक है। आइए देखें कि विभिन्न मुख्य गतिविधियों के दौरान की गई यात्रा के क्या फल होते हैं: 1. ‘शासन करने’ की मुख्य गतिविधि के दौरान यात्रा यदि आप अपनी यात्रा उस समय प्रारंभ करते हैं जब आपका जन्मपक्षी ‘शासन करने’ की गतिविधि में संलग्न है तो आपको यात्रा के दौरान किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी। यदि उस समय शत्रु पक्षी की भी उपगतिविधि होगी तब भी यात्रा में किसी प्रकार का व्यवधान उपस्थित नहीं होगा तथा यात्रा हर हाल में सफल होगी। ऐसी यात्रा के दौरान आपके रिश्तेदार एवं संबंधी आपकी सहायता करेंगे। आप हर प्रकार का आनंद लेते हुए अपनी यात्रा पूरी करेंगे। यदि आप कोर्ट केस से संबंधित मामलों के लिए यात्रा कर रहे हैं तो मुकदमे में आप अपने शत्रु पर विजय प्राप्त करेंगे। यदि यात्रा विवाह हेतु है तो आपका प्रयास सफल होगा तथा विवाहोपरांत आपको हर प्रकार की खुशी प्राप्त होगी। आपकी आर्थिक समृद्धि बढ़ेगी तथा आप अपने मित्रों एवं उच्च पदस्थ अधिकारियों का सान्निध्य एवं सहयोग प्राप्त करेंगे। लोग आपकी बातों का वजन समझेंगे तथा कोई भी आपसे शत्रुता मोल नहीं लेगा। यदि कोई आपसे वैर मोल लेता है तो वह असफल होगा। आपकी मुलाकात कई प्रभावशील शख्सियतों से होगी और सबसे आपको लाभ होगा। कोई भी आपका नुकसान कर पाने में सक्षम नहीं होगा। आपकी यात्रा का जो कोई भी लक्ष्य हो, सब सफल होंगे। 2. ‘खाना खाने’ की मुख्य गतिविधि के दौरान यात्रा यदि आप ‘खाना खाने’ की मुख्य गतिविधि के दौरान यात्रा प्रारंभ करते हैं तो यात्रा के दौरान आप बीमार नहीं होंगे तथा यात्रा के दौरान नए-नए लोगों से आपका परिचय होगा। आपके यात्रा के लक्ष्य पूर्ण होंगे। आपको धन की प्राप्ति होगी तथा किसी प्रकार की मानसिक परेशानी नहीं होगी। किंतु यदि यात्रा प्रारंभ करने के समय आपके जन्मपक्षी की उपगतिविधि में संलग्न पक्षी से शत्रुता हो तो आपका कार्य असफल होगा एवं आपको चिंता एवं दुख का सामना करना होगा चाहे आपका जन्मपक्षी उस दौरान ‘शासन करने’ की गतिविधि में ही संलग्न क्यों न हो। रास्ते में आपको भोजन प्राप्त नहीं होगा परिणामतः आपको भूखा ही रहना पड़ सकता है। रास्ते में दोस्तों एवं रिश्तेदारों के साथ आपका झगड़ा हो सकता है। आप असहज महसूस करेंगे तथा किसी प्रकार की खुशी आपको नहीं मिलेगी। 3. ‘घूमने’ की मुख्य गतिविधि के दौरान यात्रा यदि आप अपनी यात्रा का प्रारंभ अपने जन्मपक्षी के ‘घूमने’ की मुख्य गतिविधि के दौरान करते हैं तो आपकी यात्रा व्यर्थ होगी तथा आप इधर-उधर फालतू में घूमते रह जाएंगे तथा आपकी यात्रा असफल सिद्ध होगी। यहां तक कि आपके मित्र भी शत्रु बन जाएंगे। रास्ते में आपको कई बार भोजन भी नसीब नहीं होगा तथा भूखे रहने को विवश होना पड़ेगा। आप अपने मकसद से भटक जाएंगे तथा जब दूसरों से सलाह मांगेंगे तो वे आपको गुमराह कर देंगे। यदि आप पत्नी से मिलने जा रहे हैं तो उनसे भी अनबन की संभावना हो सकती है। यदि यात्रा प्रारंभ करने के समय आपका जन्मपक्षी ‘खाने’ की मुख्य गतिविधि में संलग्न है किंतु उस समय उपगतिविधि में संलग्न पक्षी ‘शासन करने’ की क्रिया में संलग्न हो तथा वह पक्षी आपके जन्मपक्षी का मित्र हो तो आपकी यात्रा काफी हद तक सफल होने की संभावना बनेगी। यद्यपि कि आपको इधर-उधर भागदौड़ करनी पड़ेगी किंतु आपको भूखा नहीं रहना पड़ेगा, भोजन आपको मिल जाएगा। जिस व्यक्ति से आप मिलने जा रहे हैं, उससे आपकी मुलाकात भी हो जाएगी। किसी भी तरह के लड़ाई-झगड़े जिससे आप आशंकित हैं, उनकी संभावना समाप्त हो जाएगी। यात्रा के दौरान दुःख, चिंता, परेशानी आदि भी नहीं होगी। थोड़े समय के लिए आप बीमार पड़ सकते हैं किंतु आप जल्दी स्वस्थ भी हो जाएंगे। यदि यात्रा प्रारंभ करने के समय शासन करने की उपगतिविधि में संलग्न पक्षी की आपके जन्मपक्षी से शत्रुता है तो आपकी यात्रा का हर प्रयोजन विफल होने की पूर्ण संभावना है। पत्नी, प्रेमी/प्रेमिका अथवा मंगेतर से आपकी मिलने की इच्छा पूर्ण नहीं होगी। अतः ऐसे समय में यात्रा को टाल दें तथा उपयुक्त समय का इंतजार करें। 4. ‘सोने’ की मुख्य गतिविधि के दौरान यात्रा यदि आपके यात्रा प्रारंभ करने के समय आपका जन्मपक्षी ‘सोने’ की मुख्य गतिविधि में संलग्न हो तो यात्रा के दौरान आपके पुराने रोगों के उभर जाने की संभावना रहेगी। आपके दोस्त एवं संबंधी ही आपके विरोधी हो जाएंगे तथा शत्रु के समान व्यवहार करेंगे। यदि आपकी यात्रा केस-मुकदमे से संबंधित है तो आपको निश्चित तौर पर इसमें असफलता हाथ लगेगी। यदि आप विवाह-वार्ता हेतु जा रहे हैं तो वार्ता असफल होगी तथा वहां विवाह की संभावना बिल्कुल समाप्त हो जाएगी। जन्मपक्षी के ‘सोने’ की गतिविधि में संलग्न रहने पर यदि आप यात्रा प्रारंभ करेंगे तो वापस लौटने में भी काफी देर होगी तथा आप निरर्थक इधर-उधर भटकते रहेंगे। यदि उपर्युक्त स्थिति में यात्रा के समय उपगतिविधि ‘शासन करने’ की हो तथा उसमंे संलग्न पक्षी की आपके जन्मपक्षी से शत्रुता हो तो स्थिति और भी बदतर होगी। बिना कारण आप इधर-उधर भटकते रहेंगे। निरर्थक एवं व्यर्थ की चिंताओं से आपका मन अशांत हो जाएगा। आपके मन में गलत कार्य करने की भावना पैदा होगी। शत्रु आपके साथ षड्यंत्र करके गलत इल्जाम लगाकर फंसा देंगे। आपको व्यर्थ असहनीय यंत्रणा झेलनी पड़ेगी। अतः इस कालावधि में भूलकर भी यात्रा प्रारंभ न करें। 5. ‘मरने’ की मुख्य गतिविधि के दौरान यात्रा यदि आपके यात्रा प्रारंभ करने के समय आपका जन्मपक्षी ‘मरने’ की गतिविधि में संलग्न है तथा उस समय ‘शासन करने’ में संलग्न पक्षी की उपगतिविधि चल रही हो तथा यदि आपके जन्मपक्षी से उस पक्षी की शत्रुता हो तो यात्रा के दौरान दुर्घटना होने अथवा आपकी मृत्यु होने की पूर्ण संभावना हो सकती है। आपका सामान चोरी हो सकता है। कोई भी आपकी सहायता नहीं करेगा तथा आप बेबस महसूस करेंगे। किसी भी परिस्थिति में, इस कालावधि में प्रारंभ की गई यात्रा पूर्णतः असफल होगी तथा आपको दुख एवं पीड़ा झेलनी ही पड़ेगी। यदि आपकी यात्रा के दौरान उपगतिविधि ‘शासन करने’ की चल रही हो तथा उपगतिविधि में संलग्न पक्षी आपके जन्मपक्षी का मित्र भी हो तब भी आपको कोई लाभ नहीं मिलेगा। आपकी योजना के मुताबिक कुछ भी घटित नहीं होगा। आपको हर प्रकार के मानसिक तनाव एवं यंत्रणा से दो-चार होना पड़ेगा। आपके ऊपर निरर्थक इल्जाम लगेंगे तथा आपकी बदनामी होगी। अतः हर हाल में इस कालावधि में यात्रा स्थगित करना आपके लिए श्रेयस्कर होगा।


साईं विशेषांक  मई 2015

फ्यूचर समाचार का साँई बाबा विशेषांक विेश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु श्री शिरडी साँई बाबा से सम्बन्धित सर्ब प्रकार की जानकारी देता है। इस विशेषांक में आपको साँई बाबा के उद्भव, बचपन, आध्यात्मिक शक्तियाँ, महत्वपूर्ण तथ्य, सबका मालिक एक व श्रद्धा और सबुरी जैसी लोकप्रिय शिक्षाओं की व्याख्या, साँई बाबा के चमत्कार, विश्व प्रसिद्ध सन्देश, साँई बाबा की समाधि का दिन तथा शीघ्र ब्रह्म प्राप्ति आदि अनेक विषयों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी। इसके अतिरिक्त महत्वपूर्ण व ज्ञानवर्धक लेख विवाह संस्कार, वास्तु परामर्श, फलित विचार, हैल्थ कैप्सूल तथा पंचपक्षी आदि को भी शामिल किया गया है। सत्यकथा, विचार गोष्ठी और ज्योतिष व महिलाएं इस विशेषांक के मुख्य आकर्षण हैं।

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