शेयर बाजार में मंदी-तेजी

शेयर बाजार में मंदी-तेजी  

ग्रहों की गोचर स्थिति सूर्य 17 सितंबर को 12 बजकर 24 मिनट पर सिंह राशि से कन्या राशि में प्रवेश करेगा। मंगल 15 सितंबर को 21 बजकर 29 मिनट पर कर्क राशि से सिंह राशि में प्रवेश करेगा। बुध 17 सितंबर को 23 बजकर 38 मिनट पर मार्गी गति से वक्री गति में गोचर करेगा। 24 सितंबर को 20 बजकर 56 मिनट पर बुध पश्चिमअस्त होगा व मासभर कन्या राशि में गोचर करेगा। गुरु 7 सितंबर को 15 बजकर 52 मिनट पर पूर्व उदय होगा और मास भर सिंह राशि में गोचर करेगा। शुक्र 6 सितंबर को 14 बजकर 1 मिनट पर वक्री गति से मार्गी गति में गोचर करेगा। शनि मासभर वृश्चिक राशि में गोचर करेगा। राहु मासभर कन्या राशि में व केतु मासभर मीन राशि में गोचर करेगा। 1 सितंबर से 4 सितंबर तक 1 सितंबर को बाजार पूर्ण रूप से विदेशी बाजारों पर निर्भरता दिखायेगा जिसकी वजह से बाजार में अस्थिरता का माहौल रहेगा और सप्ताहभर इसी तरह का रूख बना रहेगा। इस सप्ताह चीनी, मनोरंजन, वाहन, निवेश क्षेत्रों में तेजी रहेगी। बैकिंग, जमीन जायदाद, रसायन, इस्पात क्षेत्रों में मिलाजुला झुकाव रहेगा। तकनीकी, सरकारी, ऊर्जा, एफ. एम. सी. जी., सीेमेंट, फार्मास्यूटिकल क्षेत्रों में मंदी रहेगी। 7 सितंबर से 11 सितंबर तक 7 सितंबर को बाजार में अस्थिरता का माहौल बना रहेगा। 8 सितंबर को बाजार में अस्थिरता के साथ-साथ सुस्ती भी रहेगी। 9 व 10 सितंबर को भी यही रूख रहेगा। 11 सितंबर को मंदी के संकेत मिलते हैं। इस सप्ताह, सरकारी, एफ. एम. सी. जी, ऊर्जा तकनीकी क्षेत्रों में मंदी रहेगी। जमीन जायदाद, चीनी, मनोरंजन, वाहन, इस्पात, निवेश क्षेत्रों में तेजी रहेगी। बैंकिंग, सीमेंट, फार्मास्यूटिकल, रसायन क्षेत्रों में मिलाजुला झुकाव रहेगा। 7 सितंबर से 18 सितंबर तक 14 सितंबर को बाजार में अस्थिरता रहेगी जिसके कारण मंदी के संकेत मिलते हैं। 15 व 16 सितंबर को यही रूख रहेगा। 17 सितंबर को कुछ बदलाव के संकेत मिलते हैं। 18 सितंबर को बाजार में अस्थिरता व विदेशी प्रभाव के चलते बाजार में मंदी ही रहेगी। इस सप्ताह बैंकिंग, सरकारी, एफ. एम. सीजी, ऊर्जा क्षेत्रों में अस्थिरता रहेगी। तकनीकी व रसायन क्षेत्रों पर दबाव रहेगा। निवेश, मनोरंजन, चीनी, वाहन, जमीन-जायदाद, इस्पात क्षेत्रों की स्थिति कुछ अच्छी रहेगी। 21 सितंबर से 25 सितंबर 21 सितंबर को बाजार में मंदी रहेगी। 22 व 23 सितंबर को मंदी के संकेत मिलते हैं। 24 सितंबर को सरकारी हस्तक्षेप व उथल-पुथल के कारण बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी। 25 सितंबर को बाजार में मंदी ही बनेगी। इस सप्ताह बैंकिंग, एफ. एम. सी. जी., सरकारी, ऊर्जा, सीमेंट, फार्मास्यूटिकल क्षेत्रों में अस्थिरता रहेगी। तकनीकी, चीनी, मनोरंजन, वाहन क्षेत्रों पर दबाव रहेगा। निवेश, जमीन जायदाद, इस्पात, रसायन क्षेत्रों की स्थिति कुछ ठीक रहेगी। 28 सितंबर से 30 सितंबर तक 28 सितंबर को कुछ बदलाव के संकेत मिलते हैं। 29 को सरकारी प्रभावों के आधार पर बाजार की स्थिति अच्छी बनेगी। 30 सितंबर को बाजार ठीक रहेगा। इस सप्ताह बैंकिंग, जमीन-जायदाद, निवेश, रसायन क्षेत्रों की स्थिति अच्छी रहेगी। चीनी, मनोरंजन, वाहन, एफ. एम. सी. जी., सरकारी, ऊर्जा क्षेत्रों में मिलाजुला झुकाव रहेगा। तकनीकी, सीमेंट, फार्मास्यूटिकल क्षेत्रों पर दबाव रहेगा।


लाल किताब विशेषांक  सितम्बर 2015

लाल किताब ज्योतिषीय फलादेश की अन्यान्य पद्धतियों में से सर्वोत्तम एवं विश्वसनीय पद्धति है। भारत में लाल किताब का आगमन 1930 के दशक में एक भारतीय ब्रिटिश अधिकारी पं. रूप चन्द जोशी के प्रयासों के फलस्वरूप माना जाता है। पं. रूप चन्द जोशी ने फलकथन की प्राचीन विधा की खोज कर इसे पुनस्र्थापित किया। लालकिताब के महान ज्ञाताओं के द्वारा यह अनुभवसिद्ध है कि लाल किताब के द्वारा अनुशंसित उपाय अशुभ ग्रहों के अशुभत्व को समाप्त कर शुभ फलदायी परिणाम देते हैं। यही नहीं इसके अलावा हर कार्य के लिए भी सटीक एवं उपयुक्त उपायों की चर्चा लाल किताब में की गइ्र्र है जैसे विवाह, सन्तान इत्यादि। फ्यूचर समाचार के इस विशेषांक में अनेक विषयों पर विद्वान ज्योतिषियों के आलेख उद्धृत हैं। फ्यूचर समाचार के इस विशेषांक में समाविष्ट कुछ अति महत्वपूर्ण आलेख हैं: लाल किताब एक परिचय, लाल किताब के विशेष नियम, पितृ ऋण, मातृ ऋण आदि की व्याख्या एवं फलादेश, लाल किताब के उपायों के प्रकार, ऋण एवं उनके उपाय, लाल किताब उपाय- जन्मकुण्डली के बिना भी मददगार, दान, मकान एवं धर्म स्थल संबंधी नियम, घरों के अनुसार ग्रहों का प्रभाव आदि। दूसरे अन्य महत्वपूर्ण एवं प्रशंसनीय आलेखों में शामिल हैं- ईशा का नन्हा विभोर, दी फूल, पंच पक्षी इत्यादि।

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