लाल किताब विशेषांक

लाल किताब विशेषांक  सितम्बर 2015

लाल किताब ज्योतिषीय फलादेश की अन्यान्य पद्धतियों में से सर्वोत्तम एवं विश्वसनीय पद्धति है। भारत में लाल किताब का आगमन 1930 के दशक में एक भारतीय ब्रिटिश अधिकारी पं. रूप चन्द जोशी के प्रयासों के फलस्वरूप माना जाता है। पं. रूप चन्द जोशी ने फलकथन की प्राचीन विधा की खोज कर इसे पुनस्र्थापित किया। लालकिताब के महान ज्ञाताओं के द्वारा यह अनुभवसिद्ध है कि लाल किताब के द्वारा अनुशंसित उपाय अशुभ ग्रहों के अशुभत्व को समाप्त कर शुभ फलदायी परिणाम देते हैं। यही नहीं इसके अलावा हर कार्य के लिए भी सटीक एवं उपयुक्त उपायों की चर्चा लाल किताब में की गइ्र्र है जैसे विवाह, सन्तान इत्यादि। फ्यूचर समाचार के इस विशेषांक में अनेक विषयों पर विद्वान ज्योतिषियों के आलेख उद्धृत हैं। फ्यूचर समाचार के इस विशेषांक में समाविष्ट कुछ अति महत्वपूर्ण आलेख हैं: लाल किताब एक परिचय, लाल किताब के विशेष नियम, पितृ ऋण, मातृ ऋण आदि की व्याख्या एवं फलादेश, लाल किताब के उपायों के प्रकार, ऋण एवं उनके उपाय, लाल किताब उपाय- जन्मकुण्डली के बिना भी मददगार, दान, मकान एवं धर्म स्थल संबंधी नियम, घरों के अनुसार ग्रहों का प्रभाव आदि। दूसरे अन्य महत्वपूर्ण एवं प्रशंसनीय आलेखों में शामिल हैं- ईशा का नन्हा विभोर, दी फूल, पंच पक्षी इत्यादि।
lal kitab jyotishiya faladesh ki anyanya paddhatiyon men se sarvottam evan vishvasniya paddhati hai. bharat men lal kitab ka agaman 1930 ke dashak men ek bhartiya british adhikari pan. rup chand joshi ke prayason ke falasvarup mana jata hai. pan. rup chand joshi ne falakathan ki prachin vidha ki khoj kar ise punasrthapit kiya. lalkitab ke mahan gyataon ke dvara yah anubhvsiddh hai ki lal kitab ke dvara anushansit upay ashubh grahon ke ashubhatva ko samapt kar shubh faldayi parinam dete hain. yahi nahin iske alava har karya ke lie bhi satik evan upyukt upayon ki charcha lal kitab men ki gairra hai jaise vivah, santan ityadi. fyuchar samachar ke is visheshank men anek vishyon par vidvan jyotishiyon ke alekh uddhrit hain. fyuchar samachar ke is visheshank men samavisht kuch ati mahatvapurn alekh hain: lal kitab ek parichay, lal kitab ke vishesh niyam, pitri rin, matri rin adi ki vyakhya evan faladesh, lal kitab ke upayon ke prakar, rin evan unke upay, lal kitab upay- janmakundali ke bina bhi maddgar, dan, makan evan dharm sthal sanbandhi niyam, gharon ke anusar grahon ka prabhav adi. dusre anya mahatvapurn evan prashansniya alekhon men shamil hain- isha ka nanha vibhor, di ful, panch pakshi ityadi.



लाल किताब विशेषांक  सितम्बर 2015

लाल किताब ज्योतिषीय फलादेश की अन्यान्य पद्धतियों में से सर्वोत्तम एवं विश्वसनीय पद्धति है। भारत में लाल किताब का आगमन 1930 के दशक में एक भारतीय ब्रिटिश अधिकारी पं. रूप चन्द जोशी के प्रयासों के फलस्वरूप माना जाता है। पं. रूप चन्द जोशी ने फलकथन की प्राचीन विधा की खोज कर इसे पुनस्र्थापित किया। लालकिताब के महान ज्ञाताओं के द्वारा यह अनुभवसिद्ध है कि लाल किताब के द्वारा अनुशंसित उपाय अशुभ ग्रहों के अशुभत्व को समाप्त कर शुभ फलदायी परिणाम देते हैं। यही नहीं इसके अलावा हर कार्य के लिए भी सटीक एवं उपयुक्त उपायों की चर्चा लाल किताब में की गइ्र्र है जैसे विवाह, सन्तान इत्यादि। फ्यूचर समाचार के इस विशेषांक में अनेक विषयों पर विद्वान ज्योतिषियों के आलेख उद्धृत हैं। फ्यूचर समाचार के इस विशेषांक में समाविष्ट कुछ अति महत्वपूर्ण आलेख हैं: लाल किताब एक परिचय, लाल किताब के विशेष नियम, पितृ ऋण, मातृ ऋण आदि की व्याख्या एवं फलादेश, लाल किताब के उपायों के प्रकार, ऋण एवं उनके उपाय, लाल किताब उपाय- जन्मकुण्डली के बिना भी मददगार, दान, मकान एवं धर्म स्थल संबंधी नियम, घरों के अनुसार ग्रहों का प्रभाव आदि। दूसरे अन्य महत्वपूर्ण एवं प्रशंसनीय आलेखों में शामिल हैं- ईशा का नन्हा विभोर, दी फूल, पंच पक्षी इत्यादि।

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