(7 लेख)
व्यवसाय का निर्धारण

अप्रैल 2009

व्यूस: 8513

हमारे जन्मांग चक्र में विभिन्न भावों को धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष चार भागों में बांटा जाता है। 1, 5, 9 धर्म भाव, 2, 6, 10 अर्थ भाव, 3, 7, 11 काम भाव और 4, 8, 12 मोक्ष भाव है।... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगशिक्षाकुंडली व्याख्याघरग्रहभविष्यवाणी तकनीक

विदेश यात्रा

अकतूबर 2008

व्यूस: 5137

विदेश यात्रा का आकर्षण प्राचीन काल से ही चला आ रहा है। पहले विद्या प्राप्ति या धन प्राप्ति के लिए ही विदेश यात्रा की जाती थी। समय के साथ विदेश यात्रा का स्वरूप भी बदला है। अब व्यक्ति इलाज के लिए या सिर्फ भ्रमण के लिए भी विदेश जाते... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगदशाकुंडली व्याख्याघरग्रहभविष्यवाणी तकनीक

ज्योतिषीय व वास्तु उपायों का संबंध

अकतूबर 2010

व्यूस: 5115

प्रत्येक व्यक्ति में यह स्वभाविक इच्छा होती है कि मैं सदा सुखी, धनी व स्वस्थ रहूं। जब उसकी किसी भी इच्छा की पूर्ति नहीं होती तो वह विचलित हो जाता है। अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए वह ज्योतिषीय वास्तु उपायों का सहारा लेता है।... और पढ़ें

ज्योतिषस्वास्थ्यउपायवास्तुसुखगृह वास्तुव्यवसायिक सुधारसंपत्ति

भारत के प्रधानमंत्रियों के राज योग

अकतूबर 2009

व्यूस: 4350

इस आलेख में भारत के प्रधानमंत्रियों की जन्मकुंडलियों का संक्षिप्त विवेचन किया गया है।... और पढ़ें

ज्योतिषप्रसिद्ध लोगज्योतिषीय योगकुंडली व्याख्याघरग्रहभविष्यवाणी तकनीक

ज्योतिष का ज्ञान किसे मिलेगा

जनवरी 2010

व्यूस: 3674

ज्योतिष शास्त्र वेदों का ही एक अंग है। वेद, धर्मशास्त्र और पूजा-पाठ का ज्ञान देव गुरु बृहस्पति की कृपा के बिना नहीं हो सकता। विद्यादायक देव गुरु बृहस्पति का जातक को ज्योतिषी बनाने में बहुत बड़ा योगदान है।... और पढ़ें

ज्योतिष

भूकंप के ज्योतिषीय कारण

अकतूबर 2007

व्यूस: 1623

वैवैज्ञानिकों के अनुसार भूमिगत सतहों में हलचल होने से भूकंप आते हैं। भूमि की टेक्टोनिक प्लेटों के खिसकने से भूकंप आते हैं। भूमि के अंदर से विभिन्न गैसों व ऊर्जा की तरंगों के रूप में बाहर आने से इन प्लेटों में हलचल होती है। प्राइमर... और पढ़ें

ज्योतिषमेदनीय ज्योतिष

लाल किताब के विशेष नियम

सितम्बर 2015

व्यूस: 1476

पाराशरी ज्योतिष पद्धति व लाल किताब ज्योतिष पद्धति में कुछ भिन्नता पाई जाती है। पाराशरी पद्धति में लग्न को बहुत महत्व दिया गया है। किसी व्यक्ति के जन्म के समय पूर्वी क्षितिज पर जो राशि उदित हो रही होती है वह व्यक्ति की लग्न ... और पढ़ें

ज्योतिषकुंडली व्याख्यालाल किताबभविष्यवाणी तकनीक

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