लाल किताब उपाय - जन्मकुंडली के बिना भी मददगार

लाल किताब उपाय - जन्मकुंडली के बिना भी मददगार  

व्यापार दुकान या व्यवसाय की बिक्री बढ़ाने के लिये शुक्रवार को पांच गोमती चक्र लाल वस्त्र में बांध कर अपनी दुकान की चैखट से बांध देना चाहिये, धन लाभ होने लगेगा। शनिवार से शुरू कर सात दिन रोजाना दरवाजे पर सफेद सरसों रखनी चाहिये। बिक्री बढ़ जाती है। यदि व्यापार ठीक न चल रहा हो तो अपने व्यापारिक स्थल के दरवाजे के बाहर की ओर दोनों तरफ गेहूं का एक-एक मुट्ठी आटा डाल दें और ऐसा 43 दिन लगातार करें। व्यापार ठीक चलने लगता है। किसी अन्य सफल व्यापारी के यहां से शनिवार को कोई लोहे की वस्तु अपने यहां लेकर आयें। अपने व्यापार स्थल पर कहीं भी एक हल्दी का स्वास्तिक बनायें, उस पर थोडे़ से काले साबुत उड़द रखें और उसके ऊपर वह लोहे की वस्तु रख दें। व्यापार के चलने के योग भी बनने लगेंगे। यदि किसी कारोबार में कोई नुकसान हो रहा हो या झगडे़ वाला माहौल हो तो अपने वजन के बराबर कच्चा कोयला बहते पानी में बहाना चाहिये। अवश्य लाभ मिलता है। यदि व्यवसाय में कर्मचारी छोड़ कर चले जाते हों तो किसी शनिवार को रास्ते में पड़ी हुई कोई कील लेकर भैंस के मूत्र से धो लें और अपने व्यवसाय स्थल पर गाड़ दें। कर्मचारी स्थिर हो जायेंगे। नौकरी इंटरव्यू में सफलता हेतु बेसन से बनी पीली मिठाई 43 दिनों तक पिता को दें। किसी सरकारी शिक्षण संस्थान में 43 दिनों तक दो मुट्ठी सौंफ दान करें। यदि नौकरी में प्रमोशन नहीं हो रहा हो तो प्रत्येक गुरूवार मंदिर में पीली वस्तुओं का दान देना शुरू कर देना चाहिये और रोज सुबह घास पर नंगे पांव चलना चाहिये। शीघ्र प्रमोशन होता है। यदि नौकरी संतोष जनक न चल रहा हो तो 43 दिन तक लगातार तीन केले किसी धार्मिक स्थल पर दें। माथे पर 43 दिन तक केसर या हल्दी का तिलक करें। यदि नौकरी में बाॅस या सहयोगियों से नहीं बन रही हो तो जन्म माह में जन्मदिन से पहले 10 साधुओं को खाना खिलायें तथा हर वीरवार को गाय को केला खिलायें। यदि नौकरी जाने का खतरा हो या ट्रांसफर रूकवाना हो तो 5 ग्राम एक ही डली वाला सूरमा लेकर शनिवार के दिन उसे किसी वीरान जगह पर गाड़ देना चाहिये। गाड़ने वाला औजार भी वहीं छोड़ देना चाहिये। ऐसा दो शनिवार लगातार करने से अवश्य लाभ रहता है। स्वास्थ्य यदि कोई व्यक्ति रक्तचाप या डिप्रेशन से परेशान है तो उसे रविवार की रात को 325 ग्राम दूध सिरहाने रखकर सो जाना चाहिये। सोमवार सुबह उस दूध को कीकर या पीपल की जड़ में डाल देना चाहिये। ऐसा 5 रविवार लगातार करने से आराम मलता है। यदि किसी रोगी का बुखार, दवा लेने के बावजूद भी उतर न रहा हो तो एक आक के पौधे की जड़ को किसी कपडे़ में बांध कर उसे रोगी के कान के साथ बांध देना चाहिये। धीरे- धीरे बुखार उतर जाता है। लगातार बुखार रहने पर इच्छानुसार चीनी, चावल, दूध व पेठा लेकर उसे रोगी के ऊपर से वार कर किसी धार्मिक स्थल पर लंगर आदि के लिये दान कर देना चाहिये। बुखार उतरने लगता है। यदि टायफाईड से व्यक्ति परेशान हो तो प्रतिदिन नारियल पानी पीना चाहिये। रोग ठीक होने लगता है। किसी वयस्क व्यक्ति के लंबे बीमार होने पर उसके शयनकक्ष में पलंग के पास सेंधा नमक किसी कांच की कटोरी में रख देना चाहिये। दवा का असर तेजी से होने लगेगा। नजर दोष यदि किसी व्यक्ति को नजर लग गई हो तो नमक, राई, लहसुन, प्याज के सूखे छिलके व सूखी लाल मिर्च को अंगारों पर डालकर उस आग को रोगी के ऊपर से सात बार घुमाने से बुरी नजर का दोष मिटता है। शनिवार के दिन हनुमान मंदिर में हनुमान जी की आराधना कर उनके कंधे पर से सिंदूर लाकर रोगी के माथे पर लगाने से भी बुरी नजर का प्रभाव कम होता है। रोगी यदि पान में गुलाब की सात पंखुड़ियां रखकर इष्ट देव का नाम लेकर खाये तो बुरी नजर का प्रभाव दूर होने लगता है। लाल मिर्च, अजवाइन व पीले सरसों को मिट्टी के बर्तन में जलाकर उसकी धूनी रोगी को देने से भी किसी प्रकार की नजर ठीक हो जाती है। किये कराये का उतारने हेतु मंगलवार की रात को पालक की एक गुच्छी सिर के पास रखें। अगली सुबह उसे गाय को खिला दें। 3 मंगलवार ऐसा करें। शनिवार के दिन कच्चा दूध रोगी के ऊपर से सात बार वार कर कुत्ते को पिला देने से बुरी नजर का प्रभाव दूर होता है। यदि नजर दोष के कारण किसी बच्चे का विकास रुक गया हो तो फिटकरी एवं सरसों को बच्चे पर से सात बार वार कर चूल्हे पर झोंक देने से नजर उतर जाती है। सुबह, दोपहर व शाम दिन में तीन बार करने से एक ही दिन में नजर दोष दूर होता है। घर व वाहन नजर दोष यदि घर को बुरी नजर से बचाना हो तो मुख्य द्वार की चैखट पर काले धागे से पीली कौड़ी बांधकर लटकाने से समस्त ऊपरी बाधाओं से मुक्ति मिलती है। यदि आपको लगता है कि आपके घर को किसी ने कुछ कर दिया है जिस कारण से घर पर कुछ न कुछ आपदा आती रहती है तो एक नारियल को काले कपडे़ में सिलकर घर के बाहर लटका देना चाहिये। यदि आपके घर पर किसी तरह का ऊपरी साया है या बीमारी घर से बाहर नहीं निकलती तो महीने में दो बार किसी भी दिन घर में उपला जलाकर लोबान व गूगल की धूनी देने से ऊपरी हवा से बचाव रहता है और बीमारियां घर नहीं आतीं। यदि नये वाहन में अक्सर गड़बड़ी हो जाती है या बार-बार दुर्घटना होती है या वाहन पर खर्चा अधिक हो रहा हो तो भी वाहन पर काले धागे से पीली कौड़ी बांधने से वाहन को लगी बुरी नजर हट जाती है और परेशानी कम होने लगती है। भाग्य वृद्धि किसी ताले की दुकान पर शुक्रवार को जायें और एक स्टील का ताला खरीद लें। ध्यान रहे कि ताला बंद होना चाहिये खुला नहीं। ताला सही है या नहीं यह जांचने के लिये भी न खोलें। उस ताले को एक डिब्बे में रखें और शुक्रवार की रात को अपने बिस्तर के पास रख कर सो जायें। शनिवार सुबह नहा-धोकर उस डिब्बे को किसी मंदिर में बिना कुछ बोले रख आयें। विश्वास रखें कि जब कोई उस ताले को खोलेगा तो आपकी किस्मत का ताला खुल जायेगा और आपके काम बनने लगेंगे। तर्जनी अंगुली में सोने व पीतल से बनी अंगूठी पहनें, इससे भी भाग्यवृद्धि होती है। धन वृद्धि यदि धन संबंधित कष्ट अधिक हो रहे हों तो किसी भी मंदिर में केले के दो नर व मादा पौधे लगाने चाहिये और उनकी देखभाल करनी चाहिये। जब वे पौधे फल देने लगेंगे तो धन संबंधित कष्ट स्वतः ही समाप्त हो जाते हैं। यदि आय से अधिक व्यय हो या बचत न हो रही हो तो ध्यान दें कि घर पर दूध या चाय उबलते समय गिरे नहीं वरना अनावश्यक खर्च होने लगता है। यदि धन टिकता न हो तो प्रत्येक शनिवार को काले कुत्ते को तेल से चुपड़ी रोटी खिलानी चाहिये। तत्पश्चात् भगवान से अपनी मनोकामना कहनी चाहिये। धन टिकने लगेगा। आर्थिक समृद्धि हेतु अपने खाने में से कुछ हिस्सा रोजाना गाय, कौआ, बंदर व कुत्ते को डालना चाहिये। नदी में बहती मछलियों को आटे की छोटी-छोटी गोलियां डालें। सुबह उठकर यदि घर की मालकिन एक लोटा पानी घर के मुख्य द्वार पर डालती है तो घर में लक्ष्मी के आने के द्वार खुल जाते हैं। खर्च कम करने हेतु सुबह-सुबह मीठे बिस्कुट पक्षियों को डालने चाहिये। शत्रु पीड़ा यदि कोई शत्रु आपको परेशान कर तनाव दे रहा हो तो मंगलवार को हनुमान मंदिर में शाम के समय लाल रंग की मिठाई या मोमबत्ती बांटें व मंदिर की छत पर लाल रंग की ध्वजा लगायें। यदि किसी शत्रु से परेशान हों तो साबुत उड़द के 38 दाने व चावल के 40 दाने मिलाकर किसी गड्ढे में दबा दें और ऊपर से नींबू निचोड़ दें। ऐसा करते समय शत्रु का नाम लेते रहें, उसका शमन होगा व वह आपके विरुद्ध कोई कदम नहीं उठायेगा। यदि कोई व्यक्ति बगैर किसी कारण से आपको परेशान कर रहा हो तो प्रातःकाल शौच क्रिया के समय शौचालय में बैठे-बैठे ही वहीं के पानी से उस व्यक्ति का नाम फर्श पर लिखें व बाहर निकलने से पूर्व नाम पर बायें पैर से तीन बार ठोकर मारें। आपकी परेशानी समाप्त होने लगेगी। विभिन्न झगड़ों से बचने हेतु रात को सोते समय तकिये के पास पानी रखें व सुबह किसी पौधे में डाल दें व तंदूर में पकी मीठी रोटी कुत्ते को डालें। घर, दुकान यदि कोशिश करने के बावजूद भी आपको घर नसीब नहीं हो पा रहा हो तो शनिवार के दिन खुले आकाश के नीचे भूमि पर सुबह जीवनसाथी संग रेत से एक घर बनायें। एक छोटा लाल रंग का झंडा उस घर के ऊपर लगा दें व ईश्वर से अपने घर के लिये प्रार्थना करें। यदि किसी व्यक्ति का मकान, दुकान या जमीन न बिक रही हो तो उस व्यक्ति को शनिवार के दिन बाजार से गिनती कर 86 साबुत बादाम छिलके सहित खरीद कर घर लाने चाहिये। अगले दिन रविवार को सुबह नहा-धोकर बिना कुछ खाये 2 बादाम लेकर शिव मंदिर जाकर भगवान शिव या शिवलिंग के आगे रखकर भगवान से जमीन बेचने की प्रार्थना करें और एक बादाम वापिस घर लाकर कहीं अलग रख दें। ऐसा 43 दिन करना चाहिये और अंत में घर पर इकट्ठे हुये 43 बादाम किसी बहते जल में प्रवाहित कर देना चाहिये। सौदा जरूर हो जाता है। यदि 43 दिन से पहले ही सौदा हो जाये तो भी उपाय पूरा करना चाहिये। पारिवारिक क्लेश यदि घर में पारिवारिक क्लेश अधिक रहते हों तो घर के मालिक को बहते गंदे पानी में पेंसिल का सिक्का व तंबाकू 43 दिन तक डालना चाहिये। अगर आप घर में सुख-शांति चाहते हैं तो हर एक अमावस्या के दिन घर की अच्छी तरह से सफाई कर बेकार का सामान घर से निकाल देना चाहिये और कच्ची लस्सी का छींटा पूरे घर में देकर 5 अगरबत्ती जलानी चाहिये। मानसिक शांति हेतु खाना खाने के बाद कुछ मीठा खाकर पानी पीने से मन को शांति मिलती है और पं्रतिष्ठा बनी रहती है। किसी पारिवारिक कारणों से या अन्य कारणों से भी यदि तनाव अधिक है या दिमाग फटने को हो रहा हो तो एक जग में पानी लेकर उसके अंदर चार लाल मिर्च के बीज डालकर अपने ऊपर से सात बार उतारा करने के बाद घर के बाहर सड़क पर फेंक देना चाहिये, फौरन आराम मिल जाता है। विभिन्न उपाय सरकार से लाभ - 4 सूखे नारियल और 400 ग्राम बादाम सूर्य ग्रहण के समय बहते जल में प्रवाहित करें। बंदरों को गुड़ खिलाने से भी लाभ मिलेगा। किसी कार्य की सफलता हेतु - नाक साफ रखनी चाहिये। किसी नये कार्य को करने से पहले दो घूंट पानी पीने से कार्य की सफलता आसान हो जाती है।सुरक्षित प्रसव हेतु - दूध व चीनी से भरे दो अलग-अलग चांदी या तांबे के पात्रों को मां के द्वारा हाथ लगवा कर अलग-अलग स्थानों पर रखें। प्रसव के पश्चात दोनों पात्रों को किसी मंदिर में दान करें। सुखी वैवाहिक जीवन हेतु - सूती धागे को केसर से पीला करें व दायें हाथ की कलाई में बांधें। कटे-फटे कपड़े नहीं पहनना चाहिये। कपडों के रंग - शरीर के ऊपरी भाग में सप्ताह के दिनों के अनुसार रंग पहनना शुभ रहता है। निचले शरीर पर पहनने से जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ता है। सफेद जूते पहनने से पांवों को घायल होने से बचाया जा सकता है और ये शोध कार्य के लिये शुभ रहते हैं। काले जूते प्रत्येक कार्य के लिये शुभ कहे जाते हैं। विद्या प्राप्ति हेतु - चावल व चांदी को कुएं में डालें। कन्याओं को बायें नाक में चांदी की बाली धारण करवाएं। कोर्ट केस में विजय के लिये - थोडे़ से चावल तारीख के दिन कोर्ट में कहीं भी फेंक देना चाहिये। अपने केस वाले रूम में ही फेकेंगें तो अधिक लाभ होगा। ध्यान रहे कि ऐसा करते समय कोई आप को देख न रहा हो। यदि नौकर न टिक रहा हो या परेशान कर रहा हो तो 4 मंगलवार को मीठी बूंदी का प्रसाद मंदिर में चढ़ा कर लड़कियों में बांट देना चाहिये, परेशानी दूर होने लगेगी। यदि बनते काम बिगड़ रहे हों या हरदम कोई परेशानी लगी रहती हो तो हर मंगलवार को मीठी बूंदी का प्रसाद हनुमान जी के चरणों में चढ़ा कर गरीबों में बांट देना चाहिये। लाभ होगा। लाल किताब के उपाय करने के लिए खास हिदायतें 1. उपाय सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच में करना चाहिए। रात को सोते समय उपाय न करें। चंद्र ग्रहण का उपाय रात को किया जा सकता है। 2. एक दिन में केवल एक उपाय ही करें। कोई भी दो उपाय एक दिन में शुरू न करें। एक दिन में दो उपाय करने से शुभ फल नहीं मिलता या किया हुआ उपाय निष्फल हो सकता है। 3. जो उपाय जिस समय के लिए हो उसे उसी समय तक करें। आगे वह उपाय बंद कर दें। 4. कई उपाय 43 दिन तक करने होते हैं। उसमें नागा नहीं हो यदि कोई उपाय बीच में टूट जाये तो उस उपाय को नये सिरे से दुबारा शुरू कर दें। 5. वर्फफल कुंडली के उपाय जन्मदिन के 43 दिन के भीतर शुरू कर दें। 6. घर में कोई सूतक (बच्चा जन्म हो) या पातक (कोई मर जाए) तो 40 दिन उपाय नहीं करने चाहिए। 7. यदि किसी कारणवंश 43 दिन वाला उपाय बीच में बंद करना पड़ जाये तो जिस दिन उपाय बंद करना हो उससे एक दिन पहले थोड़े से चावल कच्चे दूध में धोकर सफेद कपड़े में बांधकर पास रख लें और जब दुबारा शुरू करना हो तो वह चावल चलते पानी में बहा कर या किसी बाग बगीचे में गिरा कर फिर से शुरू कर दें। ऐसा करने से उपाय अधूरा नहीं माना जायेगा और पूरा फल देगा। 8. उपाय शुरू करने के लिए किसी खास दिन, वार, संक्रांति, अमावस्या या पूर्णिमा आदि को विचार न होगा। 9. आपका उपाय आपकी जगह आपके खून का कोई रिश्तेदार भाई-बहन, पुत्र-पुत्री व माता-पिता आदि भी कर सकते हैं। 10. उपायों के साथ-साथ जो परहेज आदि बताए गए हैं उन्हंे भी पूरा महत्त्व दें। जैसे-बुजुर्गों के रीति रिवाजों को न तोड़ें और संस्कार पूरे करें। मीट-शराब का सेवन न करें। चाल-चलन ठीक रखें। झूठ न बोलें। जूठन न खाएं। नीयत में खोट न रखें। पर स्त्री/पुरुष से संबंध न रखें आदि। उपाय के साथ परहेज करने से फल जल्दी मिलता है। मान लीजिए आप शनि का उपाय कर रहे हैं और साथ-साथ मीट-शराब का सेवन भी कर रहे हैं तो उस उपाय का फल नहीं मिलेगा या कम मिलेगा।


लाल किताब विशेषांक  सितम्बर 2015

लाल किताब ज्योतिषीय फलादेश की अन्यान्य पद्धतियों में से सर्वोत्तम एवं विश्वसनीय पद्धति है। भारत में लाल किताब का आगमन 1930 के दशक में एक भारतीय ब्रिटिश अधिकारी पं. रूप चन्द जोशी के प्रयासों के फलस्वरूप माना जाता है। पं. रूप चन्द जोशी ने फलकथन की प्राचीन विधा की खोज कर इसे पुनस्र्थापित किया। लालकिताब के महान ज्ञाताओं के द्वारा यह अनुभवसिद्ध है कि लाल किताब के द्वारा अनुशंसित उपाय अशुभ ग्रहों के अशुभत्व को समाप्त कर शुभ फलदायी परिणाम देते हैं। यही नहीं इसके अलावा हर कार्य के लिए भी सटीक एवं उपयुक्त उपायों की चर्चा लाल किताब में की गइ्र्र है जैसे विवाह, सन्तान इत्यादि। फ्यूचर समाचार के इस विशेषांक में अनेक विषयों पर विद्वान ज्योतिषियों के आलेख उद्धृत हैं। फ्यूचर समाचार के इस विशेषांक में समाविष्ट कुछ अति महत्वपूर्ण आलेख हैं: लाल किताब एक परिचय, लाल किताब के विशेष नियम, पितृ ऋण, मातृ ऋण आदि की व्याख्या एवं फलादेश, लाल किताब के उपायों के प्रकार, ऋण एवं उनके उपाय, लाल किताब उपाय- जन्मकुण्डली के बिना भी मददगार, दान, मकान एवं धर्म स्थल संबंधी नियम, घरों के अनुसार ग्रहों का प्रभाव आदि। दूसरे अन्य महत्वपूर्ण एवं प्रशंसनीय आलेखों में शामिल हैं- ईशा का नन्हा विभोर, दी फूल, पंच पक्षी इत्यादि।

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